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हत्या के मामले में दो आरोपियों को उम्रकैद
अमर उजाला, हाथरस
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:34 PM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम राजकुमार बंसल ने हत्या के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को उम्रकैद और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी है कि अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6 माह की अतिरिक्त कारावास भोगनी होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस को दी गई तहरीर में रनवीर सिंह निवासी नगला कोठी सिकंदराराऊ ने आरोप लगाया कि 2 जनवरी, 2004 को वह तथा उसका भाई गोवर्धन सिंह अपने पिता नरायन सिंह व चाचा मूलचंद को खाना देने गए थे।
वह दोनों मंदिर पर रहते थे। उसी समय नौरथा ईसेपुर का एक आदमी अपनी मोटर साइकिल मंदिर पर खड़ी करके चला गया। कुछ समय बाद गुड्डा व मल्ला निवासी गढ़िया थाना सिकंदराराऊ आए। यह मंदिर पर खड़ी बाइक को उठा ले गए।
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कुछ समय बाद बाइक सवार लोग आए उन्होंने बाइक के बारे में जानकारी की तो उनको उक्त युवकों के मोटर साइकिल ले जाने की जानकारी दी। इसी बात से नाराज होकर गुड्डा व मल्ला निवासी गढ़िया आए। उन्होंने मोटर साइकिल ले जाने की जानकारी दिए जाने के बारे में पूछा।
इस पर भाई गोवर्धन ने कहा कि बाइक ले जाने की उसने जानकारी दी है। इसी से उत्तेजित होकर गुड्डा व मल्ला ने गाली देते हुए देते हुए गुड्डा ने अपने पास मौजूद तमंचे से गोवर्धन को गोली मार दी। और भाग गए। जिससे उसका भाई गोवर्धन गंभीर रूप से घायल हो गया।
जिसकी उपचार के दौरान 18 जनवरी,2004 को मृत्यु हो गई। इस मामले में न्यायालय में दोनों पक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद निर्णय सुनाया है। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी साहब सिंह चौहान ने की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस को दी गई तहरीर में रनवीर सिंह निवासी नगला कोठी सिकंदराराऊ ने आरोप लगाया कि 2 जनवरी, 2004 को वह तथा उसका भाई गोवर्धन सिंह अपने पिता नरायन सिंह व चाचा मूलचंद को खाना देने गए थे।
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वह दोनों मंदिर पर रहते थे। उसी समय नौरथा ईसेपुर का एक आदमी अपनी मोटर साइकिल मंदिर पर खड़ी करके चला गया। कुछ समय बाद गुड्डा व मल्ला निवासी गढ़िया थाना सिकंदराराऊ आए। यह मंदिर पर खड़ी बाइक को उठा ले गए।
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कुछ समय बाद बाइक सवार लोग आए उन्होंने बाइक के बारे में जानकारी की तो उनको उक्त युवकों के मोटर साइकिल ले जाने की जानकारी दी। इसी बात से नाराज होकर गुड्डा व मल्ला निवासी गढ़िया आए। उन्होंने मोटर साइकिल ले जाने की जानकारी दिए जाने के बारे में पूछा।
इस पर भाई गोवर्धन ने कहा कि बाइक ले जाने की उसने जानकारी दी है। इसी से उत्तेजित होकर गुड्डा व मल्ला ने गाली देते हुए देते हुए गुड्डा ने अपने पास मौजूद तमंचे से गोवर्धन को गोली मार दी। और भाग गए। जिससे उसका भाई गोवर्धन गंभीर रूप से घायल हो गया।
जिसकी उपचार के दौरान 18 जनवरी,2004 को मृत्यु हो गई। इस मामले में न्यायालय में दोनों पक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद निर्णय सुनाया है। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी साहब सिंह चौहान ने की।