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हाथरस : पूर्व मंत्री रामवीर व सीमा पहुंचे भाजपा कार्यालय, प्रभारी मंत्री से की गुफ्तगू
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पाने के लिए लगातार समीकरण फिट किए जा रहे हैं। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की कोशिश है कि उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय की राह और ज्यादा आसान हो जाए। इसे लेकर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और सीमा उपाध्याय शनिवार को भाजपा के जिला कार्यालय पहुंचे और वहां जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी के अलावा कुछ अन्य राजनेताओं से काफी देर तक गुफ्तगू की। सीमा उपाध्याय के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ अंदरखाने कुछ विरोध के सुर भी उठ रहे हैं। इस गुफ्तगू का का एक मकसद यह भी था कि अंदरखाने यह विरोध शांत किया जाए। काफी देर तक गुफ्तगू के बाद उपाध्याय दंपती पार्टी कार्यालय से वापस चले गए।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जिला पंचायत सदस्य के रूप में पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय निर्दलीय निर्वाचित हुई थीं। तभी उनके पति व पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने यह घोषणा कर दी थी कि सीमा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगी। पिछले दिनों सीमा उपाध्याय ने विधिवत रूप से भाजपा की सदस्यता भी ले ली। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि इस पद के लिए भाजपा सीमा उपाध्याय को ही प्रत्याशी बनाएगी और इसी शर्त पर पार्टी हाईकमान के निर्देश पर उन्हें भाजपा में शामिल कराया गया।
इधर, सीमा उपाध्याय के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में कुछ नेताओ ने अंदरखाने विरोध भी शुरू कर दिया। हालांकि खुलकर यह नेता सामने नहीं आ रहे, फिर भी रामवीर उपाध्याय यह नहीं चाहते कि ऐसी कोई स्थिति पैदा हो, जिससे समीकरण बिगड़ जाएं।
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ऐसे में वह जिला पंचायत के निर्दलीय सदस्यों से तो बातचीत कर रहे हैं और यह भी रणनीति तैयार कर रहे हैं कि यदि उन्हें कुछ पार्टी समर्थित सदस्यों का समर्थन न भी मिले तो भी बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया जाए। अब इस क्रम में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी से मिलने भाजपा के जिला कार्यालय पहुंचे। एकबारगी सभी हैरत में भी पड़ गए।
कुछ लोगों ने यह भी सोचा कि कहीं रामवीर भाजपा में शामिल होने तो नहीं आए हैं। हालांकि इसके बाद उन्होंने प्रभारी मंत्री, सांसद राजवीर दिलेर, विधायक हरीशंकर माहौर, भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, जिला पंचायत के कई सदस्यों के करीब एक घंटे तक गुफ्तगू की। सूत्रों की मानें तो जिला पंचायत के चुनाव को लेकर ही यह गुफ्तगू हुई। सूत्रों की मानें तो वहां सीमा उपाध्याय के भाजपा में शामिल होने के बाद अंदरखाने शुरू हुए विरोध के सुरों को शांत करने का प्रयास किया गया। साथ ही वहां अगली रणनीति भी तय की गई। बाद में उपाध्याय दंपती वहां से चले आए।
बीच के बॉक्स के लिए--
समस्याओं के लिए मिलने गए थे मंत्री से : रामवीर
हाथरस। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का कहना है कि वह जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी से अपने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराने गए थे। उनका कहना है कि सादाबाद विस क्षेत्र के लोग कोरोना महामारी में कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। वह प्रभारी मंत्री से इसी मकसद से मिले थे। संवाद
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पाने के लिए लगातार समीकरण फिट किए जा रहे हैं। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की कोशिश है कि उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय की राह और ज्यादा आसान हो जाए। इसे लेकर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और सीमा उपाध्याय शनिवार को भाजपा के जिला कार्यालय पहुंचे और वहां जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी के अलावा कुछ अन्य राजनेताओं से काफी देर तक गुफ्तगू की। सीमा उपाध्याय के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ अंदरखाने कुछ विरोध के सुर भी उठ रहे हैं। इस गुफ्तगू का का एक मकसद यह भी था कि अंदरखाने यह विरोध शांत किया जाए। काफी देर तक गुफ्तगू के बाद उपाध्याय दंपती पार्टी कार्यालय से वापस चले गए।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जिला पंचायत सदस्य के रूप में पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय निर्दलीय निर्वाचित हुई थीं। तभी उनके पति व पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने यह घोषणा कर दी थी कि सीमा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगी। पिछले दिनों सीमा उपाध्याय ने विधिवत रूप से भाजपा की सदस्यता भी ले ली। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि इस पद के लिए भाजपा सीमा उपाध्याय को ही प्रत्याशी बनाएगी और इसी शर्त पर पार्टी हाईकमान के निर्देश पर उन्हें भाजपा में शामिल कराया गया।
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इधर, सीमा उपाध्याय के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में कुछ नेताओ ने अंदरखाने विरोध भी शुरू कर दिया। हालांकि खुलकर यह नेता सामने नहीं आ रहे, फिर भी रामवीर उपाध्याय यह नहीं चाहते कि ऐसी कोई स्थिति पैदा हो, जिससे समीकरण बिगड़ जाएं।
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ऐसे में वह जिला पंचायत के निर्दलीय सदस्यों से तो बातचीत कर रहे हैं और यह भी रणनीति तैयार कर रहे हैं कि यदि उन्हें कुछ पार्टी समर्थित सदस्यों का समर्थन न भी मिले तो भी बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया जाए। अब इस क्रम में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी से मिलने भाजपा के जिला कार्यालय पहुंचे। एकबारगी सभी हैरत में भी पड़ गए।
कुछ लोगों ने यह भी सोचा कि कहीं रामवीर भाजपा में शामिल होने तो नहीं आए हैं। हालांकि इसके बाद उन्होंने प्रभारी मंत्री, सांसद राजवीर दिलेर, विधायक हरीशंकर माहौर, भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, जिला पंचायत के कई सदस्यों के करीब एक घंटे तक गुफ्तगू की। सूत्रों की मानें तो जिला पंचायत के चुनाव को लेकर ही यह गुफ्तगू हुई। सूत्रों की मानें तो वहां सीमा उपाध्याय के भाजपा में शामिल होने के बाद अंदरखाने शुरू हुए विरोध के सुरों को शांत करने का प्रयास किया गया। साथ ही वहां अगली रणनीति भी तय की गई। बाद में उपाध्याय दंपती वहां से चले आए।
बीच के बॉक्स के लिए--
समस्याओं के लिए मिलने गए थे मंत्री से : रामवीर
हाथरस। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का कहना है कि वह जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी से अपने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराने गए थे। उनका कहना है कि सादाबाद विस क्षेत्र के लोग कोरोना महामारी में कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। वह प्रभारी मंत्री से इसी मकसद से मिले थे। संवाद