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Jalaun News: कदौरा नगर पंचायत में 30 लाख से ज्यादा का गबन

Sat, 08 Nov 2025 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Nov 2025 12:33 AM IST
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Embezzlement of more than 30 lakh rupees in Kadaura Nagar Panchayat
फोटो - 05 कदौरा नगर पंचायत कार्यालय। संवाद
उरई। नगर पंचायत कदौरा में 2023 से अभी तक 30 लाख से ज्यादा रुपये के सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यह खुलासा लोकायुक्त जांच में हुआ है। इसमें एक काम का दो बार और अधूरे निर्माण का भी भुगतान करने की बात है। कई रसीदें व वाउचर संदिग्ध और अपूर्ण पाए गए हैं। नगर विकास विभाग ने 30 नवंबर तक अधिशासी अधिकारी कदौरा से स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, नगर पंचायत अध्यक्ष ने भी अपने का पाक-साफ बताया है।
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नगर के सभासद अंकित कुमार ने 15 मार्च 2024 को जिले के अधिकारियों को शिकायत भेजी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि नगर पंचायत की अध्यक्ष अर्चना शिवहरे व उनके पति, अधिशासी अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से शासन से आई धनराशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार नगर पंचायत में वर्ष 2023 से लेकर अभी तक करीब 30 लाख से अधिक का गबन किया गया है। शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। प्रारंभिक जांच में ही अनियमितताओं के संकेत मिलने पर मामला लोकायुक्त को भेजा गया।
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लोकायुक्त ने 12 अप्रैल 2024 को विस्तृत जांच की। इसमें सामने आया कि कई कार्यों का भुगतान बिना मापन पुस्तिका (एमबी) के किया गया। कई जगह कार्य अधूरे होने के बावजूद फुल पेमेंट दिखाया गया। एक ही कार्य के लिए दो-दो बिल बनाकर भुगतान किया गया। कई फाइलों में स्वीकृति आदेश और निविदा प्रक्रिया का अभाव पाया गया। बिल रजिस्टर, कैशबुक और भुगतान प्रविष्टियों में बड़ा अंतर मिला। कई रसीदें व वाउचर संदिग्ध और अपूर्ण पाए गए। लोकायुक्त ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए शासन को दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच, वसूली और कार्रवाई की सिफारिश की है।
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लोकायुक्त की रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद नगर विकास विभाग ने 30 नवंबर तक अधिशासी अधिकारी कदौरा से पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही लेखा परीक्षण अधिकारी से सभी भुगतान प्रविष्टियों की रिपोर्ट तलब की गई है। शासन स्तर पर इस मामले को गंभीर वित्तीय गबनकी श्रेणी में रखा गया है। दोषियों पर जल्द कार्रवाई भी हो सकती है। लोकायुक्त की रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही नगर पंचायत में खलबली मची हुई है। इधर एसडीएम कालपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ईओ का प्रभार उनके पास है, लेकिन उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

लोगों का कहना है कि सड़कों और नालियों के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नजर नहीं आता। फिलहाल शासन ने लोकायुक्त की सिफारिशों पर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


वर्जन

उनके ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह निराधार हैं। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

अर्चना शिवहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष कदौरा।
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