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घाटों पर पसरा सन्नाटा, ट्रक भी नहीं दौड़े
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उरई (जालौन)। खनिज निदेशक की ओर से बुधवार को की गई कार्रवाई का असर गुरुवार को भी मौरंग की खदानों पर देखने को मिला। जनपद की अधिकांश खदानों में दिन भर गरजने वाली पोकलैंड और जेसीबी खामोश खड़ी रहीं। वहीं ट्रकों के पहिए भी थमे रहे। सीबीआई की कार्रवाई के तुरंत बाद निदेशक के छापे से लगता है कि अभी कुछ और कार्रवाई होना तय है।
बता दें कि बुधवार को निदेशक रोशन जैकब ने खदानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और हाईवे पर दौड़ते करीब पांच दर्जन ओवरलोड ट्रक भी सीज कराए थे। इतना ही नहीं खनिज अधिकारी से स्पष्टीकरण और दरोगा रामनाथ यादव के निलंबन की संस्तुति भी की थी।
गुरुवार को जनपद की कोटरा, कदौरा, डकोर, कालपी, रामपुरा आदि क्षेत्र की दर्जनों खदानों पर सन्नाटा ही पसरा रहा। मौरंग से लदे ट्रक भी हाईवे पर ही खड़े नजर आए। ट्रकों की आवाजाही कम होने से कालपी में लोगों को जाम से भी राहत महसूस हुई।
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माना जा रहा है कि बुधवार को मिली खामियों के कारण कभी भी अचानक निदेशक का काफिला फिर से खदानों की ओर रुख कर सकता है। इधर विभागीय सूत्रों की मानें तो छापे में विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। इसमें कुछ और नाम भी बढ़ सकते हैं। लिहाजा सभी पट्टों की नए सिरे से जांच भी कराई जा सकती है। इससे खनन माफियाओं के साथ-साथ विभाग के अधिकारी से लेकर बाबू तक सभी सकते में हैं।
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बता दें कि बुधवार को निदेशक रोशन जैकब ने खदानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और हाईवे पर दौड़ते करीब पांच दर्जन ओवरलोड ट्रक भी सीज कराए थे। इतना ही नहीं खनिज अधिकारी से स्पष्टीकरण और दरोगा रामनाथ यादव के निलंबन की संस्तुति भी की थी।
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गुरुवार को जनपद की कोटरा, कदौरा, डकोर, कालपी, रामपुरा आदि क्षेत्र की दर्जनों खदानों पर सन्नाटा ही पसरा रहा। मौरंग से लदे ट्रक भी हाईवे पर ही खड़े नजर आए। ट्रकों की आवाजाही कम होने से कालपी में लोगों को जाम से भी राहत महसूस हुई।
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माना जा रहा है कि बुधवार को मिली खामियों के कारण कभी भी अचानक निदेशक का काफिला फिर से खदानों की ओर रुख कर सकता है। इधर विभागीय सूत्रों की मानें तो छापे में विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। इसमें कुछ और नाम भी बढ़ सकते हैं। लिहाजा सभी पट्टों की नए सिरे से जांच भी कराई जा सकती है। इससे खनन माफियाओं के साथ-साथ विभाग के अधिकारी से लेकर बाबू तक सभी सकते में हैं।