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ट्यूबवेल खराब, 700 बीघा जमीन की बुवाई फंसी

Thu, 21 Nov 2019 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2019 12:27 AM IST
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मुहम्मदाबाद/आटा। रबी की फसल की बुवाई पर ही संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कई गांव में बने सरकारी ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। उनके चालू न होने से किसानों के सामने बुवाई के लिए पानी का संकट बना हुआ है। किसानों का कहना है कि पहले तो खाद बीज की महंगाई फिर पानी की किल्लत और किसी तरह फसल हो जाए तो अन्ना मवेशियों की मुसीबत सब कुछ झेलने के बाद खेती से तो अब सिर्फ तौबा करने का मन करता है। आटा व मुहम्मदाबाद गांव में करीब 700 बीघा जमीन की बुवाई नलकूपों के खराब होने से फंसी पड़ी है।
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डकोर ब्लाक के गांव मुहम्मदाबाद में 11 नंबर ट्यूबवेल बीते कई दिनों से खराब पड़ा है, जिसके चलते गांव की करीब 400 जमीन पर रबी की बुवाई नहीं हो पा रही है। किसानों को दूरदराज के प्राइवेट ट्यूबवेल से किराये पर पानी लेना पड़ रहा है, जिससे खेती काफी महंगी हो रही है। इससे गुस्साए किसानों ने बुधवार को प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। गांव के किसान राधे राजपूत, सुंदरलाल, श्याम सुंदर साहू का कहना है कि कई बार समाधान दिवस में भी अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रऊफ खां, इकराम खां, मुन्ना राजपूत के मुताबिक नेता भी कोई सुनवाई नहीं करते हैं, सिर्फ वोट के लिए नजर आते हैं, समस्या को देखने वाला कोई नहीं है।
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आटा प्रतिनिधि के मुताबिक, कस्बे में स्थित सोलर लाइट से चलने वाला ट्यूबवेल 48 लाख रुपये खर्च कर बनाया गया था, जिससे आसपास की 100 बीघा जमीन पर पलेवा और सिंचाई हुआ करती थी। पिछले काफी समय से ट्यूबवेल खराब पड़ा है। जिस कारण बुवाई और सिंचाई दोनों ही प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि मामूली सी खराबी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। इस कारण पलेवा ही करीब 15 दिन लेट हो गया है। इसी तरह मोजा भबुआ में बना 195 ट्यूबवेल भी बीते एक साल से खराब पड़ा है। यहां भी 200 बीघा जमीन पलेवा के लिए पानी का इंतजार कर रही है। एडीएम प्रमिल कुमार का कहना है कि जहां से भी ट्यूबवेल खराब होने की शिकायत मिल रही है, उसे ठीक कराकर किसानों की समस्या का निदान किया जा रहा है।
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