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13 साल से अधूरे पुल निर्माण में तेजी की कवायद
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कालपी। पिछले 13 वर्षों से निर्माणाधीन यमुना नदी के पाल सरैनी पुल के निर्माण कार्य पूरा करने को लेकर स्थानीय प्रशासन व कार्यदाई संस्था ने कवायद तेज कर दी है। अगर सब कुछ ठीक.ठाक रहा तो पुल का निर्माण 2 महीने के अंदर पूरा हो जाएगा।
बता दें कि बसपा की तत्कालीन सरकार के दौरान वर्ष 2009 में जालौन एवं कानपुर देहात जनपदों को जोडने के लिए यमुना नदी में महेवा ब्लाक के पाल सरैनी में 50 करोड़ रुपये की लागत से पुल के निर्माण का कार्य उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा शुरू किया गया था। इस दौरान तीन सरकारें प्रदेश में बदल चुकी है लेकिन कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इस वजह से क्षेत्रीय जनता द्वारा समाजसेवी राकेश चौहान की अगुवाई में आंदोलन भी चलाया गया। कार्यदाई संस्था हमेशा बजट का रोना रोती रहती है। एसडीएम अंकुर कौशिक भी धरनास्थल में आंदोलनरत ग्रामीणों के पास पहुंचे थे। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक बांकेराम ने बताया कि पुल में जो कार्य शेष रह गया है। शासन के द्वारा ढाई करोड़ रुपये का बजट मिल जाने के बाद कार्य पूरा हो जाएगा। एसडीएम ने बताया कि पुल के निर्माण का कार 60 दिनों के अंदर कार्यदाई संस्था पूरा कर सकती है। इसके लिए ढाई करोड़ रुपए का बजट की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही बजट आवंटित होते ही पुल के निर्माण में तेजी आ जाएगी। पुल निर्माण हो जाने के बाद जालौन एवं कानपुर देहात के लिए यातायात व्यवस्था सुगम हो जाएगी।
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बता दें कि बसपा की तत्कालीन सरकार के दौरान वर्ष 2009 में जालौन एवं कानपुर देहात जनपदों को जोडने के लिए यमुना नदी में महेवा ब्लाक के पाल सरैनी में 50 करोड़ रुपये की लागत से पुल के निर्माण का कार्य उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा शुरू किया गया था। इस दौरान तीन सरकारें प्रदेश में बदल चुकी है लेकिन कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इस वजह से क्षेत्रीय जनता द्वारा समाजसेवी राकेश चौहान की अगुवाई में आंदोलन भी चलाया गया। कार्यदाई संस्था हमेशा बजट का रोना रोती रहती है। एसडीएम अंकुर कौशिक भी धरनास्थल में आंदोलनरत ग्रामीणों के पास पहुंचे थे। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक बांकेराम ने बताया कि पुल में जो कार्य शेष रह गया है। शासन के द्वारा ढाई करोड़ रुपये का बजट मिल जाने के बाद कार्य पूरा हो जाएगा। एसडीएम ने बताया कि पुल के निर्माण का कार 60 दिनों के अंदर कार्यदाई संस्था पूरा कर सकती है। इसके लिए ढाई करोड़ रुपए का बजट की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही बजट आवंटित होते ही पुल के निर्माण में तेजी आ जाएगी। पुल निर्माण हो जाने के बाद जालौन एवं कानपुर देहात के लिए यातायात व्यवस्था सुगम हो जाएगी।
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