{"_id":"62bddffeeac67e1f1b1177f9","slug":"hathras-wife-s-killer-husband-sentenced-to-life-imprisonment-hathras-news-ali295066732","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : पत्नी के हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : पत्नी के हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
न्यायालय ने पत्नी की हत्या करने वाले एक युवक को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। पति अपनी पत्नी से रुपये की मांग करता था और रुपये न देने पर उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सासनी के मोमनाबाद निवासी रसीद खान के पुत्र सलमान खान ने 31 जुलाई 2019 को थाना कोतवाली हाथरस में यह तहरीर दी कि उसकी बहन रहीशन बेगम की शादी 14 साल पहले सगीर पुत्र अलीशेर निवासी बालापट्टी के साथ हुई थी। शादी में उसने अपनी क्षमता के मुताबिक दान दहेज दिया था लेकिन इसके बाद भी सगीर व उसके कुछ परिजन उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे।
29 जुलाई 2019 की रात्रि में सगीर ने अपनी पत्नी रहीशन से पैसे मांगे। पैसे न देने पर उसने गाली-गलौज देते हुए धमकी की। उसी रात को सगीर व कुछ अन्य परिजनों ने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कोतवाली हाथरस सदर में कराया गया।
विज्ञापन
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। विवेचना अधिकारी ने सगीर व मृतका रहीसन की छोटी बहन आसमीन के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इस मामले की सुनाई एडीजे कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई।
कोर्ट ने दोनो पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आसमीन को दोष मुक्त कर दिया, जबकि रहीशन के पति सगीर को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने पैरवी की।
विज्ञापन
न्यायालय ने पत्नी की हत्या करने वाले एक युवक को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। पति अपनी पत्नी से रुपये की मांग करता था और रुपये न देने पर उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सासनी के मोमनाबाद निवासी रसीद खान के पुत्र सलमान खान ने 31 जुलाई 2019 को थाना कोतवाली हाथरस में यह तहरीर दी कि उसकी बहन रहीशन बेगम की शादी 14 साल पहले सगीर पुत्र अलीशेर निवासी बालापट्टी के साथ हुई थी। शादी में उसने अपनी क्षमता के मुताबिक दान दहेज दिया था लेकिन इसके बाद भी सगीर व उसके कुछ परिजन उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे।
विज्ञापन
29 जुलाई 2019 की रात्रि में सगीर ने अपनी पत्नी रहीशन से पैसे मांगे। पैसे न देने पर उसने गाली-गलौज देते हुए धमकी की। उसी रात को सगीर व कुछ अन्य परिजनों ने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कोतवाली हाथरस सदर में कराया गया।
विज्ञापन
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। विवेचना अधिकारी ने सगीर व मृतका रहीसन की छोटी बहन आसमीन के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इस मामले की सुनाई एडीजे कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई।
कोर्ट ने दोनो पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आसमीन को दोष मुक्त कर दिया, जबकि रहीशन के पति सगीर को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने पैरवी की।