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‘कोरोना’ का डर ऐसा, ट्रेनों से ‘कतरा’ रहे यात्री
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विपिन दीक्षित
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। कोरोना का खौफ अब ट्रेनों पर भी दिखने लगा है। यात्री बाहर जाने से कतरा रहे हैं तो स्टेशन की आरक्षण खिड़की पर टिकटें रद्द कराने वालों की लाइन भी बढ़ती जा रही है। जैसे-जैसे कोरोना का प्रभाव यूपी और आसपास के राज्यों में बढ़ रहा है, वैसे ही रद्द होने वाले टिकटों की संख्या भी बढ़ रही है। बीते दो दिन में पचास से भी अधिक यात्रियों ने अपनी यात्रा निरस्त कर टिकट कैंसिल कराए हैं। इधर रेलवे भी यात्रियों को चेताने के लिए बीमारी से बचने के उपाय का एनाउंसमेंट स्टेशन पर करा रहा है। स्थिति ये है कि जो यात्री ट्रेनों से आते जाते दिख भी रहे हैं वो मास्क पहने ही नजर आ रहे हैं।
प्रदेश में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या से यात्री भी सहमे हैं। यूपी के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ समेत 13 राज्यों में कोरोना के संदिग्ध मरीज मिले हैं। लिहाजा इन राज्यों की ओर रुख करने में यात्री घबरा रहे हैं। ट्रेनों और स्टेशनों पर होने वाली भीड़ को देखते हुए अब यात्रियों ने कोरोना से बचाव के लिए यात्रा रद्द करने का मन बना लिया है। सबसे अधिक असर वैष्णो देवी, शिरडी के साईं बाबा, अजमेर शरीफ जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। शनिवार दोपहर तक करीब सौ से अधिक टिकट आरक्षण खिड़की से रद्द कराए जा चुके थे। यह सभी आरक्षण दो दिनों की यात्रा के थे। इन टिकटों की कीमत करीब एक लाख रुपये के आसपास बताई जा रही है। रेल अधिकारियों का भी कहना है कि कोरोना की वजह से ही यात्रियों की संख्या तो कुछ कम हुई है, लेकिन फिलहाल बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ा है।
ट्रेनों में रद्द टिकटों की संख्या
उद्योग नगरी में 05, मंगला एक्सप्रेस में 10, लखनऊ मुंबई एक्सप्रेस में 03, मालवा एक्सप्रेस में 22,
संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में 11, पुष्पक एक्सप्रेस में 17, उद्योगकर्मी एक्सप्रेस में 07 और छपरा मेल में 22
नोट- यह संख्या गुरुवार से शनिवार के मध्य रद्द हुए टिकटों की है।
जनरल बोगियों में कम हुई मारामारी
करीब एक सप्ताह पूर्व तक जिन ट्रेनों की जनरल बोगियों में पैर रखने की भी जगह नहीं मिलती थी, उनकी स्थिति भी काफी बदली है। शनिवार दोपहर करीब एक बजे झांसी की ओर से आने वाली जन साधारण एक्सप्रेस की जनरल बोगी में बिल्कुल भी मारामारी नहीं दिख रही थी। जितने भी यात्री बोगी थे, सभी सीटों पर आराम से बैठे ही नजर आ रहे थे।
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शिरडी जाने का इरादा बदला
रामनगर, उरई निवासी विपिन दीक्षित ने बताया कि वह अपने चार परिजन और साथियों के साथ 14 मार्च को पुष्पक एक्सप्रेस से तीन दिन के लिए नासिक साईं बाबा के दर्शन के लिए जाने वाले थे। कोरोना का ऐसा हौव्वा है कि साथ के लोग अब यात्रा करने से कतरा रहे हैं, लिहाजा अब सभी की टिकटें रद्द करानी पड़ रही है। आगे फिर कभी देखा जाएगा।
स्कूल बंद तो जाकर क्या करेंगे
डकोर ब्लाक के ददरी गांव निवासी शिक्षक विजय पाल के मुताबिक, वह छपरा स्थित स्कूल में पढ़ाते हैं, पता लगा कि कोरोना के कारण सभी स्कूल कालेज कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए हैं। लिहाजा अब जाने से कोई फायदा नहीं। इस कारण ही वे अपना छपरा मेल का आरक्षण रद्द कराने स्टेशन आए हैं।
कंट्रोल रूम और एंबुलेंस भी तैयार
रेलवे के मंडलीय चिकित्साधिकारी डॉ अनुज कुमार सिंह का कहना है कि रेल प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। कंट्रोल रूम में किसी भी यात्री के विषय में कोरोना संबंधी कोई भी सूचना मिलते ही बोगी के पास एंबुलेंस पहुंच जाएगी और मरीज को तत्काल ही ट्रीटमेंट देने का प्रयास किया जाएगा। कंट्रोल रूम का नंबर 9794838945 है।
जागरुकता के साथ हेल्प डेस्क भी
उरई। झांसी मंडल के डीआरएम संदीप माथुर का कहना है कि बीमारी से बचाव का सबसे बेहतर तरीका जागरुकता है, इसके लिए रेलवे की ओर से एनाउंसमेंट व पंफलेट बांटने की भी व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं बड़े स्टेशनों पर हेल्प डेस्क भी खोली जा रही है। जहां संक्रमित मरीज की सूचना मिलते उपचार के प्रयास शुरू कर दिए जाएंगे।
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प्रदेश में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या से यात्री भी सहमे हैं। यूपी के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ समेत 13 राज्यों में कोरोना के संदिग्ध मरीज मिले हैं। लिहाजा इन राज्यों की ओर रुख करने में यात्री घबरा रहे हैं। ट्रेनों और स्टेशनों पर होने वाली भीड़ को देखते हुए अब यात्रियों ने कोरोना से बचाव के लिए यात्रा रद्द करने का मन बना लिया है। सबसे अधिक असर वैष्णो देवी, शिरडी के साईं बाबा, अजमेर शरीफ जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। शनिवार दोपहर तक करीब सौ से अधिक टिकट आरक्षण खिड़की से रद्द कराए जा चुके थे। यह सभी आरक्षण दो दिनों की यात्रा के थे। इन टिकटों की कीमत करीब एक लाख रुपये के आसपास बताई जा रही है। रेल अधिकारियों का भी कहना है कि कोरोना की वजह से ही यात्रियों की संख्या तो कुछ कम हुई है, लेकिन फिलहाल बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ा है।
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ट्रेनों में रद्द टिकटों की संख्या
उद्योग नगरी में 05, मंगला एक्सप्रेस में 10, लखनऊ मुंबई एक्सप्रेस में 03, मालवा एक्सप्रेस में 22,
संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में 11, पुष्पक एक्सप्रेस में 17, उद्योगकर्मी एक्सप्रेस में 07 और छपरा मेल में 22
नोट- यह संख्या गुरुवार से शनिवार के मध्य रद्द हुए टिकटों की है।
जनरल बोगियों में कम हुई मारामारी
करीब एक सप्ताह पूर्व तक जिन ट्रेनों की जनरल बोगियों में पैर रखने की भी जगह नहीं मिलती थी, उनकी स्थिति भी काफी बदली है। शनिवार दोपहर करीब एक बजे झांसी की ओर से आने वाली जन साधारण एक्सप्रेस की जनरल बोगी में बिल्कुल भी मारामारी नहीं दिख रही थी। जितने भी यात्री बोगी थे, सभी सीटों पर आराम से बैठे ही नजर आ रहे थे।
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शिरडी जाने का इरादा बदला
रामनगर, उरई निवासी विपिन दीक्षित ने बताया कि वह अपने चार परिजन और साथियों के साथ 14 मार्च को पुष्पक एक्सप्रेस से तीन दिन के लिए नासिक साईं बाबा के दर्शन के लिए जाने वाले थे। कोरोना का ऐसा हौव्वा है कि साथ के लोग अब यात्रा करने से कतरा रहे हैं, लिहाजा अब सभी की टिकटें रद्द करानी पड़ रही है। आगे फिर कभी देखा जाएगा।
स्कूल बंद तो जाकर क्या करेंगे
डकोर ब्लाक के ददरी गांव निवासी शिक्षक विजय पाल के मुताबिक, वह छपरा स्थित स्कूल में पढ़ाते हैं, पता लगा कि कोरोना के कारण सभी स्कूल कालेज कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए हैं। लिहाजा अब जाने से कोई फायदा नहीं। इस कारण ही वे अपना छपरा मेल का आरक्षण रद्द कराने स्टेशन आए हैं।
कंट्रोल रूम और एंबुलेंस भी तैयार
रेलवे के मंडलीय चिकित्साधिकारी डॉ अनुज कुमार सिंह का कहना है कि रेल प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। कंट्रोल रूम में किसी भी यात्री के विषय में कोरोना संबंधी कोई भी सूचना मिलते ही बोगी के पास एंबुलेंस पहुंच जाएगी और मरीज को तत्काल ही ट्रीटमेंट देने का प्रयास किया जाएगा। कंट्रोल रूम का नंबर 9794838945 है।
जागरुकता के साथ हेल्प डेस्क भी
उरई। झांसी मंडल के डीआरएम संदीप माथुर का कहना है कि बीमारी से बचाव का सबसे बेहतर तरीका जागरुकता है, इसके लिए रेलवे की ओर से एनाउंसमेंट व पंफलेट बांटने की भी व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं बड़े स्टेशनों पर हेल्प डेस्क भी खोली जा रही है। जहां संक्रमित मरीज की सूचना मिलते उपचार के प्रयास शुरू कर दिए जाएंगे।

विजय पाल सिंह- फोटो : ORAI

डीआरएम संदीप माथुर- फोटो : ORAI

मास्क लगाकर स्टेशन से बाहर निकलती महिला यात्री। - फोटो : ORAI

मुंबई छपरा एक्सप्रेस में बोगी में सीटों पर आराम से बैठे यात्री- फोटो : ORAI