{"_id":"694314ae32857820e108d323","slug":"intense-cold-weather-will-prevail-today-and-tomorrow-and-fog-will-cover-the-area-hathras-news-c-56-1-sali1018-141874-2025-12-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: आज और कल रहेगी कड़ाके की सर्दी, छाएगा कोहरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: आज और कल रहेगी कड़ाके की सर्दी, छाएगा कोहरा
Thu, 18 Dec 2025 02:08 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 18 Dec 2025 02:08 AM IST
विज्ञापन
मौसम विज्ञान विभाग और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार 18 और 19 दिसंबर को मथुरा, हाथरस एवं आसपास के इलाकों में कड़ाके की सर्दी रहेगी और घना कोहरा छा सकता है। इस बदलते मौसम को देखते हुए विशेषज्ञों ने किसानों और पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र की तरफ से किसानों को सूचित किया है कि वे अपनी रबी की खड़ी फसलों को पाले और ठंड से बचाने के लिए उनमें हल्की सिंचाई अवश्य करें। खेत में उचित नमी बनाए रखने से फसलों पर अत्यधिक ठंड का प्रतिकूल प्रभाव कम पड़ता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपनी फसलों की निगरानी करें, ताकि पैदावार प्रभावित न हो।
फसलों के साथ-साथ पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डॉ. बलवीर सिंह ने पशुपालकों से कहा है कि वे रात्रि के समय अपने पशुओं को किसी भी कीमत पर खुले स्थान पर न बांधें। ठंड से बचाव के लिए पशु बाड़ों की खिड़कियों पर रात के समय जूट के पर्दे डालें, जिन्हें दिन में धूप निकलने पर हटा दें, ताकि ताजी हवा और रोशनी मिल सके। इसके अतिरिक्त, पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उनके ऊपर जूट की झूल (टाट) जरूर डालें, जिससे वे बीमार न पड़ें। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र की तरफ से किसानों को सूचित किया है कि वे अपनी रबी की खड़ी फसलों को पाले और ठंड से बचाने के लिए उनमें हल्की सिंचाई अवश्य करें। खेत में उचित नमी बनाए रखने से फसलों पर अत्यधिक ठंड का प्रतिकूल प्रभाव कम पड़ता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपनी फसलों की निगरानी करें, ताकि पैदावार प्रभावित न हो।
विज्ञापन
फसलों के साथ-साथ पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डॉ. बलवीर सिंह ने पशुपालकों से कहा है कि वे रात्रि के समय अपने पशुओं को किसी भी कीमत पर खुले स्थान पर न बांधें। ठंड से बचाव के लिए पशु बाड़ों की खिड़कियों पर रात के समय जूट के पर्दे डालें, जिन्हें दिन में धूप निकलने पर हटा दें, ताकि ताजी हवा और रोशनी मिल सके। इसके अतिरिक्त, पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उनके ऊपर जूट की झूल (टाट) जरूर डालें, जिससे वे बीमार न पड़ें। संवाद
विज्ञापन