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Hathras News: चिकित्सक नहीं मिले तो बिना उपचार के ही लौट गए मरीज
Thu, 14 Sep 2023 12:25 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 14 Sep 2023 12:25 AM IST
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मुरसान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए घूमते मरीज। संवाद
- फोटो : Samvad
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को सुबह 10 बजे तक चिकित्सक नदारद रहे। इस कारण कई मरीज तो बिना उपचार के ही लौट गए। इनमें कई मरीज तो ऐसे थे, जो करीब छह-सात किलोमीटर दूर से उपचार के लिए सीएचसी पहुंचे थे। सीएचसी का यह हाल रोजाना का है।
चिकित्सक के समय से न आने के कारण मजदूरी करने वाले मरीजों को मजबूरन निजी चिकित्सकों के पास पैसे देकर इलाज कराना पड़ रहा है। बुधवार की सुबह से ही सीएचसी पर मरीज पहुंचने लगे थे। सुबह 10 बजे तक कोई भी चिकित्सक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंचा। इस कारण कई किलोमीटर दूर से आने वाले मरीजों को काफी इंतजार के बाद बिना उपचार और दवा लिए ही लौटना पड़ा।
सुबह 10 बजे के बाद एक महिला चिकित्सक पहुंचीं। चिकित्सक ने 200 से ज्यादा मरीजों को उपचार दिया। अकेली इन महिला चिकित्सक के भरोसे ही सीएचसी की ओपीडी सेवा चल रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी भी रोजाना बाहर से ड्यूटी करने अस्पताल पर दोपहर तक ही पहुंचते हैं।
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इस समय बारिश के बाद बुखार व खुजली के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक अपनी मनमानी कर रहे हैं। गौरतलब है कि शासन-प्रशासन ने चिकित्सकों को अस्पताल परिसर में बने आवासों में रहने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी सहित कई चिकित्सक व इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मी आवासों का ताला लगाकर कई कई किलोमीटर दूरी पर रह रहे हैं। वहीं से यह स्वास्थ्यकर्मी रोज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं।
उपचार के लिए बैठा रहा लहूलुहान मरीज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार की सुबह आठ बजे से ही मरीजों का आना शुरू हो गया। मरीज पर्चा बनवाकर करीब दो घंटे तक चिकित्सक के आने के इंतजार में बैठे रहे, लेकिन सुबह 10 बजे तक कोई भी चिकित्सक अस्पताल में उनका उपचार करने नहीं पहुंचा। इमरजेंसी वार्ड में भी मारपीट में घायल एक युवक लहूलुहान अवस्था में काफी देर तक बैठा रहा। 10 बजे के बाद घायल को उपचार मिल सका।
सीएचसी पर चिकित्सकों की कमी चल रही है। इस कारण डाॅ.सुदेश शर्मा द्वारा ही ओपीडी में मरीजों को उपचार दिया गया है। दांत के मरीजों को डाॅ. मितांशी ने उपचार दिया है। नेत्र परीक्षण अधिकारी अवकाश पर हैं।
-डॉ. प्रकाश मोहन, केंद्र प्रभारी, सीएचसी मुरसान।
मैं गांव भकरोई से करीब चार किमी की दूर से दवा लेने के लिए आया हूं। काफी देर से चिकित्सक के आने के इंतजार में बैठा हूं। इस समय भी बुखार आ रहा है। डॉक्टर न होने के कारण काफी परेशान हूं।
-कमल सिंह, मरीज
मैं करीब छह किलोमीटर दूर गांव बर्द्धवारी से सुबह दवा लेने के लिए अस्पताल में आया हुआ हूं। 10 बजने वाले हैं, लेकिन अभी दवा देने वाला कोई चिकित्सक नहीं है। पर्चा बनवा लिया है।
-महीपाल, मरीज।
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चिकित्सक के समय से न आने के कारण मजदूरी करने वाले मरीजों को मजबूरन निजी चिकित्सकों के पास पैसे देकर इलाज कराना पड़ रहा है। बुधवार की सुबह से ही सीएचसी पर मरीज पहुंचने लगे थे। सुबह 10 बजे तक कोई भी चिकित्सक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंचा। इस कारण कई किलोमीटर दूर से आने वाले मरीजों को काफी इंतजार के बाद बिना उपचार और दवा लिए ही लौटना पड़ा।
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सुबह 10 बजे के बाद एक महिला चिकित्सक पहुंचीं। चिकित्सक ने 200 से ज्यादा मरीजों को उपचार दिया। अकेली इन महिला चिकित्सक के भरोसे ही सीएचसी की ओपीडी सेवा चल रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी भी रोजाना बाहर से ड्यूटी करने अस्पताल पर दोपहर तक ही पहुंचते हैं।
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इस समय बारिश के बाद बुखार व खुजली के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक अपनी मनमानी कर रहे हैं। गौरतलब है कि शासन-प्रशासन ने चिकित्सकों को अस्पताल परिसर में बने आवासों में रहने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी सहित कई चिकित्सक व इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मी आवासों का ताला लगाकर कई कई किलोमीटर दूरी पर रह रहे हैं। वहीं से यह स्वास्थ्यकर्मी रोज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं।
उपचार के लिए बैठा रहा लहूलुहान मरीज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार की सुबह आठ बजे से ही मरीजों का आना शुरू हो गया। मरीज पर्चा बनवाकर करीब दो घंटे तक चिकित्सक के आने के इंतजार में बैठे रहे, लेकिन सुबह 10 बजे तक कोई भी चिकित्सक अस्पताल में उनका उपचार करने नहीं पहुंचा। इमरजेंसी वार्ड में भी मारपीट में घायल एक युवक लहूलुहान अवस्था में काफी देर तक बैठा रहा। 10 बजे के बाद घायल को उपचार मिल सका।
सीएचसी पर चिकित्सकों की कमी चल रही है। इस कारण डाॅ.सुदेश शर्मा द्वारा ही ओपीडी में मरीजों को उपचार दिया गया है। दांत के मरीजों को डाॅ. मितांशी ने उपचार दिया है। नेत्र परीक्षण अधिकारी अवकाश पर हैं।
-डॉ. प्रकाश मोहन, केंद्र प्रभारी, सीएचसी मुरसान।
मैं गांव भकरोई से करीब चार किमी की दूर से दवा लेने के लिए आया हूं। काफी देर से चिकित्सक के आने के इंतजार में बैठा हूं। इस समय भी बुखार आ रहा है। डॉक्टर न होने के कारण काफी परेशान हूं।
-कमल सिंह, मरीज
मैं करीब छह किलोमीटर दूर गांव बर्द्धवारी से सुबह दवा लेने के लिए अस्पताल में आया हुआ हूं। 10 बजने वाले हैं, लेकिन अभी दवा देने वाला कोई चिकित्सक नहीं है। पर्चा बनवा लिया है।
-महीपाल, मरीज।