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आश्रय गृहों में मिली खामिया, जांच समिति ने जताई नाराजगी
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वृद्धा आश्रम में निरीक्षण करते न्यायिक अधिकारी
- फोटो : ORAI
उरई। न्यायिक अधिकारियों की समिति ने राठ रोड में संचालित वृद्धाश्रम एवं मोहल्ला लहरियापुरवा स्थित आश्रयगृह का औचक निरीक्षण किया। इन दोनों स्थानों पर कई कमियां मिलीं। शेल्टर होम को लेकर तो समिति खासी नाराज दिखी और इसके लिए डीएम को प्रमुख सचिव को पत्राचार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण करने वाली इस अनुश्रवण समिति में एडीजे अमित पाल सिंह, कुटुंब न्यायाधीश रीता गुप्ता, सीजेएम प्रशांत कुमार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव विवेक कुमार सिंह ने सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड में एनजीओ के सहयोग से संचालित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। जहां 59 संवासी मिले, जबकि पंजीकरण रजिस्टर में 85 नाम दर्ज थे। इस बाबत व्यवस्थापक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उपस्थिति पंजिका में दर्ज कर्मचारियों में से एक कर्मचारी नदारद मिला।
फिर चाय-नाश्ता और सुबह-शाम के भोजन के संबंध में मेन्यू चार्ट को क्रॉस चेक भी किया गया, जिसमें भिन्नता मिली। भंडार गृह का निरीक्षण करने पर पाया गया कि स्टाक रजिस्टर में दर्ज सामग्री मौके पर कम मात्रा मिली। इसके बाद नगर पालिका सहयोग से लहरियापुरवा में संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) के निरीक्षण के दौरान भूतल एवं प्रथम तल के कई कक्षों में नगर पालिका का सामान भरा मिला। आश्रित पंजिका में निरीक्षण तिथि में 11 पंजीकरण मिले। स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा के संबंध में यहां कोई व्यवस्था नहीं मिली।
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आश्रय गृह के प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि वह इसके लिए संबंधित अधिकारी से आवश्यक पत्राचार करें। इस दौरान निरीक्षण समिति ने इस बात पर नाराजगी जताई कि शेल्टर होम का रखरखाव और उपयोगिता नियमानुसार नहीं है। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद इसका सदुपयोग नहीं हो रहा है। प्रचार प्रसार न हो पाने से पात्र निराश्रितों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा हैं। इसके संबंध में पूर्व निरीक्षणों में भी दिशा निर्देश दिए गए लेकिन उनका अनुपालन नहीं किया गया। जो आपत्तिजनक है। इस संबंध में अधीनस्थ को निर्देशित किया गया है कि इस मामले में कार्रवाई के लिए डीएम और प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को पत्र लिखा जाए।
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निरीक्षण करने वाली इस अनुश्रवण समिति में एडीजे अमित पाल सिंह, कुटुंब न्यायाधीश रीता गुप्ता, सीजेएम प्रशांत कुमार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव विवेक कुमार सिंह ने सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड में एनजीओ के सहयोग से संचालित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। जहां 59 संवासी मिले, जबकि पंजीकरण रजिस्टर में 85 नाम दर्ज थे। इस बाबत व्यवस्थापक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उपस्थिति पंजिका में दर्ज कर्मचारियों में से एक कर्मचारी नदारद मिला।
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फिर चाय-नाश्ता और सुबह-शाम के भोजन के संबंध में मेन्यू चार्ट को क्रॉस चेक भी किया गया, जिसमें भिन्नता मिली। भंडार गृह का निरीक्षण करने पर पाया गया कि स्टाक रजिस्टर में दर्ज सामग्री मौके पर कम मात्रा मिली। इसके बाद नगर पालिका सहयोग से लहरियापुरवा में संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) के निरीक्षण के दौरान भूतल एवं प्रथम तल के कई कक्षों में नगर पालिका का सामान भरा मिला। आश्रित पंजिका में निरीक्षण तिथि में 11 पंजीकरण मिले। स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा के संबंध में यहां कोई व्यवस्था नहीं मिली।
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आश्रय गृह के प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि वह इसके लिए संबंधित अधिकारी से आवश्यक पत्राचार करें। इस दौरान निरीक्षण समिति ने इस बात पर नाराजगी जताई कि शेल्टर होम का रखरखाव और उपयोगिता नियमानुसार नहीं है। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद इसका सदुपयोग नहीं हो रहा है। प्रचार प्रसार न हो पाने से पात्र निराश्रितों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा हैं। इसके संबंध में पूर्व निरीक्षणों में भी दिशा निर्देश दिए गए लेकिन उनका अनुपालन नहीं किया गया। जो आपत्तिजनक है। इस संबंध में अधीनस्थ को निर्देशित किया गया है कि इस मामले में कार्रवाई के लिए डीएम और प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को पत्र लिखा जाए।