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Jalaun News: खाद के लिए 15 गांवों के 600 किसान परेशान

Mon, 25 Aug 2025 12:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 25 Aug 2025 12:44 AM IST
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600 farmers from 15 villages are troubled for fertilizer
फोटो- 15 बंद सहकारी केंद्र।संवाद
पहाड़गांव। खाद के लिए मारामारी से 15 गांवों के 600 किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि प्रशासन के इंतजाम नाकाफी है। 15 दिन से केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। किसी को एक तो किसी को दो बोरी खाद मिलती है। यह जरूरत तक पूरी नहीं कर पा रही है। ऐसे में फसल खराब होने की चिंता भी सताने लगी है।
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घान की फसल के लिए इस समय खाद की सबसे ज्यादा मांग कर रही है। अगर समय पर खाद नहीं डाली गई तो फसल खराब हो सकती है। पहाड़गांव सहकारी समिति पर पिछले कई दिनों से खाद की कमी बनी हुई है। गुरुवार को तो हालात ऐसे हो गए कि खाद का वितरण पुलिस की निगरानी में कराना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि समिति का सचिव मिलीभगत करके चुनिंदा किसानों को खाद दे रहा है, जबकि असली जरूरतमंद किसानों को बार-बार टरकाया जा रहा है।
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वहीं, सचिव का कहना है कि स्टॉक ही इतना नहीं है कि सभी को बराबर मात्रा में दिया जा सके। किसानों का कहना है कि प्रशासन हर साल किल्लत जानता है, फिर भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं करता। इस समय करीब 15 गांवों के 600 से ज्यादा किसान खाद की कमी से परेशान हैं। किसान सुबह-शाम केंद्र पर पहुंचते हैं, लाइन लगाते हैं, लेकिन अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ता है। डीएपी और यूरिया दोनों की जरूरत है, लेकिन दोनों में ही कमी बनी हुई है। किसान कह रहे हैं कि अगर खाद समय से न मिली तो उनकी घान की फसल पर संकट आ जाएगा।
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समिति सचिव सुभाष प्रजापति ने बताया कि 21 अगस्त को 450 बोरी यूरिया आई थी। उसी दिन लगभग 200 बोरी बांट दी गई थी और बाकी अगले दिन वितरित की गईं। मेरे पास अब स्टॉक नहीं है। केवल 20 बोरी डीएपी बची है। बाकी डिमांड लगी हुई है।



एक बोरी से कैसे चलेगा काम

नरी निवासी कुलदीप शिवहरे ने बताया कि पास 11 एकड़ खुद की और 20 एकड़ बलकट पर जमीन है। उनका कहना है कि एक बोरी खाद से क्या होगा। हमारी फसल को जितनी जरूरत है उतनी तो मिलनी चाहिए। हर साल यही समस्या आती है और किसान को ही नुकसान झेलना पड़ता है।


पहाड़गांव निवासी टिंकू राजपूत ने बताया कि किसान खाद घर में रखने के लिए नहीं ले जाता, खेत में डालने के लिए लेता है। प्रशासन को पहले से पता है कि कितनी जरूरत है, तो पहले से ही पर्याप्त खाद पहुंचा देनी चाहिए। लेकिन जिम्मेदार हर बार किसान को परेशानी में डालते हैं।

फोटो- 15 बंद सहकारी केंद्र।संवाद

फोटो- 15 बंद सहकारी केंद्र।संवाद

फोटो- 15 बंद सहकारी केंद्र।संवाद

फोटो- 15 बंद सहकारी केंद्र।संवाद

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