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सिलेंडर नदारद, ठंडे पड़े चूल्हे
Jalaun
Updated Fri, 14 Mar 2014 05:31 AM IST
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जालौन। होली का त्योहार आते ही गैस की किल्लत बढ़ गई है। सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के सामने पूरे दिन लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं। तीन चार घंटे बर्बाद करने के बाद भी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे जनता में एजेंसी मालिकों के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि त्योहार के मौके पर एजेंसी कर्मचारी सिलेंडरों ब्लैक में बेच रहे हैं। इससे उनके घरों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। इसकी फ्रिक किसी को नहीं है। बिना सिलेंडर त्योहारों के पकवान तो दूर, खाना बनाना भी मुश्किल हो रहा है।
नगर में एकमात्र इण्डेन गैस की एजेंसी है। लोगों का कहना है कि एजेंसी संचालक की मनमानी से होली के त्योहार पर भी गैस नहीं मिल पा रही है। निर्मला देवी, कस्तूरी देवी, शकीला बानो, राममूर्ति, प्रभादेवी आदि महिलाओं ने बताया कि गुरुवार को सुबह आठ बजे से लाइन में लगी हैं, पर अभी तक गैस नहीं मिली है। उन्हें बताया गया है कि लगभग 12 बजे गैस आने पर वितरित की जाएगी। इससे वे भूखी-प्यासी लाइन में लगी हैं। बाबई से आए किसान राज बहादुर सिंह, मोहर सिंह, राम सजीवन औरेखी आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि कुदरत की मार से वैसे ही हम किसानों का जीना हराम है, इस समय खेती किसानी का काम भी चल रहा है। थोड़ा बहुत समय निकाल कर सिलेंडर भरवाने में तीन से तार घंटे का कीमती समय बरबाद हो जाता है। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
गैस उपभोक्ता गया प्रसाद साहू, बाला प्रसाद, गोपाल सिंह, अरविंद कुमार आदि बताते हैं कि उन्होंने आठ दस दिन पहले गैस बुक कराई थी परंतु आज तक घर पर गैस नहीं पहुंची है। इसकी शिकायत गैस एजेंसी के संचालक से करने आए हैं लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मार्च 2014 तक 11 सिलेंडर दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन समय से सिलेंडर मिल ही नहीं रहे हैं। सतेन्द्र कुमार, विजय सिंह तोमर कुदारी कहते हैं कि जो दो सिलेंडर बढे़ हैं, उनकी पर्ची 21 दिन के बाद काटी जाती है, फिर8 से 10 दस दिन के बाद हम लोगों को गैस सिलेंडर दिया जाता है। समाजसेवी अशफाक राईन ने कहा है कि जब लोगों को सिलेंडर मिलेगी ही नहीं तो गैस संचालक किस प्रकार मार्च तक पूरी आपूर्ति करेंगे।
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कार चालक पवन कुमार, विश्राम सिंह, दिनेश सिंह ने बताया कि उन्हें जब भी गैस सिलेंडर की आवश्यकता होती है तो ऊँचे दामों पर तत्काल सिलेंडर मिल जाता है। दूसरी ओर होटल संचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि महीने में एक या दो सिलेंडर कामर्शियल ले लेते हैं बाकी काम घरेलूसिलेंडरों से ही चला लेते हैं। डीबीसी कनेक्शन लेने वाले जसवंत सिंह ने बताया कि सिलेंडर के ज्यादा दाम लिए जा रहे हैं उन्होंने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से कर दी है।
इस बाबत गैस एजेंसी संचालक प्रभू दयाल भाटिया ने बताया कि कभी-कभी कंपनी से सिलेंडर न आने के कारण गैस की किल्लत बढ़ जाती है। इससे उपभोक्ताओं को भी परेशान होना पड़ता है। उधर क्षेत्रीय आपूर्ति अधिकारी अखिलेश कुमार से बात की गई तो उन्होंनेे अपने हाथ खडे़ करते हुए कहा कि गैस संचालक का हम कुछ नहीं कर सकते हैं। इनकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाए तो हो सकता है कि वह इस समस्या का निदान कर सकें।
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नगर में एकमात्र इण्डेन गैस की एजेंसी है। लोगों का कहना है कि एजेंसी संचालक की मनमानी से होली के त्योहार पर भी गैस नहीं मिल पा रही है। निर्मला देवी, कस्तूरी देवी, शकीला बानो, राममूर्ति, प्रभादेवी आदि महिलाओं ने बताया कि गुरुवार को सुबह आठ बजे से लाइन में लगी हैं, पर अभी तक गैस नहीं मिली है। उन्हें बताया गया है कि लगभग 12 बजे गैस आने पर वितरित की जाएगी। इससे वे भूखी-प्यासी लाइन में लगी हैं। बाबई से आए किसान राज बहादुर सिंह, मोहर सिंह, राम सजीवन औरेखी आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि कुदरत की मार से वैसे ही हम किसानों का जीना हराम है, इस समय खेती किसानी का काम भी चल रहा है। थोड़ा बहुत समय निकाल कर सिलेंडर भरवाने में तीन से तार घंटे का कीमती समय बरबाद हो जाता है। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
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गैस उपभोक्ता गया प्रसाद साहू, बाला प्रसाद, गोपाल सिंह, अरविंद कुमार आदि बताते हैं कि उन्होंने आठ दस दिन पहले गैस बुक कराई थी परंतु आज तक घर पर गैस नहीं पहुंची है। इसकी शिकायत गैस एजेंसी के संचालक से करने आए हैं लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मार्च 2014 तक 11 सिलेंडर दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन समय से सिलेंडर मिल ही नहीं रहे हैं। सतेन्द्र कुमार, विजय सिंह तोमर कुदारी कहते हैं कि जो दो सिलेंडर बढे़ हैं, उनकी पर्ची 21 दिन के बाद काटी जाती है, फिर8 से 10 दस दिन के बाद हम लोगों को गैस सिलेंडर दिया जाता है। समाजसेवी अशफाक राईन ने कहा है कि जब लोगों को सिलेंडर मिलेगी ही नहीं तो गैस संचालक किस प्रकार मार्च तक पूरी आपूर्ति करेंगे।
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कार चालक पवन कुमार, विश्राम सिंह, दिनेश सिंह ने बताया कि उन्हें जब भी गैस सिलेंडर की आवश्यकता होती है तो ऊँचे दामों पर तत्काल सिलेंडर मिल जाता है। दूसरी ओर होटल संचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि महीने में एक या दो सिलेंडर कामर्शियल ले लेते हैं बाकी काम घरेलूसिलेंडरों से ही चला लेते हैं। डीबीसी कनेक्शन लेने वाले जसवंत सिंह ने बताया कि सिलेंडर के ज्यादा दाम लिए जा रहे हैं उन्होंने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से कर दी है।
इस बाबत गैस एजेंसी संचालक प्रभू दयाल भाटिया ने बताया कि कभी-कभी कंपनी से सिलेंडर न आने के कारण गैस की किल्लत बढ़ जाती है। इससे उपभोक्ताओं को भी परेशान होना पड़ता है। उधर क्षेत्रीय आपूर्ति अधिकारी अखिलेश कुमार से बात की गई तो उन्होंनेे अपने हाथ खडे़ करते हुए कहा कि गैस संचालक का हम कुछ नहीं कर सकते हैं। इनकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाए तो हो सकता है कि वह इस समस्या का निदान कर सकें।