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Jalaun News: खेतों में भरा बारिश का पानी, रबी की बोआई पर संकट

Sun, 11 Oct 2026 01:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:08 AM IST
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NHM contractual employees' work boycott continues.
फोटो - 04 परासन मौजे में फूल सिंह की तिल की फसल में भरा पानी। संवाद
आटा। मौसम की मार झेल रहे किसानों के सामने अब रबी की फसलों की बोआई का संकट खड़ा हो गया है। बीते दिनों हुई बारिश से खेतों में पानी भरा होने के कारण जुताई नहीं हो पा रही है। करीब एक हजार खेत में अभी भी पानी भरा है। पहले ही तिल की फसल बर्बाद हो चुकी है। अब किसानों को सफेद मटर, चना और मसूर की फसलों से नुकसान की भरपाई की उम्मीद थी, लेकिन जलभराव के चलते बोआई का समय निकलता जा रहा है।
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कालपी क्षेत्र के परासन, आटा, संदी, अकोढ़ी समेत आधा दर्जन गांवों में सैकड़ों बीघा खेत बिना जुताई के पड़े हैं। हालत यह है कि पिछले दिनों हुई बारिश के बाद करीब एक हजार बीघा खेतों में पानी नहीं निकल सका है। इससे किसानों की फसल तो नष्ट हो ही गई है, जबकि पानी न निकलने से जुताई भी नहीं हो पा रही है। सामान्य तौर पर 15 अक्तूबर से 28 तारीख तक इन फसलों की बोआई करना बेहतर माना जाता है। किसानों का कहना है कि बारिश नहीं होती तो अब तक खेतों में पलेवा कर बोआई शुरू हो गई होती। शाम को ओस गिरने से खेतों में नमी बनी रहती है और जमीन सूखने में समय लग रहा है। कुछ किसान पंप सेट लगाकर खेतों से पानी निकाल रहे हैं, जिस पर हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद समय पर बोआई हो पाने को लेकर संशय बना हुआ है। खरीफ की फसल में लागत तक नहीं निकल पाई और कई किसानों की कर्ज लेकर बोई गई तिल की फसल बर्बाद हो गई।
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किसानों को उम्मीद थी कि रबी की फसल से कुछ नुकसान की भरपाई हो जाएगी, लेकिन अब उस पर भी संकट मंडरा रहा है। तिल की फसल के नुकसान का मुआवजा भी अभी तक नहीं मिला है। किसानों को चिंता है कि खेतों से समय पर पानी नहीं निकला तो बोआई में देरी होगी और इसका असर पैदावार पर पड़ेगा।
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खेतों में पानी भरने से बढ़ी परेशानी
फोटो - 05 किसान नमोनारायण। संवाद
संदी गांव निवासी किसान नमोनारायण ने बताया कि बारिश से खेतों में पानी भर गया है। जमीन सूख नहीं रही, जिससे जोताई नहीं हो पा रही है। तिली की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। अब रबी की फसल की बोआई में देरी हो रही है। समय पर बोआई नहीं हुई तो पैदावार प्रभावित होगी।


नुकसान की भरपाई की उम्मीद भी धूमिल
फोटो - 06 किसान फूल सिंह। संवाद
अटरिया गांव निवासी किसान फूल सिंह ने बताया कि परासन मौजा में उनकी करीब तीस बीघा तिल की फसल में पानी भरने से नष्ट हो गई है। मुआवजा भी नहीं मिला है, पानी न निकलने से अब रबी की फसल की बोआई की चिंता सता रही है।

फोटो - 04 परासन मौजे में फूल सिंह की तिल की फसल में भरा पानी। संवाद

फोटो - 04 परासन मौजे में फूल सिंह की तिल की फसल में भरा पानी। संवाद

फोटो - 04 परासन मौजे में फूल सिंह की तिल की फसल में भरा पानी। संवाद

फोटो - 04 परासन मौजे में फूल सिंह की तिल की फसल में भरा पानी। संवाद

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