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अवैध खनन में एक दर्जन ट्रक पकडे़
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:11 PM IST
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थाने के बाहर खडे़ पकडे़ गए ट्रक।
- फोटो : अमर उजाला
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लाल सोने के कारोबार में खनन माफिया असलहों के बल पर व फरार अपराधियाें का सहारा लेकर पहुज नदी का सीना चीर रहे हैं। इसे लेकर दो दिन पहले दो पक्षाें में करीब 50 राउंड फायरिंग भी हुई थी। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित कर पुलिस प प्रशासन की संलिप्तता की आशंका भी जताई थी। खबर प्रकाशित होते ही हड़कंप मच गया।
शासन से पूछे जाने पर स्थानीय रामपुरा पुलिस ने बिलौड़ मौरंग घाट पर छापा मारकर वहां अवैध खनन कर मौरंग ले जा रहे एक दर्जन ट्रकाें को पकड़ लिया। मौरंग माफिया अब पुलिस से सेटिंग कर ट्रक छुड़ाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बाबत जब थानाध्यक्ष प्रभूनाथ सिंह से संपर्क किया गया लेकिन उनका मोबाइल नाट रीचेबल मिला। मालूम हो कि शनिवार रात
रामपुरा थाना क्षेत्र के बिलौड़ गांव के पास पहुज नदी से अवैध खनन को लेकर क्षेत्र के एक पूर्व प्रधान व एक अन्य ग्रुप के बीच कहासुनी के बाद फायरिंग हो गई थी। करीब 50 राउंड फायरिंग से ग्रामीण दहशत में आ गए। पुख्ता सूत्राें ने फायरिंग की पुष्टि भी की लेकिन थाना पुलिस इंकार करती रही। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया व इस
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पूरे मामले में पुलिस व प्रशासन की भूमिका पर भी प्रश्न चिह्न लगा था। शासन तक पहुंची इस खबर ने हड़कंप मचा दिया। शासन के निर्देश पर सोमवार को थानाध्यक्ष प्रभूनाथ सिंह व प्रशासनिक अधिकारियाें की टीम ने बिलौड़ गांव के पास छापा मारकर वहां से अवैध खनन कर मौरंग ले जा रहे एक दर्जन ट्रकाें को पकड़ लिया। मौरंग माफिया साठगांठ कर ट्रकाें को छुड़ाने की जुगत में देर रात तक लगे रहे। इस बाबत थानाध्यक्ष से जब बात करनी चाही तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। खबर लिखे जाने तक ट्रक मौक पर ही खड़ा रहा।
अमर उजाला ने सबसे पहले किया था खुलासा
इस संदर्भ में अमर उजाला ने अपने छह तारीख के अंक में सबसे पहले जिले में अवैध खनन की बात प्रकाशित की थी। इस खबर में डकोर में मकरेछा समेत दो घाटों पर खनन, कदौरा और रामपुरा आदि क्षेत्रों मेें अवैध खनन की बात का उल्लेख किया गया था। खबर छपने के ठीक बाद प्रशासन ने डकोर में छापामार कार्रवाई शुरू कर दी थी। रामपुरा में भी खबर
छपने के तीसरे दिन गोली चलने की बात सामने आई जिसने। फिलहाल, कदौरा में चोरी छिपे चल रहे अवैध मौरंग खनन की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। यहां से भी रात के वक्त अवैध मौरंग खनन किया जा रहा है।
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शासन से पूछे जाने पर स्थानीय रामपुरा पुलिस ने बिलौड़ मौरंग घाट पर छापा मारकर वहां अवैध खनन कर मौरंग ले जा रहे एक दर्जन ट्रकाें को पकड़ लिया। मौरंग माफिया अब पुलिस से सेटिंग कर ट्रक छुड़ाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बाबत जब थानाध्यक्ष प्रभूनाथ सिंह से संपर्क किया गया लेकिन उनका मोबाइल नाट रीचेबल मिला। मालूम हो कि शनिवार रात
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रामपुरा थाना क्षेत्र के बिलौड़ गांव के पास पहुज नदी से अवैध खनन को लेकर क्षेत्र के एक पूर्व प्रधान व एक अन्य ग्रुप के बीच कहासुनी के बाद फायरिंग हो गई थी। करीब 50 राउंड फायरिंग से ग्रामीण दहशत में आ गए। पुख्ता सूत्राें ने फायरिंग की पुष्टि भी की लेकिन थाना पुलिस इंकार करती रही। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया व इस
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पूरे मामले में पुलिस व प्रशासन की भूमिका पर भी प्रश्न चिह्न लगा था। शासन तक पहुंची इस खबर ने हड़कंप मचा दिया। शासन के निर्देश पर सोमवार को थानाध्यक्ष प्रभूनाथ सिंह व प्रशासनिक अधिकारियाें की टीम ने बिलौड़ गांव के पास छापा मारकर वहां से अवैध खनन कर मौरंग ले जा रहे एक दर्जन ट्रकाें को पकड़ लिया। मौरंग माफिया साठगांठ कर ट्रकाें को छुड़ाने की जुगत में देर रात तक लगे रहे। इस बाबत थानाध्यक्ष से जब बात करनी चाही तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। खबर लिखे जाने तक ट्रक मौक पर ही खड़ा रहा।
अमर उजाला ने सबसे पहले किया था खुलासा
इस संदर्भ में अमर उजाला ने अपने छह तारीख के अंक में सबसे पहले जिले में अवैध खनन की बात प्रकाशित की थी। इस खबर में डकोर में मकरेछा समेत दो घाटों पर खनन, कदौरा और रामपुरा आदि क्षेत्रों मेें अवैध खनन की बात का उल्लेख किया गया था। खबर छपने के ठीक बाद प्रशासन ने डकोर में छापामार कार्रवाई शुरू कर दी थी। रामपुरा में भी खबर
छपने के तीसरे दिन गोली चलने की बात सामने आई जिसने। फिलहाल, कदौरा में चोरी छिपे चल रहे अवैध मौरंग खनन की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। यहां से भी रात के वक्त अवैध मौरंग खनन किया जा रहा है।