{"_id":"613a53a98ebc3ee52b416a6b","slug":"hathras-no-action-has-been-taken-yet-in-the-matter-of-missing-the-transfer-letter-from-tehsil-sikandhra-rahu-news-ali272760547","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : तहसील से नामांतरण पत्रावली गायब करने मामले में अभी तक नहीं हुई कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : तहसील से नामांतरण पत्रावली गायब करने मामले में अभी तक नहीं हुई कार्रवाई
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
नगर के मोहल्ला नौरंगाबाद पश्चिमी निवासी एक युवक की नामांतरण फाइल तहसील से गायब हो गई है। इसका फायदा उठा कर कई लोगों ने जमीन के बैनामे अपने नाम करा लिए और नामांतरण के लिए तहसील में अर्जी भी दे डाली। पीड़ित की तहरीर के आधार पर एसडीएम ने दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई है।
बता दें कि अशोक कुमार पुत्र छेदा लाल के नाम उसके चचा श्रीकृष्ण ने रजिस्टर्ड वसीयत के जरिए अपनी जमीन की थी। इसके बाद अशोक ने नियमानुसार तहसील में नामांतरण के लिए अर्जी लगा दी। तहसील में नामांतरण प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। इसी दौरान फाइल तहसीलदार न्यायालय से गायब करा दी गई।
तब से अशोक सीएम से लेकर जिलाधिकारी को अर्जी दे चुके हैं। दर्जनों तहसील दिवसों में अर्जी दी लेकिन आज तक कुछ भी नहीं हो पाया है। इस दौरान कुछ लोगों ने कूटरचित कागज तैयार कर इस जमीन का बैनामा करा लिया तथा नामांतरण के लिए तहसील में अर्जी दे दी।
विज्ञापन
जब इसका पता अशोक को लगा तो उसने एसडीएम के यहां अर्जी दी। जांच करने पर अशोक की शिकायत सही पाई गई। एसडीएम ने तहसीलदार को 16 जुलाई 2020 को दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश कर दिए थे लेकिन, अभी तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुी।
विज्ञापन
नगर के मोहल्ला नौरंगाबाद पश्चिमी निवासी एक युवक की नामांतरण फाइल तहसील से गायब हो गई है। इसका फायदा उठा कर कई लोगों ने जमीन के बैनामे अपने नाम करा लिए और नामांतरण के लिए तहसील में अर्जी भी दे डाली। पीड़ित की तहरीर के आधार पर एसडीएम ने दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई है।
बता दें कि अशोक कुमार पुत्र छेदा लाल के नाम उसके चचा श्रीकृष्ण ने रजिस्टर्ड वसीयत के जरिए अपनी जमीन की थी। इसके बाद अशोक ने नियमानुसार तहसील में नामांतरण के लिए अर्जी लगा दी। तहसील में नामांतरण प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। इसी दौरान फाइल तहसीलदार न्यायालय से गायब करा दी गई।
विज्ञापन
तब से अशोक सीएम से लेकर जिलाधिकारी को अर्जी दे चुके हैं। दर्जनों तहसील दिवसों में अर्जी दी लेकिन आज तक कुछ भी नहीं हो पाया है। इस दौरान कुछ लोगों ने कूटरचित कागज तैयार कर इस जमीन का बैनामा करा लिया तथा नामांतरण के लिए तहसील में अर्जी दे दी।
विज्ञापन
जब इसका पता अशोक को लगा तो उसने एसडीएम के यहां अर्जी दी। जांच करने पर अशोक की शिकायत सही पाई गई। एसडीएम ने तहसीलदार को 16 जुलाई 2020 को दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश कर दिए थे लेकिन, अभी तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुी।