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हाथरस : जिले के दर्जनों गांवों में बिजली विभाग को पहुंच रहा रेवेन्यू का नुकसान
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हाथरस : ओढ़पुरा बिजली कार्यालय पर बैठक लेते एसई।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के कई गांवों में बिजली विभाग का हर माह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शिकायतें मिल रही हैं कि ग्रामीणों ने मीटर की केबल निकाल दी हैं और अब वह कटिया डालकर बिजली का प्रयोग कर रहे हैं। मंगलवार को अधीक्षण अभियंता पवन कुमार अग्रवाल ने बिलिंग एजेंसी के रीडरों के साथ ओढ़पुरा बिजली कार्यालय में बैठक की। बिलिंग के प्रतिशत को बढ़ाने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि बिजली निगम की यह मंशा है कि जितनी बिजली दी जाए,, महकमे को उतना राजस्व भी मिल सके। इसके तहत जिले के ग्रामीण अंचल में मीटर लगाए गए, ताकि लोगों के रीडिंग के हिसाब से बिल बन सकें। जिले के कई गांवों में लोगों ने मीटरों की केबल को काट दिया है। कुछ लोगों ने मीटर भी उतारकर रख लिए हैं। बिलिंग एजेंसी के कर्मी रीडिंग के लिए जाते हैं तो मीटर शोपीस के चलते लौट आते हैं। लोग आराम से कटिया डालकर बिजली जला रहे हैं।
इस कारण बिजली चोरी का ग्राफ भी 60 प्रतिशत पर पहुंच गया है और बिलिंग का प्रतिशत गिर रहा है। इसी संदर्भ में मंगलवार को अधीक्षण अभियंता पवन कुमार अग्रवाल ने बिलिंग एजेंसी के कर्मियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में लोगों ने मीटर की केबल निकाल दी है। ऐसे लोगों की सूचना संबंधित एसडीओ व जेई को दें, ताकि उनकी केबल को जुड़वाकर रीडिंग के हिसाब से बिल बन सकें। एसई ने लोगों को समय पर सही बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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जिले के कई गांवों में बिजली विभाग का हर माह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शिकायतें मिल रही हैं कि ग्रामीणों ने मीटर की केबल निकाल दी हैं और अब वह कटिया डालकर बिजली का प्रयोग कर रहे हैं। मंगलवार को अधीक्षण अभियंता पवन कुमार अग्रवाल ने बिलिंग एजेंसी के रीडरों के साथ ओढ़पुरा बिजली कार्यालय में बैठक की। बिलिंग के प्रतिशत को बढ़ाने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि बिजली निगम की यह मंशा है कि जितनी बिजली दी जाए,, महकमे को उतना राजस्व भी मिल सके। इसके तहत जिले के ग्रामीण अंचल में मीटर लगाए गए, ताकि लोगों के रीडिंग के हिसाब से बिल बन सकें। जिले के कई गांवों में लोगों ने मीटरों की केबल को काट दिया है। कुछ लोगों ने मीटर भी उतारकर रख लिए हैं। बिलिंग एजेंसी के कर्मी रीडिंग के लिए जाते हैं तो मीटर शोपीस के चलते लौट आते हैं। लोग आराम से कटिया डालकर बिजली जला रहे हैं।
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इस कारण बिजली चोरी का ग्राफ भी 60 प्रतिशत पर पहुंच गया है और बिलिंग का प्रतिशत गिर रहा है। इसी संदर्भ में मंगलवार को अधीक्षण अभियंता पवन कुमार अग्रवाल ने बिलिंग एजेंसी के कर्मियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में लोगों ने मीटर की केबल निकाल दी है। ऐसे लोगों की सूचना संबंधित एसडीओ व जेई को दें, ताकि उनकी केबल को जुड़वाकर रीडिंग के हिसाब से बिल बन सकें। एसई ने लोगों को समय पर सही बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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