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गोशालाओं में ताला, सड़कों पर मवेशी
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हमीरपुर जोहलपुर हाइवे में अन्ना मवेसी
- फोटो : ORAI
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कदौरा। अधिकारियों की अनदेखी से क्षेत्र की अधिकांश गोशालाएं बंद हैं, जिससे अन्ना मवेशी भूख-प्यास से सड़कों पर इधर-उधर भटक रहे हैं।
क्षेत्र में 50 से अधिक गोशालाएं हैं, पर इन गोशालाओं से मवेशियों को अप्रैल में ही छोड़ दिया गया था। जिससे अन्ना मवेशी चारे-पानी की तलाश में सड़कों पर भटक रहे हैं। इस कारण आए दिन सड़कों पर दुर्घटनाएं हो रही है। हमीरपुर-जोल्हूपुर हाईवे बवीना, कांसीरामपुर गांव के समीप हाईवे पर ही सैकड़ों मवेशी डेरा जमाए नजर आते हैं।
क्षेत्र के जगदीश, रामजीवन, राजेन्द्र सिंह आदि ने बताया कि सरकार अन्ना मवेशियों के संरक्षण व भूसे चारे के लिए जो धनराशि भेजती है, उसका बंदरबांट जिम्मेदार कर लेते हैं और मवेशियों को गोशालाओं से खुले में छोड़ देते है। स्थिति यह है कि गोशालाएं सिर्फ कागजों में संचालित हो रही हैं। क्षेत्र के ग्राम गररेही व कुरहना आलमगीर के किसानों में भी रोष व्याप्त है। बवीना प्रधान पति रामहेत ने कहा कि अस्थायी गोशाला है, जब स्थायी होगी तब मवेशी बंद करेंगे।
एसडीएम कौशल कुमार ने बताया कि जल्द वह क्षेत्र की गोशालाओं का निरीक्षण करेंगे और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चर्चित हैं क्षेत्र की कई गोशालाएं
विगत वर्ष पूर्व बवीना गोशाला में एक दर्जन मवेशियों की मौत हुई थी। जिस पर नोडल अधिकारी धीरज साहू ने सचिव को निलंबित किया था। वही, ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम इकौना, जकसिया, मरगांया, बडागांव लमसर की गोशालाओं में किसान अन्ना मवेशियों के कारण भिड़ चुके हैं, जिसमें जमकर मारपीट भी हो चुकी है। इसके बाद भी अधिकारी उदासीनता बरते हुए हैं।
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क्षेत्र में 50 से अधिक गोशालाएं हैं, पर इन गोशालाओं से मवेशियों को अप्रैल में ही छोड़ दिया गया था। जिससे अन्ना मवेशी चारे-पानी की तलाश में सड़कों पर भटक रहे हैं। इस कारण आए दिन सड़कों पर दुर्घटनाएं हो रही है। हमीरपुर-जोल्हूपुर हाईवे बवीना, कांसीरामपुर गांव के समीप हाईवे पर ही सैकड़ों मवेशी डेरा जमाए नजर आते हैं।
क्षेत्र के जगदीश, रामजीवन, राजेन्द्र सिंह आदि ने बताया कि सरकार अन्ना मवेशियों के संरक्षण व भूसे चारे के लिए जो धनराशि भेजती है, उसका बंदरबांट जिम्मेदार कर लेते हैं और मवेशियों को गोशालाओं से खुले में छोड़ देते है। स्थिति यह है कि गोशालाएं सिर्फ कागजों में संचालित हो रही हैं। क्षेत्र के ग्राम गररेही व कुरहना आलमगीर के किसानों में भी रोष व्याप्त है। बवीना प्रधान पति रामहेत ने कहा कि अस्थायी गोशाला है, जब स्थायी होगी तब मवेशी बंद करेंगे।
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एसडीएम कौशल कुमार ने बताया कि जल्द वह क्षेत्र की गोशालाओं का निरीक्षण करेंगे और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चर्चित हैं क्षेत्र की कई गोशालाएं
विगत वर्ष पूर्व बवीना गोशाला में एक दर्जन मवेशियों की मौत हुई थी। जिस पर नोडल अधिकारी धीरज साहू ने सचिव को निलंबित किया था। वही, ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम इकौना, जकसिया, मरगांया, बडागांव लमसर की गोशालाओं में किसान अन्ना मवेशियों के कारण भिड़ चुके हैं, जिसमें जमकर मारपीट भी हो चुकी है। इसके बाद भी अधिकारी उदासीनता बरते हुए हैं।
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