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हैंडलूम के गोदाम में लगी आग, लाखों का नुकसान
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कोंच (जालौन)। रेलवे स्टेशन के पास हैंडलूम कपड़ों की दुकान और फर्नीचर गोदाम में शनिवार की रात आग लगने से लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। आगजनी के दौरान व्यवसायी परिवार के साथ गोदाम के ऊपरी हिस्से में बने घर में सो रहा था। जब सामान जलने की दुर्गंध आई तो व्यवसायी को आग लगने की जानकारी हुई। बदहवास व्यवसायी और उसके परिजनों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला तो उन्होंने छत से बालू के ढेर पर कूदकर जान बचाई। सूचना पर फायर बिग्रेड की तीन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
कोंच रेलवे स्टेशन के सामने मियागंज में वीरेंद्र अग्रवाल की हैंडलूम कपड़ों की थोक दुकान और फर्नीचर का गोदाम है। ऊपरी हिस्से में वीरेंद्र का घर भी है। दुकान और गोदाम में कुछ निर्माण कार्य भी चल रहा था। शनिवार की रात लगभग एक बजे अचानक गोदाम में रखे फर्नीचर में आग लग गई।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें देख आसपास के लोग जाग गए। लोगों ने वीरेंद्र को जगाने के लिए उनके घर में ईंट पत्थर फेंके, लेकिन उनकी नींद नहीं खुली। जब सामान जलने की दुर्गंध बेडरूम में पहुंची तब वीरेंद्र की आंख खुली और उन्होंने पत्नी और दो बच्चों को जगाया। बदहवास वीरेंद्र का परिवार बाहर निकलने की कोशिश में जुट गया लेकिन आग इतनी विकराल थी कि उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं सूझा। जान बचाने के लिए वीरेंद्र पत्नी और दोनों बच्चों के साथ छत से घर के बाहर पड़े बालू के ढेर पर कूद गए। इसमें वीरेंद्र चुटहिल हो गए।
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सूचना पर इंस्पेक्टर बलिराज शाही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और फायर बिग्रेड को बुलाया। कोंच फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी से आग बुझती न देख उरई और जालौन की दमकल बुला ली गईं। आग की भयावहता लगातार बढ़ती देख पुलिस ने आसपास का पूरा इलाका खाली करा दिया था। तीनों गाड़ियों ने मोहल्लेवालों की मदद से कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में दो दोपहिया वाहन भी झुलसकर क्षतिग्रस्त हो गए। वीरेंद्र ने करीब 35 लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही। हालांकि अधिकारियों ने मोटे तौर पर 20-25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है।
दुकान और गोदाम में लगी आग को बुझाने में मोहल्लेवालों का सराहनीय सहयोग रहा। आसपास के लोगों ने आग की लपटें देखकर दुकान के ऊपर बने घर में सो रहे दुकान मालिक के परिवार को जगाने के प्रयास किया। जब नींद नहीं खुली तो ईंट पत्थर फेंककर मालिक को जगाया। जब फायर सर्विस को फोन लगाया तो फोन नहीं लगा, इस पर मोहल्ले के लोग दौड़कर फायर सर्विस को सूचना देने गए। लोग अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाने में लग गए।
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कोंच रेलवे स्टेशन के सामने मियागंज में वीरेंद्र अग्रवाल की हैंडलूम कपड़ों की थोक दुकान और फर्नीचर का गोदाम है। ऊपरी हिस्से में वीरेंद्र का घर भी है। दुकान और गोदाम में कुछ निर्माण कार्य भी चल रहा था। शनिवार की रात लगभग एक बजे अचानक गोदाम में रखे फर्नीचर में आग लग गई।
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देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें देख आसपास के लोग जाग गए। लोगों ने वीरेंद्र को जगाने के लिए उनके घर में ईंट पत्थर फेंके, लेकिन उनकी नींद नहीं खुली। जब सामान जलने की दुर्गंध बेडरूम में पहुंची तब वीरेंद्र की आंख खुली और उन्होंने पत्नी और दो बच्चों को जगाया। बदहवास वीरेंद्र का परिवार बाहर निकलने की कोशिश में जुट गया लेकिन आग इतनी विकराल थी कि उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं सूझा। जान बचाने के लिए वीरेंद्र पत्नी और दोनों बच्चों के साथ छत से घर के बाहर पड़े बालू के ढेर पर कूद गए। इसमें वीरेंद्र चुटहिल हो गए।
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सूचना पर इंस्पेक्टर बलिराज शाही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और फायर बिग्रेड को बुलाया। कोंच फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी से आग बुझती न देख उरई और जालौन की दमकल बुला ली गईं। आग की भयावहता लगातार बढ़ती देख पुलिस ने आसपास का पूरा इलाका खाली करा दिया था। तीनों गाड़ियों ने मोहल्लेवालों की मदद से कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में दो दोपहिया वाहन भी झुलसकर क्षतिग्रस्त हो गए। वीरेंद्र ने करीब 35 लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही। हालांकि अधिकारियों ने मोटे तौर पर 20-25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है।
दुकान और गोदाम में लगी आग को बुझाने में मोहल्लेवालों का सराहनीय सहयोग रहा। आसपास के लोगों ने आग की लपटें देखकर दुकान के ऊपर बने घर में सो रहे दुकान मालिक के परिवार को जगाने के प्रयास किया। जब नींद नहीं खुली तो ईंट पत्थर फेंककर मालिक को जगाया। जब फायर सर्विस को फोन लगाया तो फोन नहीं लगा, इस पर मोहल्ले के लोग दौड़कर फायर सर्विस को सूचना देने गए। लोग अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाने में लग गए।