{"_id":"6aa84a7c08d0960e5c0a74ad","slug":"after-the-parents-the-grandmother-also-passed-away-leaving-six-sisters-destitute-orai-news-c-224-1-ori1005-149713-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: माता-पिता के बाद दादी का भी साया उठा, छह बहनें हुईं बेसहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: माता-पिता के बाद दादी का भी साया उठा, छह बहनें हुईं बेसहारा
विज्ञापन
जालौन। ग्राम सींगपुरा में छह बहनों के सिर से माता-पिता के बाद अब दादी का भी साया उठ गया। परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा है। दादी ही किसी तरह बच्चियों का पालन-पोषण कर रही थीं, लेकिन रविवार को उनके निधन के बाद सभी बहनें बेसहारा हो गई हैं। अब बच्चियों के सामने भरण-पोषण के साथ रहने की भी चिंता खड़ी हो गई है। बड़ी बहन ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
ग्राम सींगपुरा निवासी विजय सिंह बरार मजदूरी कर पत्नी रामसिया और छह बेटियों का पालन-पोषण करते थे। वर्ष 2023 में बीमारी के चलते विजय सिंह की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद मां ने बेटियों की जिम्मेदारी संभालने की कोशिश की, लेकिन करीब एक माह बाद उनका भी निधन हो गया। इसके बाद बच्चियों की जिम्मेदारी उनकी दादी पर आ गई। दादी ने जैसे-तैसे छहों बच्चियों का पालन-पोषण किया।
रविवार को दादी की भी मौत हो गई। इसके बाद 14 वर्षीय अंजली, 12 वर्षीय दिव्या, 10 वर्षीय प्रतिज्ञा, आठ वर्षीय शिवानी और उनकी दो छोटी बहनें अकेली रह गई हैं। अंजली ने बताया कि अब घर में उनका और बहनों का सहारा बनने वाला कोई नहीं है। परिवार के पास आमदनी का कोई साधन नहीं है।
विज्ञापन
अंजली के मुताबिक उनका मकान भी कच्चा है और बारिश के कारण जर्जर हो चुका है। ऐसे में बहनों के भरण-पोषण और सुरक्षित रहने की चिंता सता रही है।
विज्ञापन
ग्राम सींगपुरा निवासी विजय सिंह बरार मजदूरी कर पत्नी रामसिया और छह बेटियों का पालन-पोषण करते थे। वर्ष 2023 में बीमारी के चलते विजय सिंह की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद मां ने बेटियों की जिम्मेदारी संभालने की कोशिश की, लेकिन करीब एक माह बाद उनका भी निधन हो गया। इसके बाद बच्चियों की जिम्मेदारी उनकी दादी पर आ गई। दादी ने जैसे-तैसे छहों बच्चियों का पालन-पोषण किया।
विज्ञापन
रविवार को दादी की भी मौत हो गई। इसके बाद 14 वर्षीय अंजली, 12 वर्षीय दिव्या, 10 वर्षीय प्रतिज्ञा, आठ वर्षीय शिवानी और उनकी दो छोटी बहनें अकेली रह गई हैं। अंजली ने बताया कि अब घर में उनका और बहनों का सहारा बनने वाला कोई नहीं है। परिवार के पास आमदनी का कोई साधन नहीं है।
विज्ञापन
अंजली के मुताबिक उनका मकान भी कच्चा है और बारिश के कारण जर्जर हो चुका है। ऐसे में बहनों के भरण-पोषण और सुरक्षित रहने की चिंता सता रही है।