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हर्षोल्लास से मना प्रभु यीशु का जन्मदिन
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Fri, 25 Dec 2015 11:22 PM IST
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प्रभु यीशु का जन्म धरती पर पाप मिटाने के लिए हुआ। उन्होंने पापियों के मन
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को परिवर्तित कर उनके अंदर छिपी बुरी शक्तियों को बाहर निकाला और उनकी
आत्मा को पवित्र किया। शुक्रवार को प्रभु के जन्म दिन पर जिले के विभिन्न
धर्मों और समुदाय के लोगों ने इसे धूमधाम से मनाया। शहर की दुकानें सजी
रहीं और गिरजाघरों में गुरुवार की रात बारह बजे के बाद
ही प्रार्थना का दौर शुरू हो गया। यह दौर शुक्रवार को पूरे दिन चला। जिला परिषद स्थित चर्च पर दूर-दूर से लोग प्रभु यीशु के जन्म दिन को मनाने और आशीर्वाद लेने आए। स्कूलों में भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हर बार की तरह इस वर्ष भी 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्म दिन पर पूरा शहर उत्सव मनाने लगा। दुकानों और बाजारों को सजाया गया। उरई
के जिला परिषद कार्यालय के पास स्थित चर्च में दूर दूर से लोग आए और उन्होंने प्रार्थना की। इस दौरान लोगों ने क्राइस्ट के सामने मोमबत्तियां भी जलाईं। चर्च के पादरी ने सभी को प्रभु की ओर से आशीर्वाद दिया और प्रसाद का भी वितरण किया। इस अवसर पर चर्च के पादरी एन डेविड ने कहा कि जब भी संसार में पाप बढ़ता है और लोग धर्म के रास्ते को छोड़कर अधर्म की
ओर मुड़ने लगते हैं, परमात्मा अपने पुत्रों को संसार में भेजकर लोगों का मार्गदर्शन कराता है। उन्होंने कहा कि ईसा मसीह भी ऐसे ही फरिश्ते थे। उन्होंने लोगों को एक दूसरे से प्रेम करने, इंसानियत का प्रसार और प्रभु की आराधना का जो पैगाम दिया,
उसने विश्व को एक नई दिशा दी। प्रभु यीशु सच्चे मसीहा बने। उन्होंने आम लोगों के लिए अपने ऊपर दर्द को झेला और इंसान के पापों को प्रभु से माफ करने की गुजारिश की। उनके जन्म दिन पर हम सब को भी इंसानियत के रास्ते पर चलते और प्रेम के प्रसार का संकल्प लेना चाहिए।
ही प्रार्थना का दौर शुरू हो गया। यह दौर शुक्रवार को पूरे दिन चला। जिला परिषद स्थित चर्च पर दूर-दूर से लोग प्रभु यीशु के जन्म दिन को मनाने और आशीर्वाद लेने आए। स्कूलों में भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हर बार की तरह इस वर्ष भी 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्म दिन पर पूरा शहर उत्सव मनाने लगा। दुकानों और बाजारों को सजाया गया। उरई
के जिला परिषद कार्यालय के पास स्थित चर्च में दूर दूर से लोग आए और उन्होंने प्रार्थना की। इस दौरान लोगों ने क्राइस्ट के सामने मोमबत्तियां भी जलाईं। चर्च के पादरी ने सभी को प्रभु की ओर से आशीर्वाद दिया और प्रसाद का भी वितरण किया। इस अवसर पर चर्च के पादरी एन डेविड ने कहा कि जब भी संसार में पाप बढ़ता है और लोग धर्म के रास्ते को छोड़कर अधर्म की
ओर मुड़ने लगते हैं, परमात्मा अपने पुत्रों को संसार में भेजकर लोगों का मार्गदर्शन कराता है। उन्होंने कहा कि ईसा मसीह भी ऐसे ही फरिश्ते थे। उन्होंने लोगों को एक दूसरे से प्रेम करने, इंसानियत का प्रसार और प्रभु की आराधना का जो पैगाम दिया,
उसने विश्व को एक नई दिशा दी। प्रभु यीशु सच्चे मसीहा बने। उन्होंने आम लोगों के लिए अपने ऊपर दर्द को झेला और इंसान के पापों को प्रभु से माफ करने की गुजारिश की। उनके जन्म दिन पर हम सब को भी इंसानियत के रास्ते पर चलते और प्रेम के प्रसार का संकल्प लेना चाहिए।