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अन्ना ने चट की सवा सौ बीघा की चना मटर की फसल
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किसान महेंद्र सिंह
- फोटो : ORAI
कदौरा (जालौन)। कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ागांव में एक सैकड़ा मवेशियों ने एक दर्जन किसानों की 133 बीघा की चना, मटर, लाही, मसूर की फसल रौंद दी। आक्रोशित किसान थाने पहुंचे और मामले की शिकायत पुलिस व नायाब तहसीलदार से कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई व मुआवजे की मांग की।
शनिवार सुबह एक बार फिर बड़ागांव में अन्ना मवेशियों ने आतंक मचा कर क्षेत्र के किसानों की 133 बीघा चना, मटर, लाही, मसूर की फसल को नष्ट कर दिया। इसमें किसान नारायण यादव की 12 बीघा मटर व चना, साबिर की 14 बीघा में चना मटर लाही, उदयभान की 8 बीघा मटर, मोहर सिंह का 33 बीघा लाही, मटर व मसूर, अरविंद की 6 बीघा का मटर व मसूर, शिवकुमार की 20 बीघा मटर व चना, सोबरन की 15 बीघा की मसूर व लाही, हरप्रसाद की 5 बीघा की लाही, अमरनाथ की 10 बीघा की गेंहू व लाही, भारत सिंह की 4 बीघा की मटर व चंद्रभूषण की 6 बीघा की चना, मटर व लाही की फसल को मवेशियों ने रौंद डाला।
आक्रोशित किसानों ने थाने में प्रभारी निरीक्षक व नायाब तहसीलदार से शिकायत कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर नुकसान का मुआवजा दिलाने की भी मांग की। किसानों ने बताया कि गांव में स्थायी गोशाला है लेकिन छह माह बाद भी अभी तक गोशाला का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका। स्थिति यह है कि गोशाला में न गेट है और न कोई सुविधा, जबकि गांव में तीन सैकड़ा मवेशी विचरण कर रहे है, जो आए दिन किसी न किसी के खेत को निशाना बना रहे है।
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वहीं गांव में दर्जनों ऐसे पशुपालक है जो अपने जानवरों को अन्ना छोड़ देते है। कई बार मामले को लेकर ब्लाक कार्यालय से लेकर तहसील दिवस में शिकायत की, लेकिन सुनवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। इस संबंध में नायाब तहसीलदार राजेश पाल ने कहा कि मौके पर लेखपाल को भेजा जा रहा है, जल्द समस्या के निधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। वहीं प्रभारी निरीक्षक जितेंद कुमार सिंह ने कहा कि गांव में अन्ना छोड़ने वाले पशुपालकों की सूची बनाई जा रही है जल्द ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कर्ज लेकर बोई थी फसल
किसान मोहर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक आपदा व अन्ना मवेशियों के कारण खरीफ की फसलें पूर्णता बर्बाद हो चुकी थीं। जिससे रबी की फसल की बुआई करने के लिए किसानों को बैंक व साहूकारों से कर्ज लेना पड़ा था। अब एक बार सिर्फ अन्ना फसलों को चौपट कर रहे हैं। अब किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है।
क्यों नहीं होती जिम्मेदारों पर कार्रवाई
किसान साबिर ने बताया कि अन्ना समस्या के लिए शासन द्वारा लाखों रुपये का बजट हर माह आवंटित जा रहा है, लेकिन इतने बजट के बाद भी गांव क्षेत्र की गोशालाओं का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया। जिससे आय दिन किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आखिर प्रशासन जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं करता।
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शनिवार सुबह एक बार फिर बड़ागांव में अन्ना मवेशियों ने आतंक मचा कर क्षेत्र के किसानों की 133 बीघा चना, मटर, लाही, मसूर की फसल को नष्ट कर दिया। इसमें किसान नारायण यादव की 12 बीघा मटर व चना, साबिर की 14 बीघा में चना मटर लाही, उदयभान की 8 बीघा मटर, मोहर सिंह का 33 बीघा लाही, मटर व मसूर, अरविंद की 6 बीघा का मटर व मसूर, शिवकुमार की 20 बीघा मटर व चना, सोबरन की 15 बीघा की मसूर व लाही, हरप्रसाद की 5 बीघा की लाही, अमरनाथ की 10 बीघा की गेंहू व लाही, भारत सिंह की 4 बीघा की मटर व चंद्रभूषण की 6 बीघा की चना, मटर व लाही की फसल को मवेशियों ने रौंद डाला।
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आक्रोशित किसानों ने थाने में प्रभारी निरीक्षक व नायाब तहसीलदार से शिकायत कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर नुकसान का मुआवजा दिलाने की भी मांग की। किसानों ने बताया कि गांव में स्थायी गोशाला है लेकिन छह माह बाद भी अभी तक गोशाला का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका। स्थिति यह है कि गोशाला में न गेट है और न कोई सुविधा, जबकि गांव में तीन सैकड़ा मवेशी विचरण कर रहे है, जो आए दिन किसी न किसी के खेत को निशाना बना रहे है।
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वहीं गांव में दर्जनों ऐसे पशुपालक है जो अपने जानवरों को अन्ना छोड़ देते है। कई बार मामले को लेकर ब्लाक कार्यालय से लेकर तहसील दिवस में शिकायत की, लेकिन सुनवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। इस संबंध में नायाब तहसीलदार राजेश पाल ने कहा कि मौके पर लेखपाल को भेजा जा रहा है, जल्द समस्या के निधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। वहीं प्रभारी निरीक्षक जितेंद कुमार सिंह ने कहा कि गांव में अन्ना छोड़ने वाले पशुपालकों की सूची बनाई जा रही है जल्द ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कर्ज लेकर बोई थी फसल
किसान मोहर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक आपदा व अन्ना मवेशियों के कारण खरीफ की फसलें पूर्णता बर्बाद हो चुकी थीं। जिससे रबी की फसल की बुआई करने के लिए किसानों को बैंक व साहूकारों से कर्ज लेना पड़ा था। अब एक बार सिर्फ अन्ना फसलों को चौपट कर रहे हैं। अब किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है।
क्यों नहीं होती जिम्मेदारों पर कार्रवाई
किसान साबिर ने बताया कि अन्ना समस्या के लिए शासन द्वारा लाखों रुपये का बजट हर माह आवंटित जा रहा है, लेकिन इतने बजट के बाद भी गांव क्षेत्र की गोशालाओं का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया। जिससे आय दिन किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आखिर प्रशासन जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं करता।

किसान साबिर- फोटो : ORAI

बड़ा गांव में खेतों में अन्ना मवेशी फसल चरते- फोटो : ORAI

कदौरा क्षेत्र के बड़ा गांव के किसान अन्ना मवेशियों द्वारा खराब की फसल को लेकर थाने में शिकायत कर?- फोटो : ORAI