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हाथरस : पिता की डांट से बचने के लिए किशोर ने खुद रची अपहरण की कहानी

Fri, 16 Sep 2022 11:21 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 11:21 PM IST
सार

किशोर का कहना था कि आजकल बच्चा चोरी के मामलों के बारे में वह सुन रहा है और टीवी पर भी यह सब दिखाया जाता है कि बच्चों को उठाकर ले जा रहे हैं, इसलिए उसने यह झूठी बात बताई। किशोर ने बताया कि वह ट्यूशन के बाद अपने दोस्त के साथ मेला श्रीदाऊजी महाराज चला गया था। पुलिस ने किशोर को सकुशल उसके परिजनों के साथ भेज दिया।

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Hathras: To escape from father's scolding, Kishore himself created the story of kidnapping

विस्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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शहर के एक मोहल्ला निवासी 12 वर्षीय एक किशोर ने अपने पिता की डांट से बचने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रच दी। इसे लेकर काफी देर तक उसके परिजन और पुलिस दोनों परेशान रहे। जब इस किशोर से पुलिस ने पूछताछ की गई तो हकीकत सामने आई। किशोर का कहना था कि आजकल बच्चा चोरी के मामलों के बारे में वह सुन रहा है और टीवी पर भी यह सब दिखाया जाता है कि बच्चों को उठाकर ले जा रहे हैं, इसलिए उसने यह झूठी बात बताई।
शहर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति का 12 वर्षीय बेटा बृहस्पतिवार की शाम को ट्यूशन पढ़ने गया था, लेकिन रात तक जब वह नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई और वह पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को साथ लेकर मामले की छानबीन की। इस बीच रात में यह किशोर अपने पिता के पास पहुंच गया और उसने बताया कि कुछ लोग मुरसान गेट के समीप उसे टेंपो में डालकर ले जा रहे थे और किसी तरह से वह उनके चंगुल से छूटकर आया है। उसकी साइकिल व बैग टेंपो में ही रह गया है। छात्र के घर आने पर उसके परिजन उसे पुलिस के पास लेकर पहुंचे तो पुलिस को भी इस छात्र ने यही बात बताई।
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इस पर पुलिस को कुछ शक हुआ। जिस स्थान पर किशोर अपना अपहरण होना बता रहा था, वहां के सीसीटीवी कैमरे पुलिस ने चेक किए तो ऐसी कोई बात निकलकर नहीं आई। पुलिस ने कोतवाली ले जाकर उससे फिर पूछताछ की तो माजरा कुछ और निकला। किशोर ने बताया कि वह ट्यूशन के बाद अपने दोस्त के साथ मेला श्रीदाऊजी महाराज चला गया था। वहां से देर से लौटा था।
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अगर वह अपने घर पर मेला जाने की बात बताता तो बहुत डांट पड़ती, इसलिए उसने अपहरण की बात कह दी। पुलिस ने किशोर को सकुशल उसके परिजनों के साथ भेज दिया। वह अपनी साइकिल और बैग अपने एक दोस्त के यहां छोड़ गया था। पुलिस ने यह सामान भी बरामद कर लिया और उसके परिजनों को सौंप दिया। संवाद
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