फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   And grew cold, the city wrapped in fog

ठंड और बढ़ी, कोहरे में लिपटा शहर

Sun, 04 Dec 2016 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Sun, 04 Dec 2016 10:42 PM IST
विज्ञापन
And grew cold, the city wrapped in fog
शहर में कोहरे के चलते छायी धुंध। - फोटो : अमर उजाला
दिसंबर शुरू होने के साथ शुरू हुआ ठंड का कहर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। चौथे दिन रविवार को ठंड और बढ़ गई है। चार दिनों से सुबह की शुरुआत कोहरे के साथ ही हो रही है। ऐसे में आम जनजीवन खासा प्रभावित होने लगा है। शहर में अभी तक चौराहों पर अलाव न जलाए जाने से रिक्शा चालकों, मजदूरों व आम आदमी को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


रविवार को भी शहर में सर्दी लोगों के लिए परेशानी बनी रही। सुबह जब लोगों की नींद खुली और बाहर जाकर देखा तो चारों ओर कोहरा और धुंध दिखाई दी। भोर के समय कोहरा इस कदर घना था कि न तो वाहन दिख रहे थे और न ही आम आदमी। विजिबिलिटी तीन मीटर से भी कम थी। कोहरे की धुंध करीब 8.30 बजे तक छायी रही। वहीं, नौ बजते-बजते यह
विज्ञापन


थोड़ी कम हो चुकी थी। इससे यातायात व्यवस्था थोड़ी सुधरी और लोगों को गाड़ियां नजर आने लगीं। दिन भर ठंडी हवाएं चलतीं रहीं। शाम के वक्त तो हालात और भी खराब हो गए। सात बजते ही फिर से शहर में कोहरे की चादर छा गईं। इससे फिर वाहनों की रफ्तार फिर धीमी हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पांचवें दिन भी ट्रेनों की लेटलतीफी जारी
कोहरे का असर ट्रेनों पर साफ देखने को मिल रहा है। स्थिति यह है कि अपने निर्धारित समय पर उरई स्टेशन आने वालीं ट्रेनें घंटों लेटलतीफ आ रही हैं। इससे यात्री सर्दी के बीच ट्रेनों का इंतजार करते हैं। पांचवें दिन रविवार को कोहरे के चलते 2534 पुष्पक दो घंटे, साबरमती डेढ़ घंटे, 2512 राप्ती सागर दो घंटे, 2598 मुंबई गोरखपुर दो घंटे, 2542 लोकमान्य तिलक

गोरखपुर मुंबई डेढ़ घंटे, कुशीनगर 15घंटे, गोरखपुर दो घंटे, ग्वालियर बरौनी 12 घंटे देरी से चली। वहीं, 2533 एक घंटा 1.40 देरी, 2108 लखनऊ एलटीटी 1 घंटा, साबरमती 6 घंटे देरी, 2944 तीन घंटे, 2541 पांच घंटे देरी से उरई स्टेशन पर पहुंची।


फसलें बचाने को खेतों में रात गुजार रहे किसान
इस समय खेतों में मटर, मसूर, अरहर समेत अन्य फसलें है, लेकिन अन्ना जानवरों की धमाचौकड़ी से किसान परेशान है। अन्ना जानवरों से फसलों को बचाने के लिए किसान ठिठुरन भरी सर्दी के बीच खेतों में रात गुजारने को मजबूर हैं। डकोर, माधौगढ़, रामपुरा समेत अन्य क्षेत्रों में किसानों ने खेतों पर झोपड़ी बनाकर रखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed