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हाथरस : जिला अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था वेंटिलेटर पर

Thu, 09 Dec 2021 12:37 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 12:37 AM IST
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Hathras: Medical system of district hospital on ventilator
जिला अस्पताल में बिना मास्क के लाइन में लगे मरीज। संवाद - फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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बागला जिला अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी मरीजों को धक्के खाने पर मजबूर कर रही है। जिसके चलते गरीब मरीज निजी अस्पतालों में जाकर महंगे इलाज कराने को मजबूर हैैं। इतना ही नहीं अस्पताल में जितने चिकित्सक तैनात हैैं। उनमें भी कई की ड्यूटी अभियानों में लगा दी जाती है।
जिसके कारण ओपीडी में दिखाने पहुंचने वाले लोगों को सिर्फ परेशानी का ही सामना करना पड़ता है। बुधवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। काफी मरीज घंटों लाइन में लगे रहे। कुछ मरीजों को यह भी शिकायत थी कि वह अपना रोग चिकित्सक को सही तरीके से बता पाते, इतना समय ही नहीं मिला।
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लोगों को बेहतर इलाज मिल सके। इसके लिए सरकार तमाम तरह के वादे कर रही है, लेकिन हकीकत में स्वास्थ्य विभाग की तस्वीर कुछ और ही है। अस्पतालों में न तो चिकित्सक मौजूद हैैं और न ही समय पर चिकित्सा सुविधा मुहैया हो पाती हैैं। इसका जीता-जागता उदाहरण हाथरस का जिला अस्पताल है।
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जहां पर चिकित्सकों की कमी मरीजों के सिर का दर्द बन रही है। बुधवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। काफी मरीज घंटों लाइन में लगे रहे। कुछ मरीजों को यह भी शिकायत थी कि वह अपना रोग चिकित्सक को सही तरीके से बता पाते, इतना समय ही नहीं मिला।
बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 1200 से 1500 मरीज दिखाने पहुंचते हैैं। अस्पताल में 27 चिकित्सकों की तैनाती की जरूरत है, लेकिन यहां पर शासन ने केवल 8 चिकित्सक ही तैनात किए हुए हैैं। इनमें से भी कुछ की ड्यूटी अन्य कार्यक्रमों लगने की वजह से मरीजों के सामने समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में मरीज निजी अस्पतालों का दरवाजा खटखटाते हैैं और भारी-भरकम रकम देकर अपनी जेब खाली करने को मजबूर होते हैैं।
- काफी समय से बुखार आ रहा है। पूरे शरीर में दर्द रहता है। अस्पताल में दिखाने आए हैं। यहां मरीजों की लाइन लग रही है। इस कारण खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। पता नहीं कब नंबर आएगा।
- ओमप्रकाश, निवासी जसराना
- सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार दुरुस्त करने में जुटी हुई है। वहीं जिला अस्पताल में कई कमरे तो चिकित्सकों के न होने के चलते खाली पड़े हैं। घुटनों में दर्द की दवा लेने के लिए आई थी। काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
- कमलेश निवासी चामड़ गेट
- इन दिनों मौसम के बदलने के साथ शरीर में दर्द की समस्या बढ़ गई है। काफी देर इंतजार के बाद नंबर आया है। तब जाकर दर्द की दवा मिली है। जिला अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
- सुमन, निवासी श्रीनगर
- पैर में चोट लग गई है। प्लास्टर चढ़वाने के बाद दर्द की दवा लेने व दिखाने के लिए आया था। काफी देर तक इंतजार के बाद नंबर आया है। तब जाकर उपचार मिला है।

- नवनीत निवासी बेरगांव
- जिला अस्पताल में 28 के सापेक्ष केवल आठ चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें से तीन या चार की ड्यूटी ओपीडी में रहती है। अन्य की ड्यूटी इमरजेंसी, पोस्टमार्टम गृह पर रहती है। मैं खुद ओपीडी में बैठकर मरीजों को देखता हूं। हमारी कोशिश रहती है कि मरीज को पर्याप्त उपचार मिले और उसकी समस्या का समाधान हो।
- डॉ. सूर्यप्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बागला जिला अस्पताल
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