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हाथरस : धक्का परेड बसों में मुिश्कलों भरा सफर
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हाथरस : रोडवेज कार्यशाला में खड़ीं बसें।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस डिपो की बस में यदि आप बैठ रहे हैं तो संभलकर बैठें, क्योंकि बीच रास्ते में डिपो की बसें कहीं भी धोखा दे सकती हैं। हो सकता है कि आपको बस में धक्का भी लगाना पड़ जाए। सामान के अभाव में बसें बीच रास्ते में खड़ी हो रही हैं। इससे डिपो की आमदनी का ग्राफ गिर रहा है और यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है, लेकिन रोडवेज अफसर इससे अनजान हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 83 बसें हैं, लेकिन इनमें से कई बसों की हालत मरम्मत और रखरखाव के अभाव में बेहद खस्ता हो गई है। होली स्पेशल परिचालन में तो डिपो अधिकारियों ने जैसे-तैसे काम चला लिया, लेकिन अब सहालगों से पहले इन बसों की बदहाली डिपो की आय पर ग्रहण लगा सकती है।
डिपो की अधिकांश बसें बैटरी व सेल्फ के अभाव में धक्का परेड हैं। इसके अलावा बसों में इंजन में भी कई खामियां हैं। इस कारण यह बसें आए दिन बीच रास्ते में धोखा दे रही हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। डिपो की आमदनी पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। डिपो की एक दर्जन से अधिक बसों के पहिये वर्तमान में सामान की कमी के कारण थमे हुए हैं। हाथरस डिपो की एआरएम शशी रानी का कहना है कि बसों में खामियां आती रहती हैं। उनको समय-समय पर सही कराके रूट पर चलाया जाता है।
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हाथरस डिपो की बस में यदि आप बैठ रहे हैं तो संभलकर बैठें, क्योंकि बीच रास्ते में डिपो की बसें कहीं भी धोखा दे सकती हैं। हो सकता है कि आपको बस में धक्का भी लगाना पड़ जाए। सामान के अभाव में बसें बीच रास्ते में खड़ी हो रही हैं। इससे डिपो की आमदनी का ग्राफ गिर रहा है और यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है, लेकिन रोडवेज अफसर इससे अनजान हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 83 बसें हैं, लेकिन इनमें से कई बसों की हालत मरम्मत और रखरखाव के अभाव में बेहद खस्ता हो गई है। होली स्पेशल परिचालन में तो डिपो अधिकारियों ने जैसे-तैसे काम चला लिया, लेकिन अब सहालगों से पहले इन बसों की बदहाली डिपो की आय पर ग्रहण लगा सकती है।
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डिपो की अधिकांश बसें बैटरी व सेल्फ के अभाव में धक्का परेड हैं। इसके अलावा बसों में इंजन में भी कई खामियां हैं। इस कारण यह बसें आए दिन बीच रास्ते में धोखा दे रही हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। डिपो की आमदनी पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। डिपो की एक दर्जन से अधिक बसों के पहिये वर्तमान में सामान की कमी के कारण थमे हुए हैं। हाथरस डिपो की एआरएम शशी रानी का कहना है कि बसों में खामियां आती रहती हैं। उनको समय-समय पर सही कराके रूट पर चलाया जाता है।
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