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नेताजी कहते थे - भीड़ तो बहुत है लेकिन आप लोग प्रत्याशी को हरा देते हैं
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फरजंद अली बेग पूर्व विधायक के निधन के बाद परिवार से मिलने आए मुलायम सिंह। फाइल फोटो
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
राकेश वार्ष्णेय, सिकंदराराऊ।
समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का सिकंदराराऊ से काफी लगाव रहा है। वे यहां जनसभाओं को संबोधित करने आते रहे हैं। चुनावी सभा में वे कहते थे कि भीड़ तो इतनी कर लेते हो लेकिन प्रत्याशी को हरा देते हो। अपने हर कार्यकर्ता का वे पूरा ख्याल रखते थे।
विधायक फरजंद अलीबेग के निधन के बाद वे 1999 में उनके गांव असोई गए और पीड़ित परिवार को सांत्वना प्रदान की। गढ़िया गांव के ग्रामीणों पर जब पुलिसिया कहर टूटा तो वे हेलीकॉप्टर से यहां आए और ग्रामीणों के साथ लड़ाई लड़ी।
मुलायम सिंह ने पहली बार हाथरस सुरक्षित सीट से जनता दल के सांसद पद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे पूरन चंद्र के समर्थन में जनसभा की थी। अमर सिंह यादव जब पहली बार बसपा-सपा के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे तब उन्होंने अमर सिंह के समर्थन में जनसभा की। पहली बार अमर सिंह ने यहां से चुनाव जीता। उसके बाद वे फतेह सिंह के समर्थन में चुनावी सभा में आए। अमर सिंह को टिकट काट कर फतेह सिंह को देने से क्रुद्ध हुए अमर सिंह के समर्थकों ने उन्हें काले झ्ंण्डे दिखाए।
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गांव गढ़िया में एक बार रोड जाम के चलते आईएएस डॉ. एके वर्मा जो कि स्व कल्याण सिंह के दामाद थे की गाड़ी से ग्रामीण को चोट लग गई। इससे आक्रोशित लोगों ने वर्मा के कार के चालक तथा स्टाफ की पिटाई कर दी थी। इसके बाद गांव गढ़िया के ग्रामीणों पर पुलिसिया कहर टूट पड़ा।
हालात यहां तक बदतर हो गए थे कि ग्रामीण पेड़ों पर रात बिताते थे। इस प्रकरण को लेकर मुलायम सिंह ने गांव में आने का ऐलान कर दिया। उनके हेलीकॉप्टर को मंडी समिति में उतरने से रोका गया लेकिन फिर भी वे यहां आए और ग्रामीणों के साथ लड़ाई लड़ी। मधु बघेल, सीमा यादव के विधानसभा चुनाव में उन्होंने यहां जनसभाएं की लेकिन पार्टी प्रत्याशी जीत नहीं पाया। संवाद
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समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का सिकंदराराऊ से काफी लगाव रहा है। वे यहां जनसभाओं को संबोधित करने आते रहे हैं। चुनावी सभा में वे कहते थे कि भीड़ तो इतनी कर लेते हो लेकिन प्रत्याशी को हरा देते हो। अपने हर कार्यकर्ता का वे पूरा ख्याल रखते थे।
विधायक फरजंद अलीबेग के निधन के बाद वे 1999 में उनके गांव असोई गए और पीड़ित परिवार को सांत्वना प्रदान की। गढ़िया गांव के ग्रामीणों पर जब पुलिसिया कहर टूटा तो वे हेलीकॉप्टर से यहां आए और ग्रामीणों के साथ लड़ाई लड़ी।
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मुलायम सिंह ने पहली बार हाथरस सुरक्षित सीट से जनता दल के सांसद पद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे पूरन चंद्र के समर्थन में जनसभा की थी। अमर सिंह यादव जब पहली बार बसपा-सपा के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे तब उन्होंने अमर सिंह के समर्थन में जनसभा की। पहली बार अमर सिंह ने यहां से चुनाव जीता। उसके बाद वे फतेह सिंह के समर्थन में चुनावी सभा में आए। अमर सिंह को टिकट काट कर फतेह सिंह को देने से क्रुद्ध हुए अमर सिंह के समर्थकों ने उन्हें काले झ्ंण्डे दिखाए।
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गांव गढ़िया में एक बार रोड जाम के चलते आईएएस डॉ. एके वर्मा जो कि स्व कल्याण सिंह के दामाद थे की गाड़ी से ग्रामीण को चोट लग गई। इससे आक्रोशित लोगों ने वर्मा के कार के चालक तथा स्टाफ की पिटाई कर दी थी। इसके बाद गांव गढ़िया के ग्रामीणों पर पुलिसिया कहर टूट पड़ा।
हालात यहां तक बदतर हो गए थे कि ग्रामीण पेड़ों पर रात बिताते थे। इस प्रकरण को लेकर मुलायम सिंह ने गांव में आने का ऐलान कर दिया। उनके हेलीकॉप्टर को मंडी समिति में उतरने से रोका गया लेकिन फिर भी वे यहां आए और ग्रामीणों के साथ लड़ाई लड़ी। मधु बघेल, सीमा यादव के विधानसभा चुनाव में उन्होंने यहां जनसभाएं की लेकिन पार्टी प्रत्याशी जीत नहीं पाया। संवाद