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Jalaun News: डॉक्टर ने भाजपा नेता पर लगाया अभद्रता का आरोप
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उरई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार शाम एक चिकित्सक ने परिजन और भाजपा नेता पर हंगामा करने का आरोप लगाया है। सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद पोस्टमार्टम के कागजों पर हस्ताक्षर को लेकर यह विवाद हुआ। चिकित्सक ने कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर दी है। घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम औरेखी निवासी अमन सिंह (23) के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिसकर्मी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने जिला अस्पताल पहुंचे थे।
उस समय इमरजेंसी वार्ड में डॉ. समर विजय सिंह तैनात थे। कागजातों पर हस्ताक्षर में कुछ देर हो जाने पर परिजनों ने फोन पर अन्य लोगों को जानकारी दी। शिकायत में बताया गया है कि शाम करीब पौने छह बजे जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सेंगर अपने चार-पांच समर्थकों के साथ इमरजेंसी कक्ष में पहुंच गए। चिकित्सक का आरोप है कि हस्ताक्षर में देरी होने पर नोकझोंक की गई। इस दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ और उनके कार्य में बाधा डाली गई।
वायरल वीडियो में चिकित्सक से जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सेंगर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। डॉ. समर विजय सिंह ने पूरे प्रकरण की लिखित सूचना कोतवाली पुलिस को देते हुए कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इमरजेंसी में मरीजों की प्राथमिकता होती है, ऐसे में थोड़ी देरी स्वाभाविक थी।
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उधर, जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सेंगर ने चिकित्सक से अभद्रता के आरोपों से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम में विलंब की सूचना मिलने पर उन्होंने फोन किया था। हस्ताक्षर नहीं होने के बाद वह स्वयं अस्पताल पहुंचे थे। सेंगर का कहना है कि किसी प्रकार की बदसलूकी या गालीगलौज नहीं की गई है। उन्होंने केवल पोस्टमार्टम प्रक्रिया में हो रही देरी के बारे में बात की थी।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है। वायरल वीडियो की भी गहनता से जांच की जाएगी। संवाद
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उस समय इमरजेंसी वार्ड में डॉ. समर विजय सिंह तैनात थे। कागजातों पर हस्ताक्षर में कुछ देर हो जाने पर परिजनों ने फोन पर अन्य लोगों को जानकारी दी। शिकायत में बताया गया है कि शाम करीब पौने छह बजे जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सेंगर अपने चार-पांच समर्थकों के साथ इमरजेंसी कक्ष में पहुंच गए। चिकित्सक का आरोप है कि हस्ताक्षर में देरी होने पर नोकझोंक की गई। इस दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ और उनके कार्य में बाधा डाली गई।
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वायरल वीडियो में चिकित्सक से जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सेंगर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। डॉ. समर विजय सिंह ने पूरे प्रकरण की लिखित सूचना कोतवाली पुलिस को देते हुए कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इमरजेंसी में मरीजों की प्राथमिकता होती है, ऐसे में थोड़ी देरी स्वाभाविक थी।
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उधर, जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सेंगर ने चिकित्सक से अभद्रता के आरोपों से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम में विलंब की सूचना मिलने पर उन्होंने फोन किया था। हस्ताक्षर नहीं होने के बाद वह स्वयं अस्पताल पहुंचे थे। सेंगर का कहना है कि किसी प्रकार की बदसलूकी या गालीगलौज नहीं की गई है। उन्होंने केवल पोस्टमार्टम प्रक्रिया में हो रही देरी के बारे में बात की थी।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है। वायरल वीडियो की भी गहनता से जांच की जाएगी। संवाद