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हाथरस: स्वयं सहायता समूहों का गठन कर महिलाओं को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है। यह गठन प्रक्रिया 20 सितंबर तक जिले में चलेगी। प्रक्रिया जिले के मुरसान, हाथरस व सासनी ब्लॉक में की जा रही है। टीमें इन ब्लॉक की 12-12 ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूह संगठन का गठन कर रही हैं। इन समूह के माध्यम से शासन की योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
एनआरएलएम के माध्यम से ग्रामीण इलाके में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए शासन स्तर से जिले के हाथरस, सासनी व मुरसान ब्लाक को चयनित किया गया है। इन ब्लॉकों की 12 -12 ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह के गठन के लिए शासन स्तर से आईसीआरपी की टीम इन ग्राम पंचायतों में भेजी जा रही है।
ये टीमें 15-15 दिनों तक ग्राम पंचायतों में रहकर स्वयं सहायता समूह का गठन कराती हैं। इसके बाद समूह की एक सदस्य को अध्यक्ष बनाकर उसे समूह के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। फिलहाल इन स्वयं सहायता समूह के संगठनों द्वारा बेसिक परिषदीय स्कूलों की यूनिफार्म तैयार करने का काम किया जा रहा है। वहीं इन समूह से मनरेगा के हुए कामों के बोर्ड निर्माण व गांव में चल रहे मनरेगा काम के दौरान जॉब कार्डधारकों की उपस्थिति दर्ज करने का काम कराया जा रहा है। वहीं जिले में दो स्वयं सहायता समूहों को उचित दर विक्रेता की दुकान के संचालन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
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जिले में ब्लॉक वार समूह गठन की संख्या
हाथरस- 62
सासनी- 75
मुरसान- 55
- महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार भी मुहैया हो रहा है। समूह के गठन की तेजी से कार्रवाई चल रही है। - रंजन कुमार सिंह, जिला मिशन प्रबंधक
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है। यह गठन प्रक्रिया 20 सितंबर तक जिले में चलेगी। प्रक्रिया जिले के मुरसान, हाथरस व सासनी ब्लॉक में की जा रही है। टीमें इन ब्लॉक की 12-12 ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूह संगठन का गठन कर रही हैं। इन समूह के माध्यम से शासन की योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
एनआरएलएम के माध्यम से ग्रामीण इलाके में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए शासन स्तर से जिले के हाथरस, सासनी व मुरसान ब्लाक को चयनित किया गया है। इन ब्लॉकों की 12 -12 ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह के गठन के लिए शासन स्तर से आईसीआरपी की टीम इन ग्राम पंचायतों में भेजी जा रही है।
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ये टीमें 15-15 दिनों तक ग्राम पंचायतों में रहकर स्वयं सहायता समूह का गठन कराती हैं। इसके बाद समूह की एक सदस्य को अध्यक्ष बनाकर उसे समूह के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। फिलहाल इन स्वयं सहायता समूह के संगठनों द्वारा बेसिक परिषदीय स्कूलों की यूनिफार्म तैयार करने का काम किया जा रहा है। वहीं इन समूह से मनरेगा के हुए कामों के बोर्ड निर्माण व गांव में चल रहे मनरेगा काम के दौरान जॉब कार्डधारकों की उपस्थिति दर्ज करने का काम कराया जा रहा है। वहीं जिले में दो स्वयं सहायता समूहों को उचित दर विक्रेता की दुकान के संचालन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
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जिले में ब्लॉक वार समूह गठन की संख्या
हाथरस- 62
सासनी- 75
मुरसान- 55
- महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार भी मुहैया हो रहा है। समूह के गठन की तेजी से कार्रवाई चल रही है। - रंजन कुमार सिंह, जिला मिशन प्रबंधक