Jalaun: मानदेय न मिलने पर नगर पालिका दफ्तर में हंगामा, सफाई कर्मी रेलिंग पर सिर पटककर हुआ लहूलुहान
कालपी थाना क्षेत्र में मानदेय न मिलने के मामले में सफाई कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। इसकी वजह से बहुत देर तक पालिका का काम बाधित रहा। अधिकारियों ने जल्द मानदेय देने का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया।
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जालौन जिले के कालपी थाना क्षेत्र में मानदेय न मिलने से नाराज प्राइवेट सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को नगर पालिका गेट पर जमकर हंगामा किया। धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस दौरान एक कर्मचारी ने रेलिंग से अपना सिर पटक दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गया।
अधिकारियों ने जल्द मानदेय देने का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। नगर का मोहल्ला फूलपुरा निवासी राजू बाल्मीकि का आरोप है किउसे कई महीने से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उसका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है।
इसी बात से नाराज सफाई कर्मचारी शनिवार की सुबह पालिका के गेट पर इकट्ठे हो गए और नारेबाजी करने लगे। पालिका कार्यालय का आवागमन ठप कर दिया। नगर पालिका के गेट पर प्रदर्शन होने से कचरा ढोने वाली गाड़ियां नहीं निकल सकीं।
प्रदर्शन की खबर सुनकर सफाई निरीक्षक सुनील कुमार राजपूत, लेखाधिकारी हर भूषण सिंह चौहान, वरिष्ठ लिपिक रमेश सिंह यादव के साथ कोतवाली कालपी के पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। इसी दौरान प्रदर्शनकारी राजू बाल्मीकि ने फंदा लगाने का प्रयास किया।
इसके बाद में उसने रेलिंग से सिर पटक दिया।इससे वह लहूलुहान हो गया। पुलिस किसी तरह उसे समझाकर कोतवाली ले गई। उसके बाद प्रदर्शनकारियों को पालिका के अधिकारियों ने समझाकर मामला शांत कराया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी वेदप्रकाश यादव ने बताया कि कर्मचारी अनावश्यक दबाव बनाना चाहते हैं।
राजू बाल्मीकि को मानदेय पिछले महीने तक का दिया जा चुका है। अब उसकी ड्यूटी नहीं चल रही है, उसके बाद भी वह दिसंबर का वेतन मांग रहा है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी देवा, सनी, अजय कुमार, जगरूप, सौरभ कुमार, सत्यम, बाबूलाल, सुमित, लाखन शामिल रहे।
कर्मचारियों को हटाने पर विवाद
ठेके पर रखे गए प्राइवेट कर्मचारियों को हटाने पर विवाद चल रहा है। नवंबर तक काम कराने के बाद इन कर्मचारियों को काम से हटा दिया गया था। इन कर्मचारियों को हटाने से नगर की सफाई व्यवस्था तो बिगड़ी ही साथ में विवाद भी खड़े हो रहे हैं।
इन कर्मचारियों ने तहसील दिवस में भी शिकायत की थी। पिछले दिनों सफाई निरीक्षक सुनील कुमार राजपूत तथा लिपिक रमेश सिंह यादव के बीच में भी विवाद हो गया था, जिसका सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो वायरल हो गया था।