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नवरात्र आज से, विधि विधान से करें पूजा
अमर उजाला ब्यूरो उरई।
Updated Mon, 12 Oct 2015 11:43 PM IST
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उरई। इस बार नवरात्र दस
दिन की लग रही है। मंगलवार से शुरू होने वाले नवरात्र में मां भगवती का
पूजन प्रात: 11.42 मिनट से 12.26 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त में होगा। इस
मुहूर्त में घट स्थापना अत्यंत शुभफल प्रदायक सुख सौभाग्य कारक होगा। मां
भगवती की पूजा में सर्वप्रथम शुद्ध व पवित्र स्थान पर अष्टदल कमल बनाएं।
उसी स्थान पर मां दुर्गा की चौकी स्थापित करें।
मां दुर्गा को स्थापित करते समय उनका मुख उत्तर या पूर्व में रहे। दुर्गा जी के दाहिनी ओर गणेश गौरी की स्थापना करें। वहीं पर कलश की स्थापना करें। कलश में जल भरकर उसमें सप्तधान, सप्तरत्न व चांदी का सिक्का डाल दें। इसके बाद कलश पर लाल वस्त्र में लपेट कर श्रीफल को सन्मुख मुंह करके स्थापित करें। कलश के बाएं तरफ दीप प्रज्ज्वलित करें। पूजन करके पाठ का या जप का शुभारंभ करें। ऊं ऐ ही क्ली चामुंडाये विच्चे मंत्र का जाप करने से घर में सुख समृद्धि आती है।
प्रथम शैलपुत्री की आराधना से होती है इच्छापूर्ति
प्रथम शैलपुत्री दुर्गा का पहला रूप हैं। पंडित गौरव महाराज के अनुसार माता के शैलपुत्री स्वरूप के दर्शन मात्र से भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार नवरात्र दस दिन का है इसलिए नवरात्र के पहले दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।
मां दुर्गा को स्थापित करते समय उनका मुख उत्तर या पूर्व में रहे। दुर्गा जी के दाहिनी ओर गणेश गौरी की स्थापना करें। वहीं पर कलश की स्थापना करें। कलश में जल भरकर उसमें सप्तधान, सप्तरत्न व चांदी का सिक्का डाल दें। इसके बाद कलश पर लाल वस्त्र में लपेट कर श्रीफल को सन्मुख मुंह करके स्थापित करें। कलश के बाएं तरफ दीप प्रज्ज्वलित करें। पूजन करके पाठ का या जप का शुभारंभ करें। ऊं ऐ ही क्ली चामुंडाये विच्चे मंत्र का जाप करने से घर में सुख समृद्धि आती है।
प्रथम शैलपुत्री की आराधना से होती है इच्छापूर्ति
प्रथम शैलपुत्री दुर्गा का पहला रूप हैं। पंडित गौरव महाराज के अनुसार माता के शैलपुत्री स्वरूप के दर्शन मात्र से भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार नवरात्र दस दिन का है इसलिए नवरात्र के पहले दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।