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हाथरस : सर्दी के सितम से दो लाख रुपये गिरी रोडवेज की आय
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
रोडवेज के लिए सर्दी ने चिंता बढ़ा दी है। सर्दी के चलते लोग रोडवेज बसों में सफर कम कर रहे हैं। इस कारण हाथरस डिपो की आमदनी में दो लाख रुपये की गिरावट आई है। यात्रियों के अभाव में बसें खाली दौड़ रही हैं। इसे लेकर अफसर खासे परेशान हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में 77 बसें हैं। इसमें दो दर्जन के करीब बसें खराब पड़ी हैं। बाकी बसें स्थानीय व लंबे रूटों पर संचालित होती है। 13 दिसंबर तक सहालग चले तो आमदनी का ग्राफ सही रहा। अब सहालगों के थमने के कारण रोडवेज की आमदनी भी प्रभावित होने लगी है। लोकल से लेकर लंबे रूट तक बसों में यात्रियों का अभाव है।
इस कारण डिपो की आय 10 लाख से आठ लाख रुपये तक पहुंच गई है। प्रतिदिन दो लाख रुपये की आमदनी कम होने से डिपो के अफसर टेंशन में आ गए हैं। एआरएम शशी रानी का कहना है कि अब सहालग खत्म होने से आमदनी प्रभावित हो रही है। बसें यात्रियों के अभाव में खाली दौड़ रही हैं। संवाद
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रोडवेज के लिए सर्दी ने चिंता बढ़ा दी है। सर्दी के चलते लोग रोडवेज बसों में सफर कम कर रहे हैं। इस कारण हाथरस डिपो की आमदनी में दो लाख रुपये की गिरावट आई है। यात्रियों के अभाव में बसें खाली दौड़ रही हैं। इसे लेकर अफसर खासे परेशान हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में 77 बसें हैं। इसमें दो दर्जन के करीब बसें खराब पड़ी हैं। बाकी बसें स्थानीय व लंबे रूटों पर संचालित होती है। 13 दिसंबर तक सहालग चले तो आमदनी का ग्राफ सही रहा। अब सहालगों के थमने के कारण रोडवेज की आमदनी भी प्रभावित होने लगी है। लोकल से लेकर लंबे रूट तक बसों में यात्रियों का अभाव है।
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इस कारण डिपो की आय 10 लाख से आठ लाख रुपये तक पहुंच गई है। प्रतिदिन दो लाख रुपये की आमदनी कम होने से डिपो के अफसर टेंशन में आ गए हैं। एआरएम शशी रानी का कहना है कि अब सहालग खत्म होने से आमदनी प्रभावित हो रही है। बसें यात्रियों के अभाव में खाली दौड़ रही हैं। संवाद
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