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बेतवा घटी, ग्रामीणों को राहत
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:14 PM IST
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नाव केे सहारे गांव पार करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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दो दिनों से डकोर क्षेत्र के गांव मुहाना स्थित बेतवा नदी का बढ़ रहा जलस्तर सोमवार सुबह से घटने लगा है। प्रति घंटे के हिसाब से 10 सेमी पानी कम हो रहा है। बेतवा का जलस्तर घटने से इलाकाई लोगों ने भी राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि बेतवा खतरे के निशान के ऊपर चल रही थी लेकिन अब पानी घटने से राहत महसूस हुई है। बेतवा के
जलस्तर में 20 अगस्त रात से बढ़ोत्तरी होने लगी थी। इसके बाद नदी का पानी लगभग 50 सेमी. प्रतिघंटा के हिसाब से बढ़ा और 21 अगस्त को दिन और रात तक बेतवा नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर तक हो गई। 22 अगस्त को सुबह 3 बजे तक खतरे के निशान तक रही। इसके बाद सोमवार को सुबह 7 बजे से बेतवा का जलस्तर घटने लगा। सूत्रों की मानें
तो प्रति घंटे के हिसाब से 10 सेमी पानी घट रहा है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि रविवार को बेतवा खतरे के निशान 122.66 मी. से दो मीटर ऊपर 124.35 पर थी। उनका कहना है कि यहां कोई अधिकारी समीपवर्ती गांवों का हाल लेने नहीं आया। वह कहते हैं कि अगर एक-दो मीटर अगर नदी का जल स्तर बढ़ता तो निश्चित ही आसपास के गांव जलमग्न हो जाते।
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जलस्तर में 20 अगस्त रात से बढ़ोत्तरी होने लगी थी। इसके बाद नदी का पानी लगभग 50 सेमी. प्रतिघंटा के हिसाब से बढ़ा और 21 अगस्त को दिन और रात तक बेतवा नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर तक हो गई। 22 अगस्त को सुबह 3 बजे तक खतरे के निशान तक रही। इसके बाद सोमवार को सुबह 7 बजे से बेतवा का जलस्तर घटने लगा। सूत्रों की मानें
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तो प्रति घंटे के हिसाब से 10 सेमी पानी घट रहा है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि रविवार को बेतवा खतरे के निशान 122.66 मी. से दो मीटर ऊपर 124.35 पर थी। उनका कहना है कि यहां कोई अधिकारी समीपवर्ती गांवों का हाल लेने नहीं आया। वह कहते हैं कि अगर एक-दो मीटर अगर नदी का जल स्तर बढ़ता तो निश्चित ही आसपास के गांव जलमग्न हो जाते।
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