{"_id":"6a1b516b27534cc9730dd4a2","slug":"re-evaluation-b-copies-not-scanned-12-marks-held-up-hathras-news-c-56-1-hts1003-149279-2026-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुनर्मूल्यांकन : बी कॉपी स्कैन नहीं, 12 अंक अटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुनर्मूल्यांकन : बी कॉपी स्कैन नहीं, 12 अंक अटके
Sun, 31 May 2026 02:36 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 31 May 2026 02:36 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
सीबीएसई बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर एक छात्र और उसके परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शहर के पुराना मिल कंपाउंड निवासी इंटरमीडिएट के छात्र का आरोप है कि बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपी में एकाउंटेंसी विषय की केवल ए कॉपी ही दिखाई गई है, जबकि उसने बी कॉपी में भी प्रश्नों के उत्तर लिखे थे। ऐसे में उसके 12 अंकों के उत्तरों का मूल्यांकन ही नहीं किया गया।
छात्र व्योम मित्तल के अनुसार उसने एकाउंटेंसी विषय की परीक्षा में बी कॉपी में 12 अंकों के प्रश्न हल किए थे। परिणाम घोषित होने के बाद अपेक्षा से कम अंक मिलने पर उसने उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया। बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपी में केवल ए कॉपी ही दिखाई गई, जबकि बी कॉपी का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।
व्योम के पिता ललित मित्तल का कहना है कि यदि बी कॉपी का मूल्यांकन नहीं हुआ है। छात्र ने गणित के मूल्यांकन पर भी सवाल उठाए हैं। दावा है कि गणित में उसे 99 अंक मिले हैं, जबकि एक अंक बिना उचित कारण के काटा गया है। यदि दोनों विषयों की त्रुटियों को सही किया जाए तो उसके कुल अंक 99 प्रतिशत से अधिक हो सकते हैं। ललित का कहना है कि मूल्यांकन संबंधी गलती गंभीर चिंता का विषय है। गौर हो कि इस वर्ष सीबीएसई हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के करीब 840 छात्र-छात्राओं ने पुनर्मूल्यांकन के आवेदन किए थे।
विज्ञापन
सीबीएसई बोर्ड के लिए सबसे पहली प्राथमिकता विद्यार्थियों की संतुष्टि है, जो भी आवेदन किये गए हैं, उनके निस्तारण लगातार कराए जा रहे हैं।
डाॅ. जगदीश शर्मा, कोआर्डिनेटर हाथरस।
विज्ञापन
छात्र व्योम मित्तल के अनुसार उसने एकाउंटेंसी विषय की परीक्षा में बी कॉपी में 12 अंकों के प्रश्न हल किए थे। परिणाम घोषित होने के बाद अपेक्षा से कम अंक मिलने पर उसने उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया। बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपी में केवल ए कॉपी ही दिखाई गई, जबकि बी कॉपी का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।
विज्ञापन
व्योम के पिता ललित मित्तल का कहना है कि यदि बी कॉपी का मूल्यांकन नहीं हुआ है। छात्र ने गणित के मूल्यांकन पर भी सवाल उठाए हैं। दावा है कि गणित में उसे 99 अंक मिले हैं, जबकि एक अंक बिना उचित कारण के काटा गया है। यदि दोनों विषयों की त्रुटियों को सही किया जाए तो उसके कुल अंक 99 प्रतिशत से अधिक हो सकते हैं। ललित का कहना है कि मूल्यांकन संबंधी गलती गंभीर चिंता का विषय है। गौर हो कि इस वर्ष सीबीएसई हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के करीब 840 छात्र-छात्राओं ने पुनर्मूल्यांकन के आवेदन किए थे।
विज्ञापन
सीबीएसई बोर्ड के लिए सबसे पहली प्राथमिकता विद्यार्थियों की संतुष्टि है, जो भी आवेदन किये गए हैं, उनके निस्तारण लगातार कराए जा रहे हैं।
डाॅ. जगदीश शर्मा, कोआर्डिनेटर हाथरस।