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हाथरस : कोरोना महामारी के दौर में झोलाछाप कर रहे मरीजों की जान से खिलवाड़
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ कोरोना संक्रमण से लोगों की जान मुश्किल में है तो दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण का लाभ उठाते हुए झोलाछाप लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। कोरोना महामारी के इस दौर में गांव गांव झोलाछाप चिकित्सकों के यहां सुबह से शाम तक मरीजों व उनके तीमारदारों की भीड़ लग रही है। इधर, कुछ दवा विक्रेता भी खुद डॉक्टर बन गए हैं, जो कि मरीजों को उनकी बीमारी पूछकर दवा बेच रहे हैं। झोलाछापों के इलाज से लोग ठीक होने की बजाय बीमारी को और बढ़ावा दे रहे हैं। इस तरफ शासन प्रशासन का भी कोई ध्यान नहीं है, जबकि यह झोलाछाप डॉक्टर कोरोना की चेन को बढ़ावा दे सकते हैं।
यह झोलाछाप बिना डिग्री और डिप्लोमा के ही लोगों का इलाज कर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। कोरोना जैसी महामारी के समय भी यह बाज नहीं आ रहे हैं। यह न तो अपनी सुरक्षा कर रहे हैं और न ही इलाज कराने वाले लोगों की। इलाज करने के दौरान चाहे किसी भी तरह की बीमारी से पीड़ित मरीज हो, सबका इलाज किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने और कोरोना संक्रमण की वजह से कई डॉक्टरों के अपने क्लीनिक पर न बैठने का भी यह झोलाछाप पूरा फायदा उठा रहे हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में इनके द्वारा मरीज देखे जा रहे हैं। यह झोलाछाप चिकित्सक एक के बाद एक मरीजों को देख रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण कभी भी तेजी से फैल सकता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई न किए जाने से इनकी तादाद भी क्षेत्र में बढ़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों के बाद अब शहरी क्षेत्र में कई स्थानों पर झोलाछापों ने अपना ठिकाना जमा लिया है। एसडीएम राजेश कुमार का कहना है कि झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
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एक तरफ कोरोना संक्रमण से लोगों की जान मुश्किल में है तो दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण का लाभ उठाते हुए झोलाछाप लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। कोरोना महामारी के इस दौर में गांव गांव झोलाछाप चिकित्सकों के यहां सुबह से शाम तक मरीजों व उनके तीमारदारों की भीड़ लग रही है। इधर, कुछ दवा विक्रेता भी खुद डॉक्टर बन गए हैं, जो कि मरीजों को उनकी बीमारी पूछकर दवा बेच रहे हैं। झोलाछापों के इलाज से लोग ठीक होने की बजाय बीमारी को और बढ़ावा दे रहे हैं। इस तरफ शासन प्रशासन का भी कोई ध्यान नहीं है, जबकि यह झोलाछाप डॉक्टर कोरोना की चेन को बढ़ावा दे सकते हैं।
यह झोलाछाप बिना डिग्री और डिप्लोमा के ही लोगों का इलाज कर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। कोरोना जैसी महामारी के समय भी यह बाज नहीं आ रहे हैं। यह न तो अपनी सुरक्षा कर रहे हैं और न ही इलाज कराने वाले लोगों की। इलाज करने के दौरान चाहे किसी भी तरह की बीमारी से पीड़ित मरीज हो, सबका इलाज किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने और कोरोना संक्रमण की वजह से कई डॉक्टरों के अपने क्लीनिक पर न बैठने का भी यह झोलाछाप पूरा फायदा उठा रहे हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में इनके द्वारा मरीज देखे जा रहे हैं। यह झोलाछाप चिकित्सक एक के बाद एक मरीजों को देख रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण कभी भी तेजी से फैल सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई न किए जाने से इनकी तादाद भी क्षेत्र में बढ़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों के बाद अब शहरी क्षेत्र में कई स्थानों पर झोलाछापों ने अपना ठिकाना जमा लिया है। एसडीएम राजेश कुमार का कहना है कि झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
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