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Jalaun News: जनिगांव की गोशाला में सीवीओ को नहीं मिला हरा चारा, कंडे की बठिया हटवाई
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भरावन। कोथावां विकास खंड के जनिगांव में स्थित गो आ श्रय स्थल का निरीक्षण मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके सिंह ने किया। सोमवार के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान लेकर पहुंचे सीवीओ को गोशाला में हरा चारा नहीं मिला। अब तक हरे चारे की बुवाई न कराने पर उन्होंने ग्राम सचिव और प्रधान से नाराजगी जताई। सीवीओ के पहुंचने से पहले ही ग्राम प्रधान के कहने पर चन्नी से कंडे की बठिया हटा दी गई।
जनिगांव में गोआश्रय स्थल है। इसकी जमीनी हकीकत सोमवार के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि मवेशियों की चन्नी में कंडे की बठिया लगा दी गई है। साथ ही यहां मवेशियों को सूखा भूसा दिए जाने का उल्लेख भी किया गया था। सीवीओ डॉ. एके सिंह सोमवार को गोशाला पहुंचे। यहां उन्हें 123 मवेशी बंद मिले। तकरीबन आठ मवेशियों के इयरटैग नहीं लगे थे। भूसे के भंडारण को बना कक्ष खाली पड़ा था और गोशाला परिसर में पन्नी से ढककर भूसा रखा गया था। सीवीओ ने बताया कि भूसा गीला है लेकिन इसमें बालू नहीं है। मौके पर हरा चारा नहीं मिला। यह भी पता चला कि मवेशियों के लिए हरा चारा बुवाने को भूमि उपलब्ध है, लेकिन बुवाई नहीं कराई गई है। चन्नी भी कुछ स्थानों पर टूटी मिली।
प्रधान पति ने कहा, कई बार फोन किया, भूसा भेजा न साइलेज
हरा चारा न होने और भूसे को लेकर सीवीओ ने मौके पर मौजूद प्रधान पति रेशू सिंह से सवाल किए। इस पर प्रधान पति ने अपना मोबाइल फोन निकालकर दिखा दिया। दावा किया कि भूसा और साइलेज वाले को कई बार फोन कर चुके हैं। आपूर्ति का ठेका ब्लाक स्तर पर टेंडर प्रक्रिया के बाद दिया गया है। जब वह समय से भूसा और साइलेज ला ही नहीं रहा, तो प्रधान भी कितनी व्यवस्था करे। सीवीओ ने भी इसकी पुष्टि की। सीवीओ ने बताया कि वह जांच आख्या मुख्य विकास अधिकारी को देंगे।
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जनिगांव में गोआश्रय स्थल है। इसकी जमीनी हकीकत सोमवार के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि मवेशियों की चन्नी में कंडे की बठिया लगा दी गई है। साथ ही यहां मवेशियों को सूखा भूसा दिए जाने का उल्लेख भी किया गया था। सीवीओ डॉ. एके सिंह सोमवार को गोशाला पहुंचे। यहां उन्हें 123 मवेशी बंद मिले। तकरीबन आठ मवेशियों के इयरटैग नहीं लगे थे। भूसे के भंडारण को बना कक्ष खाली पड़ा था और गोशाला परिसर में पन्नी से ढककर भूसा रखा गया था। सीवीओ ने बताया कि भूसा गीला है लेकिन इसमें बालू नहीं है। मौके पर हरा चारा नहीं मिला। यह भी पता चला कि मवेशियों के लिए हरा चारा बुवाने को भूमि उपलब्ध है, लेकिन बुवाई नहीं कराई गई है। चन्नी भी कुछ स्थानों पर टूटी मिली।
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प्रधान पति ने कहा, कई बार फोन किया, भूसा भेजा न साइलेज
हरा चारा न होने और भूसे को लेकर सीवीओ ने मौके पर मौजूद प्रधान पति रेशू सिंह से सवाल किए। इस पर प्रधान पति ने अपना मोबाइल फोन निकालकर दिखा दिया। दावा किया कि भूसा और साइलेज वाले को कई बार फोन कर चुके हैं। आपूर्ति का ठेका ब्लाक स्तर पर टेंडर प्रक्रिया के बाद दिया गया है। जब वह समय से भूसा और साइलेज ला ही नहीं रहा, तो प्रधान भी कितनी व्यवस्था करे। सीवीओ ने भी इसकी पुष्टि की। सीवीओ ने बताया कि वह जांच आख्या मुख्य विकास अधिकारी को देंगे।
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