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पीईटी की परीक्षा में 1677 परीक्षार्थी रहे गैरहाजिर
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प्रेक्षक चंद्रभूषण सिंह परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते हुए।
- फोटो : ORAI
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उरई। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) मंगलवार को जिले के 23 केंद्रों पर दो पालियों में हुई। इसमें पंजीकृत 15672 में से 14005 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 1677 गैरहाजिर रहे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 23 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, दो जोनल मजिस्ट्रेट और 23 केंद्र प्रभारियों की निगरानी में रहे। जांच पड़ताल के बाद केंद्र में अंदर जाने की अनुमति दी गई। प्रत्येक कमरे में लाइव टेलीकास्ट किया गया।
सरकार की ओर से प्रेक्षक के रुप में भेजे गए पीडब्लूडी के विशेष सचिव चंद्रभूषण सिंह ने एक दिन पूर्व जिले में आकर के परीक्षा संचालन के संबंध में समीक्षा करते हुए दिशा निर्देश दिए थे। डीएम प्रियंका निरंजन ने आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज व जीजीआईसी में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि पीईटी को सकुशल निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरती जाए। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। परीक्षा के दौरान कोविड-19 के नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। डीएम ने निर्देश दिए कि परीक्षा समाप्ति के बाद ओएमआर आंसर सीट एवं अन्य दस्तावेज पुलिस संरक्षण में कंट्रोल रूम तक सुरक्षित पहुंचाना सुनिश्चित करें। एसपी रवि कुमार, एडीएम पूनम निगम, सीडीओ अभय श्रीवास्तव, एएसपी राकेश कुमार सिंह, डीआईओएस भगवत पटेल, नोडल अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट एसके शुक्ला, एजेंसी के जिला प्रबंधक राममोहन यादव भी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
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फोटो-9-बकिंम चंद्र चटर्जी कालेज के गेट पर परीक्षार्थी की जांच करते परीक्षक। संवाद
फोटो-10-स्कूल के बाहर लाइन लगाकर खड़े परीक्षार्थी। संवाद
गांव में बनाया परीक्षा केंद्र, परीक्षार्थी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। पीईटी परीक्षा के लिए दूसरे जिलों के परीक्षार्थी एक दिन पहले ही शहर में आ पहुंचे। वहीं कुछ परीक्षार्थी अपने-अपने वाहनों से सुबह ही झांसी, मऊरानीपुर, कालपी आदि स्थानों से आए। बंकिम चंद चटर्जी इंटर कॉलेज मुहम्मदाबाद में भी सेंटर था। परीक्षार्थियों का कहना है प्रवेशपत्र में स्कूल का पता राठ रोड उरई लिखा हुआ है। पर स्कूल उरई से 7 किलोमीटर दूर मुहम्मदाबाद गांव में सेंटर बनाया गया। जिसके वजह से परीथार्थियों को स्कूल खोजने में परेशानी हुई। वहीं पहली बार सेंटर होने से परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से पहले ही परेशान होना पड़ा। स्कूल गूगल पर सर्च करने पर उरई से 29 किलोमीटर दूर बता रहा था। जिससे कुछ लोग जिला हमीरपुर तक स्कूल ढूंढते रहे। बड़ी मुश्किल से स्कूल में पहुंचे। स्कूल के गेट पर अभ्यार्थियों की सर्च की गई है उसके बाद परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
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फोटो-12-प्रिंस पाठक।
रिक्शेवाले ने दो गुना किराया वसूला
मऊरानीपुर से परीक्षा दिलाने आए अभिभावक प्रिंस पाठक बताते है कि प्रवेशपत्र में स्कूल का पता उरई राठ रोड लिखा हुआ था। इस कारण होटल किराए पर ले लिया। पर जब स्कूल के लिए निकले तो पता चला शहर से 7 किलोमीटर दूर गांव में है। परीक्षा के लिए देर न हो जाए, इसलिए रिक्शेवाले ने भी बीस रुपये की जगह एक सवारी के दो से चार गुने तक रुपये वसूले।
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फोटो-13-मानवेंद्र सिंह।
गूगल मैप पर भी नहीं बताया सही सेंटर
गुरसरायं से आए परीक्षार्थी मानवेंद्र सिंह का कहना है कि गूगल मैप का मोबाइल पर सही लोकेशन नहीं आ रहा था। इस कारण कई अभ्यर्थी जिला हमीरपुर के चिकासी तक 29 किलोमीटर दूरी तक चले गए। स्कूल ढूंढने में बहुत परेशानी हुई। स्कूल का पता उरई राठ लिखा है लेकिन गांव मोहम्मदाबाद में सेंटर बनाया गया है।
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फोटो-14-नीरज सिंह।
स्कूल खेतों में था, स्टाफ भी नहीं ट्रेंड
झांसी से आए परीक्षार्थी नीरज सिंह का कहना है कि स्कूल में पहली बार सेंटर होने की वजह से स्टाफ भी ट्रेंड नहीं था। इस कारण भी परेशानी हुई। हमलोग झांसी से आए थे। उन्हें पता था कि शहर में सेंटर होगा लेकिन सेंटर शहर से 7 किलोमीटर दूर गांव मुहम्मदाबाद में खेतों में बना हुआ स्कूल में था। जिससे हम लोगों को परेशानी हुई और पैसा भी ज्यादा खर्च हुआ।
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सरकार की ओर से प्रेक्षक के रुप में भेजे गए पीडब्लूडी के विशेष सचिव चंद्रभूषण सिंह ने एक दिन पूर्व जिले में आकर के परीक्षा संचालन के संबंध में समीक्षा करते हुए दिशा निर्देश दिए थे। डीएम प्रियंका निरंजन ने आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज व जीजीआईसी में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि पीईटी को सकुशल निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरती जाए। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। परीक्षा के दौरान कोविड-19 के नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। डीएम ने निर्देश दिए कि परीक्षा समाप्ति के बाद ओएमआर आंसर सीट एवं अन्य दस्तावेज पुलिस संरक्षण में कंट्रोल रूम तक सुरक्षित पहुंचाना सुनिश्चित करें। एसपी रवि कुमार, एडीएम पूनम निगम, सीडीओ अभय श्रीवास्तव, एएसपी राकेश कुमार सिंह, डीआईओएस भगवत पटेल, नोडल अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट एसके शुक्ला, एजेंसी के जिला प्रबंधक राममोहन यादव भी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
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फोटो-9-बकिंम चंद्र चटर्जी कालेज के गेट पर परीक्षार्थी की जांच करते परीक्षक। संवाद
फोटो-10-स्कूल के बाहर लाइन लगाकर खड़े परीक्षार्थी। संवाद
गांव में बनाया परीक्षा केंद्र, परीक्षार्थी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। पीईटी परीक्षा के लिए दूसरे जिलों के परीक्षार्थी एक दिन पहले ही शहर में आ पहुंचे। वहीं कुछ परीक्षार्थी अपने-अपने वाहनों से सुबह ही झांसी, मऊरानीपुर, कालपी आदि स्थानों से आए। बंकिम चंद चटर्जी इंटर कॉलेज मुहम्मदाबाद में भी सेंटर था। परीक्षार्थियों का कहना है प्रवेशपत्र में स्कूल का पता राठ रोड उरई लिखा हुआ है। पर स्कूल उरई से 7 किलोमीटर दूर मुहम्मदाबाद गांव में सेंटर बनाया गया। जिसके वजह से परीथार्थियों को स्कूल खोजने में परेशानी हुई। वहीं पहली बार सेंटर होने से परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से पहले ही परेशान होना पड़ा। स्कूल गूगल पर सर्च करने पर उरई से 29 किलोमीटर दूर बता रहा था। जिससे कुछ लोग जिला हमीरपुर तक स्कूल ढूंढते रहे। बड़ी मुश्किल से स्कूल में पहुंचे। स्कूल के गेट पर अभ्यार्थियों की सर्च की गई है उसके बाद परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
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फोटो-12-प्रिंस पाठक।
रिक्शेवाले ने दो गुना किराया वसूला
मऊरानीपुर से परीक्षा दिलाने आए अभिभावक प्रिंस पाठक बताते है कि प्रवेशपत्र में स्कूल का पता उरई राठ रोड लिखा हुआ था। इस कारण होटल किराए पर ले लिया। पर जब स्कूल के लिए निकले तो पता चला शहर से 7 किलोमीटर दूर गांव में है। परीक्षा के लिए देर न हो जाए, इसलिए रिक्शेवाले ने भी बीस रुपये की जगह एक सवारी के दो से चार गुने तक रुपये वसूले।
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फोटो-13-मानवेंद्र सिंह।
गूगल मैप पर भी नहीं बताया सही सेंटर
गुरसरायं से आए परीक्षार्थी मानवेंद्र सिंह का कहना है कि गूगल मैप का मोबाइल पर सही लोकेशन नहीं आ रहा था। इस कारण कई अभ्यर्थी जिला हमीरपुर के चिकासी तक 29 किलोमीटर दूरी तक चले गए। स्कूल ढूंढने में बहुत परेशानी हुई। स्कूल का पता उरई राठ लिखा है लेकिन गांव मोहम्मदाबाद में सेंटर बनाया गया है।
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फोटो-14-नीरज सिंह।
स्कूल खेतों में था, स्टाफ भी नहीं ट्रेंड
झांसी से आए परीक्षार्थी नीरज सिंह का कहना है कि स्कूल में पहली बार सेंटर होने की वजह से स्टाफ भी ट्रेंड नहीं था। इस कारण भी परेशानी हुई। हमलोग झांसी से आए थे। उन्हें पता था कि शहर में सेंटर होगा लेकिन सेंटर शहर से 7 किलोमीटर दूर गांव मुहम्मदाबाद में खेतों में बना हुआ स्कूल में था। जिससे हम लोगों को परेशानी हुई और पैसा भी ज्यादा खर्च हुआ।