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बबीना सीट पर फरहा नाज की ननद जीतीं

Mon, 08 Aug 2016 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Mon, 08 Aug 2016 11:03 PM IST
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Farah naz won the sister of Babina seat
जीत पर आसना को प्रमाण पत्र देतीं जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप कौर। - फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत बबीना सीट के उप चुनाव का परिणाम सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतों की गिनती के बाद घोषित कर दिया गया। इस सीट पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मरहूम फरहा नाज के परिवार का कब्जा बरकरार रहा। उनकी ननद गुलौली निवासी आसना खातून ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी नीलम यादव को 166 वोट से पराजित
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किया। परिणाम घोषित होते ही आसना के समर्थकों ने गोले दागकर खुशी का इजहार किया। दूसरी तरफ पराजित प्रत्याशी के एजेंट ने निर्वाचन अधिकारी से गड़बड़ी की आशंका जताते हुए दोबारा मतगणना कराने की मांग की। इस पर दो घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। प्रशासन के अड़ियल रवैये पर गुस्साई भीड़ ने मतगणना स्थल के बाहर
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जमकर नारेबाजी करते हुए पथराव कर दिया। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया। आखिर में विजयी प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया। कदौरा स्थित स्व. गफूर खां महाविद्यालय में सोमवार को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हुई। दोपहर 12 बजे तक छह राउंड की मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
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के बीच शुरू हुई मतगणना में सबकुछ सामान्य चलता रहा लेकिन जब 166 वोट से आसना खातून के जीतने की बात आई तो सब बदल गया। नीलम यादव के एजेंट रामश्याम ने निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार से गड़बड़ी की आशंका जताते हुए दोबारा मतगणना कराने को कहा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस अपील को खारिज करते हुए आसना को

विजेता घोषित कर जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप कौर व एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी की मौजूदगी में जीत का प्रमाण पत्र दे दिया। मतगणना के दौरान आसना व नीलम के सर्मथक कालेज के बाहर डटे रहे। शुरू में चार राउंड तक नीलम ने बढ़त बनाई लेकिन आखिरी राउंड में आसना आगे निकल गईं। आसना को कुल 10533 और नीलम को 10369 मत

मिले। भाजपा से अधिकृत प्रत्याशी प्रेरणा सिंह को 673, अजीत को 14, महादेवी को 39, वर्षा देवी को 77 वोट मिले। इस दौरान 276 मत अवैध पाए गए। इसमें से पहले राउंड में 45, दूसरे में 52, तीसरे में 55 और चौथे में 69, पांचवें में 24 व छठवें में 26 मत अवैध निकले।दोबारा मतगणना न कराने पर नाराज नीलम समर्थकों ने हंगामा भी काटा, इसके

साथ ही पथराव कर दिया। इसमें पूर्व सांसद की गाड़ी का शीशा टूट गया। एक मोटर साइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई।  कदौरा से लेकर बबीना तक पुलिस व उपद्रवियों के बीच नोकझोंक होती रही। उपद्रवियों ने पूर्व सांसद को खदेड़ने का प्रयास भी किया।  

बवाल को देख पुलिस फोर्स तैनात
मतगणना के बाद गुस्साए लोगों के बवाल को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने कदौरा के अलावा आसपास के इलाकों में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया और आने, जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

वाहनों की कराई गई चेकिंग
बबीना सीट के उप चुनाव परिणाम के बाद नीलम समर्थकों की ओर से जो बवाल काटा गया, उसके बाद पुलिस ने भी शिकंजा कसा। पुलिस ने आलाधिकारियों के निर्देश पर कदौरा से आने, जाने वाले वाहनों की चेकिंग की, ताकि कोई भी बवाली वहां से निकल न पाए। जो भी संदिग्ध दिखा, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

डीएम व एसपी डाले रहे डेरा
मतगणना के शूरू होने के पहले ही डीएम संदीप कौर व एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने मतगणना स्थल का जायजा लिया और वहां पर डेरा डाल लिया। हर पल की खबर अधिकारी लेते रहे।
 
प्रेरणा की जमानत जब्त, भाजपा को झटका

बबीना जिला पंचायत उपचुनाव में बीजेपी समर्थित प्रत्याशी की करारी हार से क्षेत्र में बीजेपी की विधान सभा चुनाव की तैयारियों को करारा झटका लगा है। कालपी सीट से बीजेपी से टिकट मांग रहे नेताओं ने यहां अपनी प्रतिष्ठा लगाकर प्रचार किया था। परिणाम ऐसे आएंगे, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। बबीना जिला पंचायत सीट पर बीजेपी ने कालपी के

पूर्व विधायक स्व. वीर सिंह के परिवार की बहू प्रेरणा को टिकट देकर जीत के दावे किए गए थे। जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल ने उन्हें बीजेपी से जीत के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाने का भरोसा भी दिया था। जिला महामंत्री व कदौरा के प्रभारी नवीन गुप्ता की अगुवाई में एक रणनीति बनाकर बीजेपी से विधान सभा का टिकट मांग रहे

नेताओं को यहां लगाया गया था। बीजेपी के टिकट के दावेदारों ने यहां जमकर घर घर जाकर प्रचार कर अपनी प्रतिष्ठा लगा दी थी पर बीजेपी प्रत्याशी को यहां 22000 वोट में से मात्र 673 वोट ही मिले। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के महामंत्री व उस समय के प्रत्याशी स्वतंत्र देव सिंह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए थे। यह दूसरा मौका हैं, जब

प्रेरणा सिंह की करारी हार ने बीजेपी के नेताओं को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। वहीं, विधानसभा चुनाव की तैयारियों और स्थानीय टिकट मांग रहे नेताओ के जनाधार की पोल खुल गई है ।बीजेपी नेताओ के दावे दावे हवा हवाई साबित हुए है। अब बीजेपी नेताओ को जबाब देते नहीं बन रहा है।


इन प्रत्याशियों की जमानत हुई जब्त
बबीना जिला पंचायत सीट के घोषित हुए परिणाम में चार प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है। इसमें से तीन प्रत्याशी तो सैकड़ा का अंक भी नहीं छू पाए। भाजपा से अधिकृत प्रत्याशी प्रेरणा सिंह को 673 मत मिले और महादेवी को 33, अजीत कुमार को 14, वर्षा देवी को 77 मत मिले।
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