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Jalaun News: शहर के कई स्थानों पर लगा जाम, फंसे वााहन
Thu, 21 Mar 2024 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 21 Mar 2024 12:17 AM IST
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उरई। शहर में जाम की समस्या से निजात नहीं मिल रहा है। बाजार की मुख्य सड़कों की हालत सबसे बदतर है। पांच मिनट का सफर आधा घंटे में तय हो पाता है। होली का त्योहार भी आ गया है। ऐसे में बाजार में भीड़ बढ़ने लगी है। यातायात व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। बुधवार को भी शहर में कई स्थानों पर लोग जाम में फंसे नजर आए। पांच से दस मिनट में जाम से निजात मिल पाई। उसके बाद फिर से रुक-रूक कर जाम लगता रहा।
जाम का कारण-
- शहर में कोई वाहन स्टैंड नहीं।
- वाहनों को बेतरतीब तरीके से खड़ा किया जाता है।
- दुकानों और अस्पतालों के बाहर अतिक्रमण और वाहनों का जमावड़ा।
- जगह जगह अतिक्रमण हो गया।
- पार्किंग के लिए कोई स्थान नहीं, फुटपाथ भी कब्जा है।
कैसे मिल सकती है निजात-
- वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था हो।
- फुटपाथ को कब्जा मुक्त कराकर उसमें वाहन खड़े किए जाएं।
- सड़क का चौड़ीकरण हो।
- हर मोड़ पर पर्याप्त ट्रॉफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती हो।
केस-1
शहर के आंबेडकर चौराहे से लेकर महिला अस्पताल तक सुबह करीब 11 बजे जाम में वाहन फंसे नजर आए। पांच मिनट बाद महिला अस्पताल का जाम खुल पाया। अस्पताल के पास बैठा होमगार्ड जवान जाम का नजारा देख रहा था। उसने जाम खुलवाने का कोई प्रयास नहीं किया।
केस-2
कालपी बस स्टैंड से बिजली घर तक करीब 11.30 बजे तक वाहन रेंगते नजर आए। धीरे-धीरे वाहन दस मिनट तक रेंगते रहे। तब जाकर वह निकल पाए। पांच मिनट बाद स्थिति जस के तस हो गई। आसपास जाम खुलवाने के लिए कोई होमगार्ड और पुलिस ट्रैफिक पुलिस का जवान नहीं दिखा।
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वर्जन-
व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फोर्स की बहुत कमी है। 50 ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के स्थान पर 25 की तैनाती है। व्यवस्था सुधारने के लिए रोजाना पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी बदली जाती है।
-वीर बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी
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त्योहार को लेकर ईओ और कोतवाल को निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार का स्थाई अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। लगातार निरीक्षण करते रहें। त्योहार को लेकर थोड़ा भीड़ बढ़ जाती है। इस लिए समस्या आ रही है।
अजित कुमार जायसवाल, नगर मजिस्ट्रेट
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जाम का कारण-
- शहर में कोई वाहन स्टैंड नहीं।
- वाहनों को बेतरतीब तरीके से खड़ा किया जाता है।
- दुकानों और अस्पतालों के बाहर अतिक्रमण और वाहनों का जमावड़ा।
- जगह जगह अतिक्रमण हो गया।
- पार्किंग के लिए कोई स्थान नहीं, फुटपाथ भी कब्जा है।
कैसे मिल सकती है निजात-
- वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था हो।
- फुटपाथ को कब्जा मुक्त कराकर उसमें वाहन खड़े किए जाएं।
- सड़क का चौड़ीकरण हो।
- हर मोड़ पर पर्याप्त ट्रॉफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती हो।
केस-1
शहर के आंबेडकर चौराहे से लेकर महिला अस्पताल तक सुबह करीब 11 बजे जाम में वाहन फंसे नजर आए। पांच मिनट बाद महिला अस्पताल का जाम खुल पाया। अस्पताल के पास बैठा होमगार्ड जवान जाम का नजारा देख रहा था। उसने जाम खुलवाने का कोई प्रयास नहीं किया।
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केस-2
कालपी बस स्टैंड से बिजली घर तक करीब 11.30 बजे तक वाहन रेंगते नजर आए। धीरे-धीरे वाहन दस मिनट तक रेंगते रहे। तब जाकर वह निकल पाए। पांच मिनट बाद स्थिति जस के तस हो गई। आसपास जाम खुलवाने के लिए कोई होमगार्ड और पुलिस ट्रैफिक पुलिस का जवान नहीं दिखा।
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वर्जन-
व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फोर्स की बहुत कमी है। 50 ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के स्थान पर 25 की तैनाती है। व्यवस्था सुधारने के लिए रोजाना पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी बदली जाती है।
-वीर बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी
त्योहार को लेकर ईओ और कोतवाल को निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार का स्थाई अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। लगातार निरीक्षण करते रहें। त्योहार को लेकर थोड़ा भीड़ बढ़ जाती है। इस लिए समस्या आ रही है।
अजित कुमार जायसवाल, नगर मजिस्ट्रेट