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सात महिने से नहीं मिला मनरेगा में काम, मजदूर परेशान
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कदौरा। काम न मिलने से परेशान मनरेगा मजदूरों ने डीएम से गुहार लगाई है। मजदूरों का कहना है कि वह सात माह से काम नहीं दिया गया है।
क्षेत्र के बड़ा गांव निवासी मनरेगा मजदूर हरिचरण, रज्जी देवी, लल्लू सिंह, ज्ञानवती, विशंभर, रामदेवी, रामस्वरूप, रमेश, देशराज, भूरी रुस्तम आदि ने डीएम को बताया कि जुलाई व सितंबर 2020 में पौधारोपण व जलरोक, बंधा-बंधी बांध में काम किया था, इसके बाद से गांव में मनरेगा के तहत काम नहीं मिला है। कई बार गांव के सचिव, रोजगार सेवक व ब्लॉक अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन मजदूरी नहीं मिली। चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में लोग दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र आदि शहरों को काम की तलाश में जाने को मजबूर हैं।
बीडीओ अतिरंजन सिंह ने कहा कि इस तरह का मामला संज्ञान में नही है अगर ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी। सभी ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से मनरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे है। इसके साथ ही ब्लाक में टोल फ्री नंबर भी दिए गए है। जिससे की लोगों को काम मिल सके।
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क्षेत्र के बड़ा गांव निवासी मनरेगा मजदूर हरिचरण, रज्जी देवी, लल्लू सिंह, ज्ञानवती, विशंभर, रामदेवी, रामस्वरूप, रमेश, देशराज, भूरी रुस्तम आदि ने डीएम को बताया कि जुलाई व सितंबर 2020 में पौधारोपण व जलरोक, बंधा-बंधी बांध में काम किया था, इसके बाद से गांव में मनरेगा के तहत काम नहीं मिला है। कई बार गांव के सचिव, रोजगार सेवक व ब्लॉक अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन मजदूरी नहीं मिली। चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में लोग दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र आदि शहरों को काम की तलाश में जाने को मजबूर हैं।
बीडीओ अतिरंजन सिंह ने कहा कि इस तरह का मामला संज्ञान में नही है अगर ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी। सभी ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से मनरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे है। इसके साथ ही ब्लाक में टोल फ्री नंबर भी दिए गए है। जिससे की लोगों को काम मिल सके।
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