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लालजी को हराकर सचिन बने प्रधान
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 04 Oct 2016 11:08 PM IST
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उपचुनाव में विजयी प्रत्याशी सचिन।
- फोटो : अमर उजाला
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कुठौंद ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरसिंगपुर में प्रधान पद के लिए हुए उप चुनाव में सचिन पाठक ने अपने प्रतिद्वंद्वी लालजी तिवारी को 473 मतों से पराजित कर अपने पिता की विरासत को बनाए रखा है। सुबह शांति पूर्ण माहौल में मतगणना शुरू हुई जो दोपहर बाद तक चली। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी अखिलेश कुमार गौड़ ने परिणाम घोषित कर दिया।
जीत की खुशी में प्रत्याशी के समर्थकों ने होली दिवाली एक साथ मनाई। कुठौंद ब्लाक में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई। प्रत्याशियों के एजेंटों की मौजूदगी में मतगणना कर्मियों ने मतगणना की। पिता ओम पाठक के निधन के बाद रिक्त हुई ग्राम सभा हरसिंगपुर प्रधान की सीट पर उनके बेटे सचिन ने दावेदारी प्रस्तुत की थी। पिता की राजनीतिक
विरासत को संभालने के लिए उतरे बेटे को गांव के हर वर्ग का समर्थन मिला। यही वजह रही कि सचिन पाठक को 651 मत प्राप्त हुए जबकि प्रतिद्वंद्वी लालजी तिवारी को 117 और विनीता देवी को 119 मत प्राप्त हुए। मतगणना के बाद निर्वाचन अधिकारी ने परिणाम घोषित कर दिए। परिणाम बाहर आते ही पाठक के सर्मथकों ने गोला छुटाकर अपनी खुशी का
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इजहार किया। प्रमाण पत्र लेकर जैसे ही सचिन बाहर निकले तो उन्हें गांव के लोगों ने फूल मालाओं से लाद दिया। मतगणना के दौरान कोई अव्यवस्था न फैल सके इसके लिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए थे।
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जीत की खुशी में प्रत्याशी के समर्थकों ने होली दिवाली एक साथ मनाई। कुठौंद ब्लाक में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई। प्रत्याशियों के एजेंटों की मौजूदगी में मतगणना कर्मियों ने मतगणना की। पिता ओम पाठक के निधन के बाद रिक्त हुई ग्राम सभा हरसिंगपुर प्रधान की सीट पर उनके बेटे सचिन ने दावेदारी प्रस्तुत की थी। पिता की राजनीतिक
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विरासत को संभालने के लिए उतरे बेटे को गांव के हर वर्ग का समर्थन मिला। यही वजह रही कि सचिन पाठक को 651 मत प्राप्त हुए जबकि प्रतिद्वंद्वी लालजी तिवारी को 117 और विनीता देवी को 119 मत प्राप्त हुए। मतगणना के बाद निर्वाचन अधिकारी ने परिणाम घोषित कर दिए। परिणाम बाहर आते ही पाठक के सर्मथकों ने गोला छुटाकर अपनी खुशी का
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इजहार किया। प्रमाण पत्र लेकर जैसे ही सचिन बाहर निकले तो उन्हें गांव के लोगों ने फूल मालाओं से लाद दिया। मतगणना के दौरान कोई अव्यवस्था न फैल सके इसके लिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए थे।