{"_id":"6aca93886655d6536e0f4e2a","slug":"nhm-contractual-employees-work-boycott-continues-orai-news-c-224-1-ori1005-150999-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: एनएचएम संविदा कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: एनएचएम संविदा कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी
विज्ञापन
फोटो-35-सीएमओ कार्यालय में नारेबाजी करते संविदा कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Archive
उरई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का बेमियादी कार्य बहिष्कार शनिवार को भी जारी रहा। जिला अस्पताल की आयुष और फिजियोथेरेपी विंग में ताला लटका रहने से मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा या दूसरे विकल्प तलाशने पड़े।
वहीं, कई एएनएम, सीएचओ और सीएचसी-पीएचसी में तैनात संविदा कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ने लगा है। आंदोलन को धार देने के लिए कुछ कर्मचारी शनिवार को लखनऊ रवाना हो गए, जबकि अन्य के रविवार को रवाना होने की तैयारी है।
सीएमओ कार्यालय परिसर में संविदा कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उनका कहना है कि एनएचएम कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन, अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी वेतन वृद्धि, रिक्त पदों को भरने और पद के आधार पर स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग उठाई। धरने में संगठन के अध्यक्ष सुशील मौर्य, मंत्री प्रदीप सोनी समेत करीब 200 कर्मचारी शामिल रहे।
विज्ञापन
वहीं, कई एएनएम, सीएचओ और सीएचसी-पीएचसी में तैनात संविदा कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ने लगा है। आंदोलन को धार देने के लिए कुछ कर्मचारी शनिवार को लखनऊ रवाना हो गए, जबकि अन्य के रविवार को रवाना होने की तैयारी है।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय परिसर में संविदा कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उनका कहना है कि एनएचएम कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन, अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी वेतन वृद्धि, रिक्त पदों को भरने और पद के आधार पर स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग उठाई। धरने में संगठन के अध्यक्ष सुशील मौर्य, मंत्री प्रदीप सोनी समेत करीब 200 कर्मचारी शामिल रहे।