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हाथरस : सर्द मौसम में गोवंश के बचाव के लिए उचित प्रबंधन के निर्देश
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हाथरस : कैलोरो स्थित गोशाला का निरीक्षण करतीं डीएम। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ब्लॉक हाथरस की ग्राम पंचायत कैलोरा में संचालित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने शनिवार को निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने सर्द मौसम से गोवंश के बचाव के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। डीएम ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल के संचालन, टीकाकरण, जीओ टैगिंग और गोशाला में संरक्षित गोवंश के पीने के लिए पानी, टिनशेड, खाने के लिए हरा चारा एवं भूसे, गोशाला में संरक्षित किए गए गोवंश केक लिए की गई व्यवस्थाओं आदि के बारे में जानकारी ली।
पंचायत सचिव मनीष वर्मा ने बताया कि वर्तमान में गोशाला में 290 गोवंश संरक्षित हैं। इसमें से 110 नर तथा 180 मादा गोवंश संरक्षित हैं। इनकी देखरेख के लिए पांच केयर टेकर सफाई कार्य में लगे हैं। एक पशु चिकित्सक द्वारा संरक्षित गोवंश का नियमित रूप से टीकाकरण करने के साथ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि गोशाला में पांच टिन शेड, दो चरही, दो हौज तथा सबमर्सिबल लगी है। गोशाला में गोवंश के लिए उचित व्यवस्थाएं न पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गोशाला में सभी गोवंश की जीओ टैगिंग कराने और डाटा को ऑनलाइन फीड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो गोवंश वर्तमान में गोशाला में रखे गए हैं, उनके पीने के पानी एवं चारे और ठंड से बचाव के लिए उचित प्रबंध करने और नियमित रूप से टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसे का स्टॉक संरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गोवंश के लिए चारे और पानी की कमी से मृत्यु नहीं होनी चाहिए। संवाद
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ब्लॉक हाथरस की ग्राम पंचायत कैलोरा में संचालित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने शनिवार को निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने सर्द मौसम से गोवंश के बचाव के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। डीएम ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल के संचालन, टीकाकरण, जीओ टैगिंग और गोशाला में संरक्षित गोवंश के पीने के लिए पानी, टिनशेड, खाने के लिए हरा चारा एवं भूसे, गोशाला में संरक्षित किए गए गोवंश केक लिए की गई व्यवस्थाओं आदि के बारे में जानकारी ली।
पंचायत सचिव मनीष वर्मा ने बताया कि वर्तमान में गोशाला में 290 गोवंश संरक्षित हैं। इसमें से 110 नर तथा 180 मादा गोवंश संरक्षित हैं। इनकी देखरेख के लिए पांच केयर टेकर सफाई कार्य में लगे हैं। एक पशु चिकित्सक द्वारा संरक्षित गोवंश का नियमित रूप से टीकाकरण करने के साथ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि गोशाला में पांच टिन शेड, दो चरही, दो हौज तथा सबमर्सिबल लगी है। गोशाला में गोवंश के लिए उचित व्यवस्थाएं न पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने गोशाला में सभी गोवंश की जीओ टैगिंग कराने और डाटा को ऑनलाइन फीड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो गोवंश वर्तमान में गोशाला में रखे गए हैं, उनके पीने के पानी एवं चारे और ठंड से बचाव के लिए उचित प्रबंध करने और नियमित रूप से टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसे का स्टॉक संरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गोवंश के लिए चारे और पानी की कमी से मृत्यु नहीं होनी चाहिए। संवाद
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