{"_id":"61b8e5ac45b0fe712443dedd","slug":"hathras-if-the-thinking-is-positive-then-nature-also-helps-you-in-your-work-avadheshanand-hathras-news-ali2805778103","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : यदि सोच सकारात्मक है तो प्रकृति भी आपके काम में सहयोग करती है : अवधेशानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : यदि सोच सकारात्मक है तो प्रकृति भी आपके काम में सहयोग करती है : अवधेशानंद
विज्ञापन
हाथरस : परशुराम सेवा भवन के शिलान्यास के लिए आगमन पर अवधेशानंद जी महाराज पर होती फूलों की वर्षा। स?
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
परशुराम सेवा भवन का भूमि पूजन और भगवान परशुराम की अष्टधातु की प्रतिमा का अनावरण समारोह यहां किला गेट पर हुआ। समारोह में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने वैदिक रीति-रिवाज से इस भवन के निर्माण के लिए पूजन किया। चांदी की ईंट की पूजा की और भवन की नींव रखी। इससे पहले आयोजक नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने उनका जोशीला स्वागत किया और उनसे आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि वह बृज के महान संत पं. गयाप्रसाद जी की जन्मस्थली पर आकर अभिभूत हैं। उन्होंने कहा आज का दिन बहुत ही शुभ है। आज मोक्षदा एकादशी है। आज के दिन किए हुए संकल्प को शीघ्र पूर्ण करने में भगवान भी पूरी मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आपकी सोच सकारात्मक है तो प्रकृति भी कार्य में आपका सहयोग करती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सोच सकारात्मक रखनी चाहिए और कुछ बड़ा कार्य करने का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 24 अवतारों में एक अवतार भगवान परशुराम का है।
उन्होंने कहा कि साधु संसार में रहता है। उसके भीतर संसार नहीं है। जब जीवन में संत आता तो तब वसंत आता है। भगवान की हर वस्तु पर भक्त का अधिकार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह समय का सदुपयोग करें। बुजुर्गों, कन्याओं और गोमाता का आदर करें। पहले अच्छे लोग कुएं बनवाते थे। धर्मशाला बनवाते हैं और परोपकार के काम करते थे, इसलिए ज्ञानपूर्वक धन का भोग करें। समय का प्रबंधन सूर्य से सीखें। उन्होंने परशुराम सेवा भवन के शिलान्यास के लिए नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा की तारीफ की। इस शहर के और समृद्ध होने और यहां के लोगों की खुशहाली के लिए भी उन्होंने कामना की। संवाद
विज्ञापन
अपने हाथ से एक-एक शिला नींव के लिए रखकर जाएं
हाथरस। कार्यक्रम के आयोजक व नगर पालिकाध्यक्ष पं. आशीष शर्मा ने कहा कि नगर का सौभाग्य है कि इतने बडे़ संत हमारे नगर में आए हैं। यह महत्वपूर्ण कार्य महाराज जी के कर कमलों से हो रहा है। पं. आशीष शर्मा ने कहा कि बृज के महान संत पं. गयाप्रसाद जी की कृपा से आज यह दिन आया है। स्वामी अवधेशानंद गिरि जी का एक प्रवचन उनके लिए इतना प्रेरणादायक हो गया कि उन्होंने और उनके परिवार ने यह निश्चय कर लिया कि वह अपनी संचित निधि से समाज के कोई सामाजिक कार्य करेंगे। महाराज जी के कर कमलों से आज यह कार्य प्रारंभ गया है। आए हुए लोगों से उन्होंने अपील की कि वह अपने हाथ से एक-एक शिला इस भवन की नींव के लिए रखकर जाएं। संवाद
ये रहे कार्यक्रम में मौजूद
ललित शर्मा ऊर्फ लब्बू पंडित, प्रशांत शर्मा उर्फ सोनू, विमल प्रधान, आशीष अस्थाना, संजय शर्मा बीबीसीएन, विशाल शर्मा, आमोद गौड़, हिमांशु गौड़, जितेंद्र कुमार शर्मा, अरविंद, बादल शर्मा, योगेंद्र शर्मा योगा पंडित, देव स्वरूप शर्मा, किशनलाल शर्मा, सुधीर शर्मा, रामनिवास रावत, शिवदेव दीक्षित, कैलाश पचौरी, मनोज शर्मा, रवि शर्मा, शिवम शर्मा, विशाल शर्मा, रौकी पंडित, जितेंद्र शर्मा उर्फ जीतू, श्रीनिवास शर्मा, मुरारीलाल शर्मा, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. राजेश गौतम, विजय गुरु, उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी, पं. रजोमूर्ति शर्मा, पं. पवन शर्मा, हरीश शर्मा, हरीश शर्मा एडवोकेट, लक्ष्मी नारायण उपाध्याय एडवोकेट, रघुकुल तिलक दुबे, मुकुल दुबे, गोविंद शर्मा, अमन शर्मा, मोहन पंडित एडवोकेट, बौबी गौतम, अशोक शर्मा, बृजेश गौतम, योगेश भारद्वाज, विद्यागर विकल, प्रवीण उपाध्याय सहित काफी संख्या में व्रिप समाज के लोग मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
परशुराम सेवा भवन का भूमि पूजन और भगवान परशुराम की अष्टधातु की प्रतिमा का अनावरण समारोह यहां किला गेट पर हुआ। समारोह में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने वैदिक रीति-रिवाज से इस भवन के निर्माण के लिए पूजन किया। चांदी की ईंट की पूजा की और भवन की नींव रखी। इससे पहले आयोजक नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने उनका जोशीला स्वागत किया और उनसे आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि वह बृज के महान संत पं. गयाप्रसाद जी की जन्मस्थली पर आकर अभिभूत हैं। उन्होंने कहा आज का दिन बहुत ही शुभ है। आज मोक्षदा एकादशी है। आज के दिन किए हुए संकल्प को शीघ्र पूर्ण करने में भगवान भी पूरी मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आपकी सोच सकारात्मक है तो प्रकृति भी कार्य में आपका सहयोग करती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सोच सकारात्मक रखनी चाहिए और कुछ बड़ा कार्य करने का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 24 अवतारों में एक अवतार भगवान परशुराम का है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि साधु संसार में रहता है। उसके भीतर संसार नहीं है। जब जीवन में संत आता तो तब वसंत आता है। भगवान की हर वस्तु पर भक्त का अधिकार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह समय का सदुपयोग करें। बुजुर्गों, कन्याओं और गोमाता का आदर करें। पहले अच्छे लोग कुएं बनवाते थे। धर्मशाला बनवाते हैं और परोपकार के काम करते थे, इसलिए ज्ञानपूर्वक धन का भोग करें। समय का प्रबंधन सूर्य से सीखें। उन्होंने परशुराम सेवा भवन के शिलान्यास के लिए नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा की तारीफ की। इस शहर के और समृद्ध होने और यहां के लोगों की खुशहाली के लिए भी उन्होंने कामना की। संवाद
विज्ञापन
अपने हाथ से एक-एक शिला नींव के लिए रखकर जाएं
हाथरस। कार्यक्रम के आयोजक व नगर पालिकाध्यक्ष पं. आशीष शर्मा ने कहा कि नगर का सौभाग्य है कि इतने बडे़ संत हमारे नगर में आए हैं। यह महत्वपूर्ण कार्य महाराज जी के कर कमलों से हो रहा है। पं. आशीष शर्मा ने कहा कि बृज के महान संत पं. गयाप्रसाद जी की कृपा से आज यह दिन आया है। स्वामी अवधेशानंद गिरि जी का एक प्रवचन उनके लिए इतना प्रेरणादायक हो गया कि उन्होंने और उनके परिवार ने यह निश्चय कर लिया कि वह अपनी संचित निधि से समाज के कोई सामाजिक कार्य करेंगे। महाराज जी के कर कमलों से आज यह कार्य प्रारंभ गया है। आए हुए लोगों से उन्होंने अपील की कि वह अपने हाथ से एक-एक शिला इस भवन की नींव के लिए रखकर जाएं। संवाद
ये रहे कार्यक्रम में मौजूद
ललित शर्मा ऊर्फ लब्बू पंडित, प्रशांत शर्मा उर्फ सोनू, विमल प्रधान, आशीष अस्थाना, संजय शर्मा बीबीसीएन, विशाल शर्मा, आमोद गौड़, हिमांशु गौड़, जितेंद्र कुमार शर्मा, अरविंद, बादल शर्मा, योगेंद्र शर्मा योगा पंडित, देव स्वरूप शर्मा, किशनलाल शर्मा, सुधीर शर्मा, रामनिवास रावत, शिवदेव दीक्षित, कैलाश पचौरी, मनोज शर्मा, रवि शर्मा, शिवम शर्मा, विशाल शर्मा, रौकी पंडित, जितेंद्र शर्मा उर्फ जीतू, श्रीनिवास शर्मा, मुरारीलाल शर्मा, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. राजेश गौतम, विजय गुरु, उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी, पं. रजोमूर्ति शर्मा, पं. पवन शर्मा, हरीश शर्मा, हरीश शर्मा एडवोकेट, लक्ष्मी नारायण उपाध्याय एडवोकेट, रघुकुल तिलक दुबे, मुकुल दुबे, गोविंद शर्मा, अमन शर्मा, मोहन पंडित एडवोकेट, बौबी गौतम, अशोक शर्मा, बृजेश गौतम, योगेश भारद्वाज, विद्यागर विकल, प्रवीण उपाध्याय सहित काफी संख्या में व्रिप समाज के लोग मौजूद रहे। संवाद