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हाथरस : किला क्षेत्र से अतिक्रमण हटे, दाऊजी मंदिर का हो सौंदर्यीकरण
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के लोगोें को उम्मीद है कि आने वाली सरकार शहर की ऐतिहासिक धरोहर किला राजा दयाराम व मंदिर श्रीदाऊजी महाराज क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराएगी। इस स्थल का विकास भी होगा और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अंग्रेजों से हुई जंग के साक्षी किला राजा दयाराम परिसर की काफी जमीन पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। हालांकि हाल ही में इस मंदिर व किला क्षेत्र को रमणीक बनाने के लिए कई प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। कुछ योजनाओं पर अमल होना भी शुरू हुआ है। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने पूर्व में हुई सभा में दाऊजी मंदिर के सौंदर्यीकरण व इस क्षेत्र से अतिक्रमण हटवाने की बात कही थी। मंगलवार को फिर केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने दाऊजी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए थे। साथ ही लोगों के साथ किला परिसर का निरीक्षण भी किया था। ऐसे में लोगों को आस है कि नई सरकार के शासनकाल में इस स्थल का जमकर विकास होगा।
600 लोगों ने परिसर में कर रखा है अतिक्रमण
हाथरस। जानकारों की मानें तो किला परिसर में करीब 600 लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। पहले पशुओं को बांधा जाता है, फिर उसके बाद छप्पर व टिनशेड डाला जाता है। उसके बाद अंदर ही अंदर पक्का निर्माण कर लिया जाता है, इसलिए धीरे-धीरे अतिक्रमण करने वालों की संख्या में इजाफा हो गया है। इस कारण परिसर में पुरातत्व विभाग की टीम को काम करने में काफी मुश्किल होती हैं।
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नई सरकार व स्थानीय प्रशासन का दायित्व है नियम कानून का पालन कराए। वहां फैले अतिक्रमण को हटवाएं। मंदिर का सौंदर्यीकरण कराएं। जो पैसा स्वीकृत हुआ है, उसका पर्यटन की दृष्टि से सदुपयोग किया जाए। मंदिर परिसर आज पुरातत्व विभाग की सूची में 335 वें नंबर पर अंकित है। इसके लिए नई सरकार को काम करना चाहिए।
-हरीश शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता
जो भी सरकार बने, वह इस स्थल का विकास कराए। इस ओर स्थानीय प्रशासन को भी ध्यान देने की जरूरत है। दाऊजी मंदिर के सौंदर्यीकरण का पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्व है। इस स्थल को रमणीक बनाया जाए। पूर्व में जो योजनाएं बनी हैं, उन पर अमल किया जाए।
-जितेंद्र स्वरूप शर्मा फौजी, समाजसेवी
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शहर के लोगोें को उम्मीद है कि आने वाली सरकार शहर की ऐतिहासिक धरोहर किला राजा दयाराम व मंदिर श्रीदाऊजी महाराज क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराएगी। इस स्थल का विकास भी होगा और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अंग्रेजों से हुई जंग के साक्षी किला राजा दयाराम परिसर की काफी जमीन पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। हालांकि हाल ही में इस मंदिर व किला क्षेत्र को रमणीक बनाने के लिए कई प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। कुछ योजनाओं पर अमल होना भी शुरू हुआ है। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने पूर्व में हुई सभा में दाऊजी मंदिर के सौंदर्यीकरण व इस क्षेत्र से अतिक्रमण हटवाने की बात कही थी। मंगलवार को फिर केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने दाऊजी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए थे। साथ ही लोगों के साथ किला परिसर का निरीक्षण भी किया था। ऐसे में लोगों को आस है कि नई सरकार के शासनकाल में इस स्थल का जमकर विकास होगा।
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600 लोगों ने परिसर में कर रखा है अतिक्रमण
हाथरस। जानकारों की मानें तो किला परिसर में करीब 600 लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। पहले पशुओं को बांधा जाता है, फिर उसके बाद छप्पर व टिनशेड डाला जाता है। उसके बाद अंदर ही अंदर पक्का निर्माण कर लिया जाता है, इसलिए धीरे-धीरे अतिक्रमण करने वालों की संख्या में इजाफा हो गया है। इस कारण परिसर में पुरातत्व विभाग की टीम को काम करने में काफी मुश्किल होती हैं।
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नई सरकार व स्थानीय प्रशासन का दायित्व है नियम कानून का पालन कराए। वहां फैले अतिक्रमण को हटवाएं। मंदिर का सौंदर्यीकरण कराएं। जो पैसा स्वीकृत हुआ है, उसका पर्यटन की दृष्टि से सदुपयोग किया जाए। मंदिर परिसर आज पुरातत्व विभाग की सूची में 335 वें नंबर पर अंकित है। इसके लिए नई सरकार को काम करना चाहिए।
-हरीश शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता
जो भी सरकार बने, वह इस स्थल का विकास कराए। इस ओर स्थानीय प्रशासन को भी ध्यान देने की जरूरत है। दाऊजी मंदिर के सौंदर्यीकरण का पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्व है। इस स्थल को रमणीक बनाया जाए। पूर्व में जो योजनाएं बनी हैं, उन पर अमल किया जाए।
-जितेंद्र स्वरूप शर्मा फौजी, समाजसेवी