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अपने सामने ही दवा खिलाने के टीमों को निर्देश
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उरई। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत चलाए जा रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को घर घर दवा खिलाने का अभियान जारी रहा। सीएमओ डॉ एनडी शर्मा का कहना है कि टीम को स्पष्ट निर्देश हैं कि वह अपने सामने ही लोगों को दवा खिलाएं।
वेक्टर बार्न डिजीज कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. एसडी चौधरी ने बताया कि सभी 1431 टीमें घर घर दवा खिलाने का काम कर रही हैं। दस दिवसीय अभियान में जिले की 18 लाख से अधिक आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा है। पहले दिन उरई शहर के बजरिया में कुछ जगह लोगों ने दवा सेवन से मना कर दिया था। इसके लिए उस मोहल्ले के धर्मगुरुओं से बात कर दवा खाने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने बताया कि शत प्रतिशत लोगों को दवा सेवन कराने के लिए राजनैतिक दलों के लोगों के साथ धर्मगुरुओं की भी मदद ली जा रही है। प्रधान और कोटेदार से भी कहा जा रहा है कि वह लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें। पीसीआई व पाथ संस्था के प्रतिनिधि भी लोगों को दवा खिलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है। बीमारी से बचाव के लिए साल में एक बार फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करना जरूरी है।
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वेक्टर बार्न डिजीज कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. एसडी चौधरी ने बताया कि सभी 1431 टीमें घर घर दवा खिलाने का काम कर रही हैं। दस दिवसीय अभियान में जिले की 18 लाख से अधिक आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा है। पहले दिन उरई शहर के बजरिया में कुछ जगह लोगों ने दवा सेवन से मना कर दिया था। इसके लिए उस मोहल्ले के धर्मगुरुओं से बात कर दवा खाने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने बताया कि शत प्रतिशत लोगों को दवा सेवन कराने के लिए राजनैतिक दलों के लोगों के साथ धर्मगुरुओं की भी मदद ली जा रही है। प्रधान और कोटेदार से भी कहा जा रहा है कि वह लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें। पीसीआई व पाथ संस्था के प्रतिनिधि भी लोगों को दवा खिलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है। बीमारी से बचाव के लिए साल में एक बार फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करना जरूरी है।
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