{"_id":"631b87b105d4582e9f26811e","slug":"life-imprisonment-for-deadly-attack-on-soldiers-orai-news-knp717277376","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस मुठभेड़ में एक को आजीवन कारावास, 57 हजार अर्थदंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस मुठभेड़ में एक को आजीवन कारावास, 57 हजार अर्थदंड
विज्ञापन
उरई। कैलिया थाना क्षेत्र में सिपाहियों पर जानलेवा हमले, सरकारी राइफल छीनने व एससी/एसटी एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट शिवकुमार ने एक दोषी को उम्र कैद और 57 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी मामले में चार अन्य दोषियों को पांच साल कैद और 12-12 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता हृदेश कुमार पांडेय ने बताया कि 13 मई 2012 को हेड कांस्टेबल निरंजन कुशवाहा और कांस्टेबल सत्यपाल सिंह नोटिस तामील करने कैलिया थाना क्षेत्र के डाबर गांव पहुंचे। नोटिस की तामीली के लिए सिपाहियों ने विमलेश, मुखिया और संतोष से हस्ताक्षर करने के लिए कहा।
इस दौरान वहां मौजूद संतोष के भाई मनोज पंडा और मनोज कौरव ने गालीगलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उन लोगों ने घेर लिया और लाठी, कुल्हाड़ी से वार कर दिया। नाजायज राइफल के बल पर कांस्टेबल सत्यपाल की राइफल छीनकर भाग गए। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और घायल कांस्टेबलों को लाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को अदालत ने संतोष उर्फ पप्पू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विमलेश, उसके भाई मुखिया, मनोज कौरव और मनोज पंडा को पांच साल की कैद की सजा सुनाई।
विज्ञापन
सहायक शासकीय अधिवक्ता हृदेश कुमार पांडेय ने बताया कि 13 मई 2012 को हेड कांस्टेबल निरंजन कुशवाहा और कांस्टेबल सत्यपाल सिंह नोटिस तामील करने कैलिया थाना क्षेत्र के डाबर गांव पहुंचे। नोटिस की तामीली के लिए सिपाहियों ने विमलेश, मुखिया और संतोष से हस्ताक्षर करने के लिए कहा।
विज्ञापन
इस दौरान वहां मौजूद संतोष के भाई मनोज पंडा और मनोज कौरव ने गालीगलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उन लोगों ने घेर लिया और लाठी, कुल्हाड़ी से वार कर दिया। नाजायज राइफल के बल पर कांस्टेबल सत्यपाल की राइफल छीनकर भाग गए। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और घायल कांस्टेबलों को लाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को अदालत ने संतोष उर्फ पप्पू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विमलेश, उसके भाई मुखिया, मनोज कौरव और मनोज पंडा को पांच साल की कैद की सजा सुनाई।