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हाथरस : सूर्य, चंद्र, तारों को अर्घ्य देकर की संतान की लंबी उम्र की कामना
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
संतान की लंबी उम्र और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना को लेकर बृहस्पतिवार को महिलाओं ने अहोई अष्टमी का उपवास रखा। शाम को पूजा कर तारों और चंद्रमा की रोशनी में महिलाओं ने अर्घ्य दिया और उपवास खोला। रात 12 बजे तक महिलाएं चंद्र दर्शन के लिए व्याकुल रहीं। चंद्रदर्शन करने के बाद ही महिलाओं ने उपवास खोला।
बृहस्पतिवार की सुबह स्नान कर महिलाओं ने पूजा स्थल को शुद्ध किया। पूजा पाठ कर व्रत का संकल्प लिया। दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को अहोई माता और सेई के बच्चों की पूजा की। शाम को जैसे ही आसमान में तारे निकले। महिलाओं ने अहोई माता की पूजा शुरू की।
अहोई अष्टमी के व्रत की कथा का श्रद्धाभाव से सुना। हलवा और रुपयों का बायना निकाला। महिलाओं ने अपनी सास या पूजनीय महिलाओं का आशीर्वाद लिया। इसके बाद सुबह पूजा करने वाली महिलाओं ने सूर्य और शाम को पूजा करने वाली महिलाओं ने तारों की रोशनी में अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा किया। जो महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं, उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा।
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संतान की लंबी उम्र और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना को लेकर बृहस्पतिवार को महिलाओं ने अहोई अष्टमी का उपवास रखा। शाम को पूजा कर तारों और चंद्रमा की रोशनी में महिलाओं ने अर्घ्य दिया और उपवास खोला। रात 12 बजे तक महिलाएं चंद्र दर्शन के लिए व्याकुल रहीं। चंद्रदर्शन करने के बाद ही महिलाओं ने उपवास खोला।
बृहस्पतिवार की सुबह स्नान कर महिलाओं ने पूजा स्थल को शुद्ध किया। पूजा पाठ कर व्रत का संकल्प लिया। दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को अहोई माता और सेई के बच्चों की पूजा की। शाम को जैसे ही आसमान में तारे निकले। महिलाओं ने अहोई माता की पूजा शुरू की।
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अहोई अष्टमी के व्रत की कथा का श्रद्धाभाव से सुना। हलवा और रुपयों का बायना निकाला। महिलाओं ने अपनी सास या पूजनीय महिलाओं का आशीर्वाद लिया। इसके बाद सुबह पूजा करने वाली महिलाओं ने सूर्य और शाम को पूजा करने वाली महिलाओं ने तारों की रोशनी में अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा किया। जो महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं, उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा।

अहोई अष्टमी पर सादाबाद में अपने पुत्र को आशीर्वाद देती मां।- फोटो : SADABAD
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