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Jalaun News: पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास
Thu, 21 Sep 2023 11:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:32 AM IST
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उरई। पत्नी की हत्या में दोषी पति को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 1.25 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि उरई कोतवाली क्षेत्र के सरसौखी गांव निवासी उर्मिला ने चार जनवरी 2020 को पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें बताया कि उसने अपनी बेटी विनीता की शादी वर्ष 2011 में शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामनगर निवासी निवासी प्रमोद कुमार के साथ की थी। वर्ष 2018 से प्रमोद ने अपनी पत्नी की बात मायके वालों से नहीं करवाई। जब भी उर्मिला बात कराने के लिए कहती तो प्रमोद हमेशा कहता रहा कि वह पत्नी के साथ दिल्ली में है और हम दोनों लोग साथ में कोई दिक्कत नही है। शक होने पर उर्मिला ने पुलिस से शिकायत की। इस पर पुलिस ने प्रमोद कुमार को कोतवाली बुलाया।
पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि 2018 को ही उसने पत्नी की हत्या शव को घर के अंदर कमरे में दफना दिया था। पुलिस ने डीएम की अनुमति के बाद बताए हुए स्थान पर पहुंचकर महिला का कंकाल और उसकी साड़ी बरामद की। उर्मिला ने शव की पहचान अपनी बेटी विनीता के रूप में की। महिला ने दामाद के खिलाफ पत्नी की हत्या करने व सबूत मिटाने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्रमोद कुमार को जेल भेज दिया था। पुलिस ने दो मार्च 2020 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
जिला जज लल्लू सिंह की कोर्ट में तीन साल चले ट्रायल के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह और गवाहों के बयान के बाद जिला जज लल्लू सिंह ने प्रमोद कुमार को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि उरई कोतवाली क्षेत्र के सरसौखी गांव निवासी उर्मिला ने चार जनवरी 2020 को पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें बताया कि उसने अपनी बेटी विनीता की शादी वर्ष 2011 में शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामनगर निवासी निवासी प्रमोद कुमार के साथ की थी। वर्ष 2018 से प्रमोद ने अपनी पत्नी की बात मायके वालों से नहीं करवाई। जब भी उर्मिला बात कराने के लिए कहती तो प्रमोद हमेशा कहता रहा कि वह पत्नी के साथ दिल्ली में है और हम दोनों लोग साथ में कोई दिक्कत नही है। शक होने पर उर्मिला ने पुलिस से शिकायत की। इस पर पुलिस ने प्रमोद कुमार को कोतवाली बुलाया।
पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि 2018 को ही उसने पत्नी की हत्या शव को घर के अंदर कमरे में दफना दिया था। पुलिस ने डीएम की अनुमति के बाद बताए हुए स्थान पर पहुंचकर महिला का कंकाल और उसकी साड़ी बरामद की। उर्मिला ने शव की पहचान अपनी बेटी विनीता के रूप में की। महिला ने दामाद के खिलाफ पत्नी की हत्या करने व सबूत मिटाने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्रमोद कुमार को जेल भेज दिया था। पुलिस ने दो मार्च 2020 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
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जिला जज लल्लू सिंह की कोर्ट में तीन साल चले ट्रायल के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह और गवाहों के बयान के बाद जिला जज लल्लू सिंह ने प्रमोद कुमार को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
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