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Hathras News: आग लगी तो नहीं बचा पाएंगे मकान और प्रतिष्ठान

Tue, 10 Oct 2023 12:58 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Tue, 10 Oct 2023 12:58 AM IST
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If fire breaks out, houses and establishments will not be able to be saved
जिले के अफसरों की अनदेखी के चलते शहर के घनी आबादी क्षेत्रों में कई फैक्टरियां धड़ल्ले से नियमों को ताक पर रखकर चल रही हैं। ज्यादातर फैक्टरियों में आग से बचाव के लिए किसी प्रकार के संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में आग लगने की स्थिति में अग्निशमन विभाग के भी हाथ-पांव फूल जाते हैं और आसपास रहने वाले दहशत में आ जाते हैं। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो आग लगने की स्थिति में प्रतिष्ठान और मकानों को बचाना मुश्किल हो सकता है।
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आबादी में संचालित इन औद्योगिक इकाइयों में न तो अग्निसुरक्षा के इंतजाम हैं और न हीं फैक्टरी संचालन के दूसरे नियमों का पालन किया जा रहा है। गलियों में छोटे-छोटे कुटीर उद्योग के रूप में यह औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित इन औद्योगिक इकाइयों में कई बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इस दौरान अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को भी मौके पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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ऐसा कई बार हुआ है, जब आग लगने के दौरान गाड़ियों को औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचने में काफी दिक्कतें सामने आई हैं। रविवार की देर शाम वाटर वर्क्स के निकट वर्मा काॅलोनी में मकान में चल रही गारमेंट फैक्टरी में आग लगने के दौरान भी अग्निशमन विभाग को इसे बुझाने में काफी दिक्कतें पेश आईं। यहां भी गली तक फायर बिग्रेड की गाड़ी नहीं पहुंच सकीं।
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इन क्षेत्रों में संचालित हैं फैक्टरियां

वाटर वर्क्स, नयागंज, तरफरा रोड, चक्की बाजार, नगला चौबे, सुरंगपुरा रोड, रमनपुर नई बस्ती, नवीपुर आदि शहर की घनी बस्ती के वह क्षेत्र हैं, जहां कई फैक्टरियां संचालित हैं।





नगला चौबे में गलीचा फैक्टरी में लगी थी आग
केस 1- दो अक्तूबर 2023 को नगला चौबे स्थित एक गलीचा फैक्टरी में दोपहर को शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। अग्निशमन विभाग की दमकलों ने एक घंटे के अथक प्रयास से आग को बुझाया था। इसमें पांच लाख रुपये की मशीनों व लगभग पांच लाख रुपये के सामान का नुकसान हुआ था। इसे लेकर क्षेत्रीय लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।





2022 में भी गत्ता फैक्ट्री में लगी थी आग

केस 2 - वर्ष 2022 में 9 अगस्त को कोतवाली सदर क्षेत्र के मुरसान गेट स्थित गत्ता फैक्टरी में आग लग गई थी। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया गया। स्थानीय लोगों व अग्निशमन विभाग की दमकल ने मशक्कत के बाद आग को बुझाया था।







रंग फैक्टरी में आग से दीवारों में पड़ गई थीं दरारें
केस 3 - वर्ष 2022 में 5 जनवरी को हीरालाल क्वार्टर परिसर में संचालित रंग गुलाल की फैक्टरी में सुबह के समय आग लग गई। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया गया। आग इतनी भयंकर थी कि फैक्टरी की दीवारें दरक गईं और ऊपर की एक छत भी टूट गई। आग बुझाने के प्रयास में दो मजदूर भी झुलस गए थे। आग पर बड़ी मशक्कत से काबू पाया गया।







जिले में घनी आबादी में चलने वाले छोटे-छोटे उद्योग हैं। समय-समय पर इनकी जांच की जाती है। कमी पाए जाने पर इन्हें नोटिस भी दिए जाते हैं। एनओसी लेने के लिए भी जागरूक किया जाता है।

-दीपक कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वितीय






फैक्टरियों के पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन है। पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से होता है। कोई भी कहीं भी अपनी जगह प्रस्तावित कर सकता है। पोर्टल आबादी नहीं जानता है। पोर्टल से ऑटोमेटिक स्वीकृति मिल जाती है।
अजलेश कुमार, जिला उपायुक्त उद्योग
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